
अमेरिका: बच्चों की जिज्ञासा कई बार ऐसी खोज तक पहुंचा देती है, जिसकी कल्पना बड़े-बड़े लोग भी नहीं कर पाते। अमेरिका के नेब्रास्का में छह साल के लियो यंगडाल के साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ। पार्क में घूमते समय उसे एक पत्थर के नीचे अजीब निशान दिखाई दिया। जब विशेषज्ञों ने उसकी जांच की, तो पता चला कि वह करोड़ों साल पुराने एक दुर्लभ समुद्री जीव का जीवाश्म था।
यह घटना नेब्रास्का के श्राम पार्क स्टेट रिक्रिएशन एरिया की बताई जा रही है। लियो अपने परिवार के साथ वहां आयोजित ‘रॉक्स एंड रिक्रिएशन’ कार्यक्रम में पहुंचा था। उसे पहले से ही जीवाश्म इकट्ठा करने का शौक था। पार्क में घूमते हुए उसकी नजर एक बड़े पत्थर पर पड़ी। उत्सुकतावश उसने पत्थर को पलटकर देखा, तो नीचे एक असामान्य आकृति दिखाई दी।
यह आकृति सांप की खाल जैसी नजर आ रही थी। लियो को लगा कि यह कोई साधारण निशान नहीं है। वह पत्थर लेकर पार्क की शिक्षा विशेषज्ञ केली इक्यू के पास पहुंचा। इसके बाद विशेषज्ञों ने जब उस निशान को ध्यान से देखा, तो उन्हें एक दुर्लभ जीवाश्म मिलने का पता चला।
क्या था पत्थर के नीचे मिला रहस्यमयी जीव?
जांच में इस जीवाश्म की पहचान ‘कोनुलारिड’ (Conulariid) नामक प्राचीन समुद्री जीव के रूप में की गई। ये जीव करोड़ों साल पहले समुद्र में रहते थे। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, इनका शरीर जेलीफिश जैसे जीवों से मिलता-जुलता था और इनकी बनावट उल्टे पिरामिड जैसी हो सकती थी।
इन जीवों का शरीर काफी मुलायम होने के कारण इनके अवशेषों का जीवाश्म के रूप में सुरक्षित रह जाना असामान्य माना जाता है। यही वजह है कि कोनुलारिड के जीवाश्म वैज्ञानिकों के लिए खास महत्व रखते हैं।
रिपोर्ट के मुताबिक, नेब्रास्का में करीब 55 वर्षों से इस तरह का जीवाश्म मिलने का रिकॉर्ड नहीं था। इसी कारण लियो की खोज को बेहद दुर्लभ बताया जा रहा है। हालांकि, इस खोज को लेकर वैज्ञानिकों की विस्तृत जांच और आधिकारिक जानकारी महत्वपूर्ण है।
घर नहीं ले जा सकेगा छह साल का लियो
इस खोज के बाद लियो के लिए यह पल बेहद खास बन गया। हालांकि, पार्क के नियमों के कारण वह इस जीवाश्म को अपने घर नहीं ले जा सकता। इसके बावजूद उसकी खोज का महत्व कम नहीं हुआ है।
बताया गया है कि इस दुर्लभ जीवाश्म को श्राम एजुकेशन सेंटर में सुरक्षित रखा जाएगा। यहां आने वाले बच्चों और अन्य लोगों को प्राचीन समुद्री जीवन के बारे में जानकारी देने के लिए इसका इस्तेमाल किया जा सकेगा।
लियो की इस खोज से यह भी पता चलता है कि बच्चों की जिज्ञासा और आसपास की चीजों को ध्यान से देखने की आदत कितनी महत्वपूर्ण हो सकती है। जिस पत्थर को दूसरे लोग सामान्य समझकर छोड़ देते, उसी के नीचे छिपे निशान ने छह साल के बच्चे को एक दुर्लभ खोज तक पहुंचा दिया।
सत्या रिपोर्ट डिस्क्लेमर: यह खबर उपलब्ध प्रकाशित रिपोर्टों के आधार पर तैयार की गई है। जीवाश्म की उम्र, दुर्लभता और खोज से जुड़े वैज्ञानिक विवरणों की पुष्टि संबंधित विशेषज्ञों या आधिकारिक संस्थाओं के अभिलेखों से की जानी चाहिए।



