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कानपुर में वीरू सिंह भदौरिया की मौत का मामला: चश्मदीद ने बताया कैसे कार में फंसकर घिसटते रहे, हत्या के आरोप में दो गिरफ्तार

कानपुर में वीरू सिंह भदौरिया की मौत का मामला: चश्मदीद ने बताया कैसे कार में फंसकर घिसटते रहे, हत्या के आरोप में दो गिरफ्तार

कानपुर: उत्तर प्रदेश के कानपुर में वीरू सिंह भदौरिया की कार की टक्कर से हुई मौत के मामले में नया मोड़ आया है। परिजनों और चश्मदीद के आरोपों के बाद पुलिस ने इसे केवल सड़क दुर्घटना का मामला मानने के बजाय हत्या के पहलू से भी जांचना शुरू किया। पुलिस ने इस मामले में दो आरोपियों, राजवीर और पिंटू को गिरफ्तार किया है, जबकि तीसरे आरोपी मेवा यादव की तलाश जारी है। पुलिस ने कथित वारदात में इस्तेमाल की गई कार भी बरामद कर ली है।

चश्मदीद ने बताई घटना की पूरी कहानी

यह घटना 20 अक्टूबर को कानपुर के हनुमंत विहार थाना क्षेत्र में तेजा गुमटी के पास हुई थी। चश्मदीद विक्रम के मुताबिक, वह घटना के समय वीरू सिंह भदौरिया के साथ बाइक पर जा रहा था। रास्ते में दोनों के बीच बातचीत हुई, जिसके बाद विक्रम बाइक से उतरकर पैदल चलने लगा।

विक्रम का आरोप है कि इसी दौरान एक कार ने वीरू को टक्कर मार दी। टक्कर के बाद वीरू के दोनों हाथ कार की विंडशील्ड में फंस गए, लेकिन चालक ने गाड़ी नहीं रोकी। आरोप है कि वीरू कार में फंसे हुए काफी दूर तक घिसटते रहे।

चश्मदीद के मुताबिक, उसने कार का पीछा किया और आसपास मौजूद लोगों ने भी चालक को रुकने के लिए आवाज लगाई, लेकिन गाड़ी नहीं रुकी। इस घटना में वीरू गंभीर रूप से घायल हो गए और बाद में उनकी मौत हो गई।

परिजनों ने जताई पुरानी रंजिश की आशंका

वीरू के परिवार ने आरोप लगाया कि उनकी मौत के पीछे पुरानी दुश्मनी और सोची-समझी साजिश हो सकती है। परिजनों ने पुलिस के सामने अपनी शिकायत रखकर मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की।

शुरुआत में मामला लापरवाही से वाहन चलाने और सड़क दुर्घटना से जुड़ी धाराओं के तहत दर्ज किया गया था। हालांकि, चश्मदीद के बयान और परिजनों की शिकायत के बाद पुलिस ने हत्या के आरोपों के तहत भी कार्रवाई की।

दो आरोपी गिरफ्तार, तीसरे की तलाश

पुलिस ने राजवीर और पिंटू को गिरफ्तार कर लिया है। वहीं, मामले में नामजद तीसरे आरोपी मेवा यादव की तलाश की जा रही है। पुलिस ने घटना में इस्तेमाल की गई कार भी बरामद कर ली है।

अब जांच में यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि घटना वास्तव में पुरानी रंजिश का परिणाम थी या इसके पीछे कोई अन्य वजह थी। आरोपियों की भूमिका और चश्मदीद के बयानों की भी जांच की जा रही है।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट में आठ चोटों का जिक्र

वीरू सिंह भदौरिया की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में उनके शरीर पर कुल आठ चोटें मिलने की बात सामने आई है। रिपोर्ट के अनुसार, सिर पर तीन, सीने के पास दो और चेहरे, पैर तथा बाएं हाथ पर एक-एक चोट दर्ज की गई।

रिपोर्ट के मुताबिक, सिर पर लगी गंभीर चोट मौत का मुख्य कारण बनी। पुलिस इस रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर घटना की परिस्थितियों को स्पष्ट करने में जुटी है।

फिलहाल दो आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है, जबकि तीसरे आरोपी की तलाश जारी है। पुरानी रंजिश के चलते जानबूझकर हत्या किए जाने का आरोप जांच का अहम हिस्सा है। मामले में अंतिम निष्कर्ष जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही सामने आएगा।

सत्या रिपोर्ट डिस्क्लेमर: यह समाचार उपलब्ध मीडिया रिपोर्ट और संबंधित पक्षों के बयानों पर आधारित है। हत्या की साजिश और पुरानी रंजिश से जुड़े आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही होगी।

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