
उज्जैन: मध्य प्रदेश के उज्जैन नगर निगम के एक अधिकारी की थाईलैंड यात्रा चर्चा में आ गई है। सोशल मीडिया पर सामने आई एक पोस्ट में अधिकारी राजकुमार राठौर अपनी पत्नी के साथ मगरमच्छ का मांस चखते नजर आए। मामला सामने आने के बाद नगर निगम ने उनकी विदेश यात्रा से संबंधित अनुमति को लेकर जवाब मांगा है। अब इस मामले में विभागीय जांच और संभावित कार्रवाई को लेकर चर्चा हो रही है।
कौन हैं राजकुमार राठौर?
राजकुमार राठौर उज्जैन नगर निगम में भवन अधिकारी के पद पर कार्यरत हैं। वह वर्तमान में जोन-1, जोन-2 और जोन-3 की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं।
रिपोर्ट के मुताबिक, राठौर ने 19 से 23 अक्टूबर तक छुट्टी ली थी। हालांकि, उनके छुट्टी के आवेदन में विदेश यात्रा का उल्लेख नहीं था। इसके बाद जब उनकी थाईलैंड यात्रा से जुड़ी सोशल मीडिया पोस्ट सामने आई, तो नगर निगम ने इस मामले पर जानकारी मांगी।
मगरमच्छ का मांस खाते नजर आए अधिकारी
विवाद उस समय शुरू हुआ, जब राठौर की पत्नी के सोशल मीडिया अकाउंट पर साझा की गई बताई जा रही एक पोस्ट चर्चा में आई। इसमें राठौर और उनकी पत्नी एक फूड स्टॉल या रेस्तरां में मगरमच्छ का मांस चखते दिखाई देते हैं।
पोस्ट के कैप्शन में थाईलैंड में पहली बार मगरमच्छ का मांस चखने का जिक्र किया गया था। इसके बाद यह मामला सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया।
हालांकि, विवाद का मुख्य प्रशासनिक पहलू मगरमच्छ का मांस खाना नहीं, बल्कि विदेश यात्रा से पहले आवश्यक अनुमति ली गई थी या नहीं, यह है।
विदेश जाने से पहले अनुमति लेना जरूरी
रिपोर्ट के अनुसार, नगर निगम आयुक्त अभिलाष मिश्रा ने बताया कि राजकुमार राठौर से विदेश यात्रा की अनुमति के संबंध में जवाब मांगा गया है। उनके छुट्टी के आवेदन में विदेश जाने की जानकारी नहीं होने के कारण इस पहलू की जांच की जा रही है।
सरकारी सेवा से जुड़े नियमों के तहत विदेश यात्रा के लिए लागू अनुमति संबंधी प्रावधानों का पालन करना जरूरी हो सकता है। यदि जांच में नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होती है, तो संबंधित अधिकारी के खिलाफ विभागीय कार्रवाई पर विचार किया जा सकता है।
अब जांच के नतीजों पर टिकी नजर
फिलहाल मामले में राजकुमार राठौर का पक्ष सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आया है। नगर निगम की ओर से मांगे गए जवाब और जांच के निष्कर्षों के बाद ही स्पष्ट होगा कि विदेश यात्रा के संबंध में किन नियमों का उल्लंघन हुआ और आगे क्या कार्रवाई की जाएगी।
डिस्क्लेमर: यह खबर उपलब्ध मीडिया रिपोर्टों पर आधारित है। अधिकारी के खिलाफ किसी भी संभावित कार्रवाई को जांच के निष्कर्षों से पहले अंतिम नहीं माना जाना चाहिए।
— Satya Report



