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कैल्शियम​​​ की गोलियों के​​​​​ नाम पर पत्नी को खिलाई गई ऐसी चीज, पेट में दर्द बढ़ा तो सामने आया चौंकाने वाला सच

कैल्शियम​​​ की गोलियों के​​​​​ नाम पर पत्नी को खिलाई गई ऐसी चीज, पेट में दर्द बढ़ा तो सामने आया चौंकाने वाला सच

पुणे, महाराष्ट्र: पति-पत्नी के रिश्ते में शक किस हद तक खतरनाक हो सकता है, इसका एक गंभीर मामला पुणे में सामने आया। पत्नी के चरित्र पर संदेह करने वाले एक व्यक्ति ने कथित तौर पर उसे कैल्शियम की गोलियां बताकर कैप्सूल में ब्लेड के टुकड़े खिला दिए। इस मामले में अदालत ने आरोपी पति को सात साल के कठोर कारावास और 70 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।

आरोपी की पहचान 45 वर्षीय सोमनाथ साधु सपकाल के रूप में हुई है। यह घटना वर्ष 2023 की बताई गई है। आरोप है कि उसने पत्नी को दवा बताकर कैप्सूल के जरिए ब्लेड के टुकड़े खिला दिए, जिससे महिला को गंभीर शारीरिक परेशानी का सामना करना पड़ा।

पेट दर्द बढ़ने पर अस्पताल पहुंची महिला

अक्टूबर 2023 में महिला के पेट में तेज दर्द होने लगा। इस दौरान मल त्याग करते समय दो बार ब्लेड के टुकड़े बाहर निकले। इसके बावजूद उसकी परेशानी कम नहीं हुई। 8 नवंबर को हालत बिगड़ने पर उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया। चिकित्सकीय जांच में उसके पेट में ब्लेड का एक और टुकड़ा होने की जानकारी सामने आई।

जांच के दौरान पति की कथित भूमिका सामने आने के बाद उत्तमनगर पुलिस ने मामला दर्ज किया और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।

पत्नी ने अदालत में आरोपों से किया इनकार

मुकदमे की सुनवाई के दौरान महिला ने अदालत में अपने पति पर लगाए गए आरोपों से इनकार किया। उसने यह भी कहा कि दोनों के बीच विवाद सुलझ गया था। हालांकि, डॉक्टर की गवाही और चिकित्सकीय जांच से मिले साक्ष्य मामले में अहम साबित हुए।

डॉक्टर ने अदालत को बताया कि ब्लेड का टुकड़ा महिला के लिए जानलेवा साबित हो सकता था। सरकारी वकील एडवोकेट पाठक ने सात गवाहों के बयान पेश किए और दलील दी कि चिकित्सा साक्ष्यों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।

अभियोजन पक्ष ने यह आशंका भी जताई कि आरोपी के साथ रहने और उस पर निर्भर होने के कारण महिला ने अदालत में अपना बयान बदल दिया हो सकता है।

अदालत ने सुनाई सात साल की सजा

उपलब्ध साक्ष्यों और गवाहों के बयानों पर विचार करने के बाद अदालत ने आरोपी को दोषी ठहराया। अदालत ने उसे सात साल के कठोर कारावास के साथ 70 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। रिपोर्ट के अनुसार, महिला की आरोपी पर निर्भरता को ध्यान में रखते हुए अदालत ने आजीवन कारावास के बजाय निश्चित अवधि की सजा और जुर्माना उचित माना।

सत्य रिपोर्ट डिस्क्लेमर: यह खबर उपलब्ध मीडिया रिपोर्ट के आधार पर तैयार की गई है। मामले से संबंधित विवरणों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं की गई है।

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