Jio IPO Listing: शेयर बाजार में बुधवार को उस पल का इंतजार खत्म हो गया, जिस पर करोड़ों निवेशकों की नजरें टिकी हुई थीं. जियो प्लेटफॉर्म्स के शेयरों ने स्टॉक एक्सचेंज पर अपनी धमाकेदार पारी की शुरुआत कर दी है. कंपनी के 30,200 करोड़ रुपये के इस मेगा IPO ने लिस्ट होते ही निवेशकों की झोली भर दी है. जिन भाग्यशाली निवेशकों को इस IPO में शेयर अलॉट हुए थे, उन्हें पहले ही दिन जोरदार मुनाफा हाथ लगा है. शेयर की लिस्टिंग ठीक वैसी ही मजबूत रही, जैसा अनौपचारिक बाजार से अनुमान लगाया जा रहा था.

1358 रुपये पर लिस्टिंग, एक लॉट पर कितनी कमाई?
कंपनी ने अपने IPO के लिए 1119 रुपये का अपर प्राइस बैंड तय किया था. बुधवार को जब बाजार खुला, तो जियो प्लेटफॉर्म्स का शेयर 21.35 फीसदी के शानदार प्रीमियम के साथ 1358 रुपये पर लिस्ट हुआ. यानी निवेशकों को हर एक शेयर पर सीधे 239 रुपये का तगड़ा फायदा मिला है.
इस IPO का लॉट साइज 12 इक्विटी शेयरों का था. इस हिसाब से देखें तो जिन निवेशकों को एक लॉट भी अलॉट हुआ था, उन्हें लिस्टिंग के साथ ही 2,868 रुपये का सीधा मुनाफा हो गया है. लिस्टिंग से पहले ग्रे मार्केट में इसका प्रीमियम 247 रुपये के आसपास चल रहा था, जिससे 1366 रुपये के करीब लिस्टिंग की उम्मीद जताई जा रही थी. असली लिस्टिंग भी इसी अनुमान के बेहद करीब रही है.
एयरटेल को पछाड़कर नंबर2 की कुर्सी पर कब्जा
इस मजबूत लिस्टिंग के साथ ही भारतीय शेयर बाजार के समीकरण भी बदल गए हैं. जियो प्लेटफॉर्म्स अब अपनी पैरेंट कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड के बाद भारत की दूसरी सबसे वैल्यूएबल कंपनी बन गई है. जियो प्लेटफॉर्म्स का मार्केट कैपिटलाइजेशन करीब ₹12.61 लाख करोड़ के पार पहुंच गया है. मंगलवार को NSE पर भारती एयरटेल का शेयर ₹1,978.80 पर बंद हुआ था और कंपनी का मार्केट कैप लगभग ₹12.35 लाख करोड़ था. जियो की इस उछाल से भारती एयरटेल लिमिटेड अब खिसक कर तीसरे पायदान पर आ गई है.
सब्सक्रिप्शन में बना था ऐतिहासिक रिकॉर्ड
जियो प्लेटफॉर्म्स का ये IPO 21 से 23 अक्टूबर के बीच सब्सक्रिप्शन के लिए खुला था. कंपनी ने तीन दिनों की इस बोली प्रक्रिया में 1,065 से 1,119 रुपये के प्राइस रेंज में शेयर पेश किए थे. ये इश्यू पूरी तरह से 27 करोड़ नए इक्विटी शेयरों का था. इसमें कोई भी ऑफरफॉरसेल शामिल नहीं था.
सब्सक्रिप्शन के दौरान इस IPO ने भारतीय बाजार के पुराने सारे रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिए थे. इसे कुल मिलाकर 22.19 गुना सब्सक्राइब किया गया था. इस इश्यू में करीब 1.4 करोड़ आवेदन आए थे, जिनके जरिए 4.9 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा की बोलियां लगाई गईं. आवेदनों की संख्या से लेकर कुल बोली की रकम तक, ये भारतीय IPO इतिहास का एक नया रिकॉर्ड है. इस जबरदस्त मांग में संस्थागत निवेशकों की सबसे बड़ी भूमिका रही थी, जिनका हिस्सा 70.55 गुना से अधिक भरा गया था.
अब मुनाफा बांधें या लंबे समय के लिए रखें शेयर?
1358 रुपये पर शानदार लिस्टिंग के बाद अब निवेशकों के मन में सबसे बड़ा सवाल यही है कि वे अपना मुनाफा काट लें या शेयर को होल्ड करें. इस पर Nirivantes Research के फाउंडर वरुण एन जोशी ने बेहद स्पष्ट रणनीति सुझाई है. उन्होंने निवेशकों को सलाह दी है कि वे लिस्टिंग के दिन अपना प्रॉफिट जरूर बुक करें.
वरुण एन जोशी का मानना है कि जिस स्तर पर स्टॉक की लिस्टिंग हुई है, वहां इसकी वैल्यूएशन पूरी हो चुकी है. इसके बाद शेयर में तुरंत किसी बड़ी तेजी की संभावना नहीं बनेगी. इसलिए समझदारी इसी में है कि निवेशक एक बार अपना मुनाफा वसूल कर लें. इसके बाद जब बाजार में उतारचढ़ाव के बीच ये शेयर निचले स्तर पर 1200 या 1250 रुपये के भाव पर मिले, तब इसमें दोबारा खरीदारी की जा सकती है.



