
शाहजहांपुर, उत्तर प्रदेश: अपनी कोई सगी बहन नहीं होने का दर्द एक शख्स ने समाजसेवा की ऐसी प्रेरणा बना लिया कि आज 184 लड़कियां उन्हें अपना भाई मानती हैं। उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर के कारोबारी विनय अग्रवाल हर साल जरूरतमंद परिवारों की बेटियों की शादी कराने में मदद करते हैं। उनके इस प्रयास में न जाति की बाधा है और न ही धर्म का अंतर।
रविवार को शाहजहांपुर के खिरनी बाग में आयोजित सामूहिक विवाह समारोह में विनय अग्रवाल ने 101 कन्याओं का विवाह कराया। इनमें 93 हिंदू और आठ मुस्लिम कन्याएं शामिल थीं। हिंदू जोड़ों का विवाह पारंपरिक रीति-रिवाजों से संपन्न हुआ, जबकि मुस्लिम जोड़ों का निकाह काजियों ने पढ़वाया। समारोह में अलग-अलग धार्मिक परंपराओं के अनुसार विवाह की रस्में पूरी की गईं।
मां की सलाह से शुरू हुआ सामूहिक विवाह का सफर
विनय अग्रवाल ने बताया कि उनकी कोई सगी बहन नहीं है और उन्हें हमेशा बहनों की कमी महसूस होती थी। इसी भावना ने उन्हें जरूरतमंद परिवारों की बेटियों की शादी में सहयोग करने के लिए प्रेरित किया। शुरुआत में वह दूसरों की शादियों में पहुंचकर अपनी ओर से मदद किया करते थे। बाद में उनकी मां सरोज अग्रवाल ने उन्हें सामूहिक विवाह समारोह आयोजित करने की सलाह दी।
इसके बाद उन्होंने छोटे स्तर पर यह पहल शुरू की। पहले 11, फिर 21 और उसके बाद 51 कन्याओं का विवाह कराया गया। अब यह संख्या बढ़कर 101 तक पहुंच गई है। विनय का कहना है कि वह भविष्य में इस आयोजन को और बड़े स्तर पर ले जाना चाहते हैं।
उन्होंने बताया कि उनके दिवंगत पिता अशोक अग्रवाल का जन्मदिन रामनवमी के आसपास पड़ता है। इसी अवधि में हर साल सामूहिक विवाह समारोह आयोजित किया जाता है। इस बार विवाह के लिए गांवों में बैठकें कर आवेदन मांगे गए थे। करीब 200 आवेदन मिलने के बाद जरूरतमंद परिवारों की तीन चरणों में जांच की गई और फिर 101 कन्याओं का चयन किया गया।
बेटियों को गृहस्थी शुरू करने के लिए दिया जरूरी सामान
इस आयोजन की खास बात यह रही कि नवविवाहित जोड़ों को केवल विवाह की रस्मों तक सीमित मदद नहीं दी गई, बल्कि नई जिंदगी शुरू करने के लिए जरूरी सामान भी भेंट किया गया। स्थानीय लोगों के मुताबिक, कन्याओं को तैयार कराने के लिए ब्यूटी पार्लर की व्यवस्था की गई और वर-वधुओं को 101 कारों में विवाह स्थल तक लाया गया।
विवाह के बाद प्रत्येक जोड़े को टेलीविजन, फ्रिज, वाशिंग मशीन, पलंग, अलमारी और रोजमर्रा की जरूरत का सामान दिया गया। इसका उद्देश्य नवदंपतियों को गृहस्थी बसाने में शुरुआती आर्थिक परेशानी से राहत देना था।
इस आयोजन में विनय अग्रवाल की पत्नी श्वेता, भाई कुणाल, भाभी नेहा और मां सरोज ने भी अहम भूमिका निभाई। परिवार के सभी सदस्य विवाह की रस्मों और व्यवस्थाओं में जुटे रहे। समारोह में मौजूद लोगों के मुताबिक, पूरे आयोजन का माहौल ऐसा था, जैसे परिवार अपनी ही बेटियों की शादी करा रहा हो।
किसी परिवार पर कर्ज का बोझ न पड़े, इसलिए मिली मदद
समारोह में शामिल 24 वर्षीय मुस्कान की कहानी भी इस पहल के महत्व को सामने लाती है। उसके भाई शाहिद ने बताया कि उनके पिता रिक्शा चलाते हैं और मां पान की दुकान चलाती हैं। परिवार के लिए रोजमर्रा के खर्च पूरे करना भी मुश्किल होता है। ऐसे में बहन की शादी के लिए कर्ज लेना उनकी मजबूरी बन सकता था।
शाहिद ने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि सामूहिक विवाह समारोह में उनकी बहन की शादी पूरे उत्साह के साथ हो रही है और इससे उनके परिवार को बड़ी राहत मिली है।
वहीं, जमुका गांव की पूजा के लिए भी यह दिन खास रहा। दोनों पैरों से दिव्यांग पूजा का विवाह रामनिवास से तय हुआ था, जो खुद भी दिव्यांग हैं। पूजा ने बताया कि दोनों के पास न खेती की जमीन है और न ही नियमित कमाई का कोई साधन। ऐसे में शादी और नई गृहस्थी की शुरुआत करना उनके लिए बड़ी चुनौती थी। सामूहिक विवाह समारोह में विवाह संपन्न होने के बाद दोनों परिवारों में खुशी का माहौल रहा।
अपने खर्च पर करते हैं आयोजन
विनय अग्रवाल के मुताबिक, वह सामूहिक विवाह समारोह के लिए किसी से आर्थिक सहयोग नहीं लेते। कुछ लोगों ने पहले मदद की पेशकश की थी, लेकिन उन्होंने उनसे कहा कि आर्थिक सहायता देने के बजाय वे स्वयं भी जरूरतमंद बेटियों की शादी कराने का प्रयास करें।
शहर के चिकित्सक और समाजसेवी डॉ. सत्य प्रकाश मिश्रा ने भी इस पहल की सराहना की। उन्होंने कहा कि जरूरतमंद परिवारों की 101 बेटियों का विवाह कराना और उन्हें गृहस्थी शुरू करने के लिए जरूरी सामान देना सराहनीय काम है। समाज के अन्य लोगों को भी ऐसी पहल से प्रेरणा लेनी चाहिए।
विनय अग्रवाल की यह कोशिश दिखाती है कि व्यक्तिगत कमी का एहसास भी समाजसेवा की बड़ी वजह बन सकता है। अपनी सगी बहन न होने के बावजूद उन्होंने सैकड़ों बेटियों के साथ भाई का रिश्ता बनाया और जरूरतमंद परिवारों की खुशियों में सहभागी बने।
Satya Report नोट: यह खबर उपलब्ध मीडिया रिपोर्ट के आधार पर तैयार की गई है।



