IndiaUttar Pradesh

​भाई सेना में, बहन दारोगा… हत्या के बाद 3 दिन घर में रखा रहा किसान का शव, क्यों नहीं हुआ अंतिम संस्कार?

Moradabad News: मुरादाबाद में किसान कुलदीप सिंह की हत्या के मामले में पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है. वारदात डिलारी थाना क्षेत्र के गोविंदपुर गांव की है. मामूली कहासुनी के बाद किसान को गोली मार दी गई थी. हत्या के बाद परिजनों ने आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग करते हुए अंतिम संस्कार रोक दिया था. करीब तीन दिन तक शव घर में रखा रहा. इस दौरान गांव में तनाव का माहौल बना रहा. हालांकि पुलिस का कहना है कि अंतिम संस्कार में देरी की मुख्य वजह परिवार के उन सदस्यों का इंतजार करना था, जो भारतीय सेना और उत्तर प्रदेश पुलिस में तैनात हैं. आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद परिजनों ने किसान का अंतिम संस्कार कर दिया.

​भाई सेना में, बहन दारोगा… हत्या के बाद 3 दिन घर में रखा रहा किसान का शव, क्यों नहीं हुआ अंतिम संस्कार?

मामूली कहासुनी के बाद किसान को मारी गोली

पुलिस के मुताबिक, घटना 21 अक्टूबर की रात की है. गोविंदपुर गांव में रहने वाले किसान कुलदीप सिंह की गांव के कुछ लोगों से कहासुनी हो गई थी. आरोप है कि इसी विवाद के बाद आरोपियों ने मिलकर कुलदीप की हत्या की साजिश रची. मृतक की पत्नी प्राची की शिकायत के अनुसार, आरोपियों ने कुलदीप के साथ गालीगलौज की. इसके बाद मुख्य आरोपी शैलेंद्र कुमार ने तमंचे से उनके पेट में गोली मार दी. गोली लगने से कुलदीप गंभीर रूप से घायल हो गए. परिजन उन्हें अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया.

हत्या के बाद 3 दिन तक घर में रखा रहा शव

कुलदीप की हत्या के बाद परिजन आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी चाहते थे. परिवार ने मांग की कि आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई होने तक अंतिम संस्कार नहीं किया जाएगा. मृतक की पत्नी प्राची और भाई अरविंद कुमार ने पुलिस से सख्त कार्रवाई की मांग की. अरविंद भारतीय सेना में तैनात हैं, जबकि मृतक की बहन यूपी पुलिस में दारोगा हैं. परिवार के सदस्य उनके घर पहुंचने का इंतजार भी कर रहे थे. इस वजह से कुलदीप का शव तीन दिन तक घर में रखा रहा. इस दौरान परिवार की नाराजगी और आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर इलाके में तनाव की स्थिति बनी रही.

अंतिम संस्कार में देरी की क्या थी वजह?

मामले में स्थानीय स्तर पर यह चर्चा होने लगी कि पुलिस की ओर से FIR दर्ज नहीं किए जाने के कारण परिवार ने अंतिम संस्कार रोक दिया था. हालांकि, पुलिस अधिकारियों ने इस बात को स्पष्ट करते हुए कहा कि घटना के तुरंत बाद ही मामले में FIR दर्ज कर ली गई थी. पुलिस के मुताबिक, अंतिम संस्कार में देरी की मुख्य वजह परिवार के सदस्यों का इंतजार करना था. मृतक के भाई अरविंद कुमार सेना में तैनात हैं और ड्यूटी से घर लौट रहे थे. वहीं परिवार की दूसरी सदस्य और मृतक की बहन, जो यूपी पुलिस में दरोगा हैं, उनके पहुंचने का भी इंतजार किया जा रहा था.

मुख्य आरोपी समेत 3 गिरफ्तार

पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए टीमें गठित की थीं. जांच और जुटाए गए साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने 23 अक्टूबर को मुख्य आरोपी शैलेंद्र कुमार, उसके पिता भूपेंद्र कुमार और उनके रिश्तेदार व साथी प्रदीप कुमार को गिरफ्तार कर लिया. पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से वारदात में इस्तेमाल किया गया 12 बोर का तमंचा, जिंदा कारतूस और खोखा कारतूस बरामद किया. मामले में BNS की धारा 103 , 352, 3 और 61 के साथ आर्म्स एक्ट की संबंधित धाराओं में कार्रवाई की गई है.

contact.satyareport@gmail.com

Leave a Reply