
मोगा: पंजाब के मोगा जिले में एक महिला के नाम पर अलग-अलग जन्मतिथियों के साथ तीन पासपोर्ट जारी होने का मामला सामने आया है। आरोप है कि महिला ने कथित तौर पर गलत जानकारी और फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल करके पासपोर्ट बनवाए। मामले का खुलासा उसके पति की ओर से शिकायत किए जाने के बाद हुआ। पुलिस जांच के आधार पर महिला के खिलाफ पासपोर्ट अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है।
पति ने शिकायत में क्या बताया?
पुलिस को दी गई शिकायत में पति ने बताया कि उसकी शादी वर्ष 2013 में हुई थी। शिकायत के मुताबिक, पत्नी का पहला पासपोर्ट शादी से पहले जारी हुआ था, जिसकी वैधता 10 जुलाई 2012 से 9 जुलाई 2022 तक थी। इसमें स्कूल प्रमाणपत्र के आधार पर जन्मतिथि दर्ज होने की बात कही गई है।
इसके बाद महिला का दूसरा पासपोर्ट जारी हुआ, जिसकी वैधता 13 दिसंबर 2019 से 12 दिसंबर 2029 तक बताई गई है। शिकायत के अनुसार, इस पासपोर्ट में जन्मतिथि 27 जुलाई 1991 दर्ज थी।
तीसरे पासपोर्ट में दर्ज थी अलग जन्मतिथि
शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि महिला ने इसके बाद तीसरा पासपोर्ट भी बनवाया। इसकी वैधता 21 सितंबर 2021 से 20 सितंबर 2031 तक बताई गई है। शिकायत में यह भी कहा गया कि फिलीपींस के मनीला से जुड़े दस्तावेजों में महिला की जन्मतिथि 2 अक्टूबर 1999 दर्ज थी।
तीनों पासपोर्ट और संबंधित रिकॉर्ड में दर्ज जानकारियों के बीच अंतर सामने आने के बाद मामले की जांच कराई गई।
पुलिस जांच में क्या सामने आया?
मोगा के जिला पुलिस अधीक्षक को दी गई शिकायत के बाद मामले की जांच डीएसपी स्तर के अधिकारी को सौंपी गई। पुलिस के अनुसार, जांच के दौरान उपलब्ध रिकॉर्ड में महिला की जन्मतिथि 7 अप्रैल 1995 दर्ज मिली।
पुलिस का आरोप है कि महिला ने पासपोर्ट बनवाने के लिए गलत जानकारी दी और कथित तौर पर फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल किया। जांच के आधार पर थाना निहाल सिंह वाला में पासपोर्ट अधिनियम, 1967 की धारा 12 के तहत मामला दर्ज किया गया है।
विदेश में होने के कारण गिरफ्तारी नहीं
थाना प्रभारी के मुताबिक, मामला दर्ज किए जाने के समय महिला विदेश में थी, इसलिए उसकी गिरफ्तारी नहीं हो सकी। पुलिस ने यह भी कहा कि जांच के दौरान यदि किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका सामने आती है, तो उसके खिलाफ भी कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल, मामले में लगाए गए आरोपों की आगे की कानूनी प्रक्रिया के तहत जांच की जाएगी। महिला का पक्ष और अन्य संबंधित दस्तावेज सामने आने के बाद मामले की स्थिति और स्पष्ट हो सकती है।
सत्य रिपोर्ट डिस्क्लेमर: यह खबर पुलिस शिकायत और उपलब्ध जानकारी पर आधारित है। आरोपों की अंतिम पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगी।



