
महोबा: उत्तर प्रदेश के महोबा में सास-ससुर की हत्या के मामले में अदालत ने बहू समेत तीन दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने तीनों पर 10-10 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया। यह वारदात अगस्त 2020 की है, जब एक बुजुर्ग दंपती की उनके घर में ही बेरहमी से हत्या कर दी गई थी।
जिला शासकीय अधिवक्ता दिनेश सिंह के अनुसार, श्रीनगर कस्बे के भैरोगंज मोहल्ले में रहने वाले गंगाधर प्रजापति रेलवे में गैंगमैन के पद से सेवानिवृत्त हुए थे। घटना की रात वह अपनी पत्नी भुवन के साथ कमरे में सो रहे थे। घर के दूसरे कमरे में उनका बेटा प्रेमचंद और बहू अनीता मौजूद थे।
घर आए दो युवकों से जुड़ा था मामला
अभियोजन पक्ष के मुताबिक, घटना से दो दिन पहले अनीता की बहन का देवर देवपाल और उसका मित्र मोहित घर आए थे। पुलिस जांच में सामने आया था कि अनीता और देवपाल के बीच अवैध संबंध थे।
बताया गया कि देर रात गंगाधर ने दोनों को आपत्तिजनक स्थिति में देख लिया था। उन्होंने यह बात अपनी पत्नी भुवन को बताई। अभियोजन के अनुसार, इसी बात को लेकर सास-ससुर की हत्या की साजिश रची गई।
चाकू से हमला कर की गई थी हत्या
अभियोजन पक्ष के अनुसार, गंगाधर और उनकी पत्नी भुवन की चाकू से गला काटकर हत्या कर दी गई थी। मामले की जांच के बाद बहू अनीता, देवपाल और उसके मित्र मोहित को आरोपी बनाया गया। मुकदमे की सुनवाई के दौरान अदालत ने तीनों को दोषी पाया।
अदालत ने सुनाई उम्रकैद
अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश, फास्ट ट्रैक कोर्ट की न्यायाधीश अपर्णा त्रिपाठी-द्वितीय ने तीनों दोषियों को आजीवन कारावास और 10-10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। बताया गया कि तीनों आरोपी जमानत पर बाहर थे। फैसला सुनाए जाने के बाद उन्हें न्यायालय की अभिरक्षा में लेकर जेल भेज दिया गया।
सत्य रिपोर्ट डिस्क्लेमर: यह खबर उपलब्ध अदालती फैसले और अभियोजन पक्ष की जानकारी पर आधारित है।
— सत्य रिपोर्ट



