
पलामू: झारखंड के पलामू जिले में गीता देवी की हत्या के मामले में पुलिस ने 72 घंटे के भीतर चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। महिला का शव घर के पास धान के खेत में मिलने के बाद इलाके में सनसनी फैल गई थी। पुलिस की जांच में मामला लूटपाट से जुड़ा होने की बात सामने आई है।
पलामू के पुलिस अधीक्षक कपिल चौधरी के अनुसार, 20 अक्टूबर की रात गीता देवी दुर्गा पूजा के पंडाल से घर लौट रही थीं। इसी दौरान आरोप है कि उन्हें अगवा कर लिया गया। अगले दिन उनका शव घर के पास स्थित धान के खेत में मिला। घटना की गंभीरता को देखते हुए विशेष जांच टीम गठित की गई थी।
चार आरोपी गिरफ्तार
पुलिस ने इस मामले में नावाबाजार थाना क्षेत्र के राजहरा गांव निवासी दीपरंजन पांडेय उर्फ छोटू, रोहित पांडेय, आकाश शुक्ला उर्फ भूलन शुक्ला और पड़वा थाना क्षेत्र के लोहड़ी गांव निवासी विक्की पासवान उर्फ विकास पासवान को गिरफ्तार किया है।
पुलिस के मुताबिक, दशमी की रात आरोपियों ने लूटपाट की योजना बनाई थी। उनका इरादा राष्ट्रीय राजमार्ग पर वारदात करने का था। इसी दौरान पूजा पंडाल से अकेले लौट रही गीता देवी उनके निशाने पर आ गईं।
गहने लूटने के बाद हत्या का आरोप
पुलिस का कहना है कि आरोपी महिला को खेत की ओर ले गए और उनके आभूषण लूट लिए। आरोप है कि गीता देवी ने उन्हें पहचान लिया और शोर मचाने लगीं। पहचान उजागर होने के डर से आरोपियों ने कथित तौर पर उनके साथ मारपीट की और गला दबाकर हत्या कर दी।
हालांकि, मामले में सामने आए आरोपों की अंतिम पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगी।
दुष्कर्म की आशंका पर भी जांच
महिला के साथ दुष्कर्म किए जाने की आशंका को लेकर भी जांच की जा रही है। पुलिस ने अभी इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। अधिकारियों के अनुसार, पोस्टमार्टम और फॉरेंसिक जांच रिपोर्ट आने के बाद ही इस पहलू पर स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
पुलिस ने क्या-क्या किया बरामद?
पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों की निशानदेही पर दो मोटरसाइकिल, चार एंड्रॉयड मोबाइल फोन, मृतका के आभूषण, खून और मिट्टी लगे कपड़े तथा वारदात में इस्तेमाल की गई रस्सी बरामद करने की जानकारी दी है। बरामद सामान की फॉरेंसिक जांच भी कराई जा रही है।
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों में से कुछ के खिलाफ पहले भी अलग-अलग थानों में मामले दर्ज होने की जानकारी मिली है। हत्याकांड की जांच के लिए गठित विशेष टीम में कई पुलिस अधिकारी और संबंधित थानों के जवान शामिल थे।
सत्य रिपोर्ट डिस्क्लेमर: यह खबर पुलिस की ओर से दी गई जानकारी पर आधारित है। आरोपों की अंतिम पुष्टि जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगी।
— सत्य रिपोर्ट



