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PM मोदी पर बयान देकर घिरे मल्लिकार्जुन खरगे, अब अपनी ही पार्टी के नेता ने उठाए सवाल, बोले- स्पष्टीकरण देना चाहिए

PM मोदी पर बयान देकर घिरे मल्लिकार्जुन खरगे, अब अपनी ही पार्टी के नेता ने उठाए सवाल, बोले- स्पष्टीकरण देना चाहिए

गोधरा, गुजरात: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की विवादित टिप्पणी पर अब उनकी अपनी पार्टी के भीतर से भी सवाल उठने लगे हैं। महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पृथ्वीराज चव्हाण ने कहा है कि खरगे से गलती हुई है और उन्हें अपने बयान पर स्पष्टीकरण देना चाहिए। उन्होंने राजनीतिक नेताओं को अपनी भाषा की मर्यादा बनाए रखने की सलाह भी दी।

चव्हाण ने मंगलवार को गुजरात के गोधरा में पत्रकारों से बातचीत के दौरान यह बात कही। उनके बयान के बाद प्रधानमंत्री मोदी पर खरगे की टिप्पणी को लेकर कांग्रेस के भीतर मतभेद की चर्चा तेज हो गई है।

पटना में खरगे ने क्या कहा था?

विवाद की शुरुआत रविवार को बिहार की राजधानी पटना में आयोजित एक कार्यक्रम से हुई थी। यह कार्यक्रम बिहार के पहले मुख्यमंत्री श्रीकृष्ण सिंह की 139वीं जयंती के अवसर पर आयोजित किया गया था। इस दौरान खरगे ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) में कथित अनियमितताओं का मुद्दा उठाया और इसमें शामिल लोगों को जेल भेजने की बात कही।

कार्यक्रम के दौरान दर्शकों में मौजूद एक व्यक्ति ने टिप्पणी की कि जब तक बगावत नहीं होगी, तब तक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कहीं नहीं जाएंगे। इस पर खरगे ने जवाब देते हुए कहा, “मोदी का बाप भी जाएगा।” उनकी इस टिप्पणी के बाद राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया।

पृथ्वीराज चव्हाण ने क्यों जताई आपत्ति?

खरगे के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए पृथ्वीराज चव्हाण ने कहा कि राजनीतिक दलों के नेताओं को सार्वजनिक मंचों पर सभ्य भाषा का इस्तेमाल करना चाहिए। उनके मुताबिक, किसी नेता से अनजाने में भी अनुचित टिप्पणी हो जाए, तो उसे इस बारे में स्पष्टीकरण देना चाहिए।

चव्हाण ने जोर देकर कहा कि राजनीति में बयान देते समय संयम बरतना जरूरी है। उनके इस बयान को कांग्रेस अध्यक्ष की टिप्पणी से असहमति के तौर पर देखा जा रहा है।

कांग्रेस के लिए क्यों बढ़ सकती है मुश्किल?

प्रधानमंत्री मोदी पर खरगे की टिप्पणी ऐसे समय आई है, जब मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप जारी हैं। इस विवाद में अब खरगे की भाषा भी चर्चा का विषय बन गई है।

विपक्षी दलों को उनके बयान पर सवाल उठाने का मौका मिला है, वहीं पृथ्वीराज चव्हाण की प्रतिक्रिया ने पार्टी के भीतर से भी संयम बरतने की मांग सामने ला दी है। अब देखना होगा कि खरगे इस टिप्पणी पर कोई स्पष्टीकरण देते हैं या नहीं।

सत्य रिपोर्ट डिस्क्लेमर: यह खबर उपलब्ध मीडिया रिपोर्ट और संबंधित नेताओं के बयानों पर आधारित है। बयानों के संदर्भ और पूरे घटनाक्रम की पुष्टि के लिए मूल रिकॉर्ड देखना उचित होगा।

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