
कभी एक-दूसरे के बेहद करीब रहे दो लोगों की जिंदगी में जब तीसरे शख्स की एंट्री हुई, तो रिश्तों में शक, जलन और टकराव बढ़ने लगा। मामला इतना आगे बढ़ा कि एक युवक की जान चली गई और उसके शव को पहचान छिपाने के लिए दूर सुनसान इलाके में फेंक दिया गया। आरोपियों को लगा कि उनका राज हमेशा के लिए दफन हो जाएगा, लेकिन एक बच्चे की होमवर्क कॉपी ने पूरी कहानी पलट दी।
सुनसान पुल के नीचे मिला शव
गर्मियों के दिनों में जंगल से गुजर रहे एक कर्मचारी को पुल के आसपास तेज दुर्गंध महसूस हुई। पास जाकर देखने पर उसे नीचे एक युवक का सड़ा-गला शव दिखाई दिया। उसने तुरंत पुलिस को सूचना दी।
मौके पर पहुंची पुलिस ने देखा कि शव एक गठरी में बंधा हुआ था। हालात से आशंका हुई कि युवक की हत्या कहीं और की गई थी और पहचान छिपाने के इरादे से शव को यहां लाकर फेंका गया था।
शव की हालत खराब होने के कारण शुरुआत में उसकी पहचान करना मुश्किल था। पुलिस ने आसपास के इलाके में पूछताछ की और घटनास्थल की बारीकी से तलाशी ली। इसी दौरान शव से कुछ दूरी पर एक बैग मिला। उसमें कुछ निजी सामान के साथ एक स्कूली बच्चे की होमवर्क कॉपी भी रखी थी।
जांच कर रही टीम को उस समय अंदाजा नहीं था कि यही कॉपी इस मामले की सबसे अहम कड़ी साबित होगी।
कॉपी पर मिले हस्ताक्षर से मिला पहला सुराग
कॉपी के एक पन्ने पर शिक्षक के हस्ताक्षर थे। पुलिस ने उस नाम के शिक्षक की तलाश शुरू की और आसपास के जिलों के स्कूलों तक जानकारी पहुंचाई।
आखिरकार एक शिक्षक तक पुलिस पहुंच गई। उन्होंने कॉपी पहचान ली और बताया कि वह उनके स्कूल में पढ़ने वाले एक बच्चे की थी। इस जानकारी के आधार पर पुलिस उस बच्चे के परिवार तक पहुंची।
बच्चे की मां अपने बेटे के साथ रहती थी, लेकिन जब पुलिस उसके घर पहुंची तो वहां ताला लगा मिला। पड़ोसियों से पूछताछ में पता चला कि मां और बेटा कई दिनों से गायब थे।
पुलिस को यह भी जानकारी मिली कि महिला की जिंदगी में एक पुराना परिचित काफी अहम भूमिका निभा रहा था। उसने महिला को रहने के लिए महंगा मकान, कार, सोने के गहने और अन्य कीमती सामान दिलाया था। इसी जानकारी ने जांच का रुख उस व्यक्ति की ओर मोड़ दिया।
रिश्तों के बीच आया तीसरा शख्स
जांच में सामने आया कि महिला और उसका पुराना प्रेमी बचपन से एक-दूसरे को जानते थे। समय के साथ दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ी थीं, लेकिन बाद में महिला की शादी हो गई और दोनों अलग-अलग जिंदगी जीने लगे।
कई साल बाद महिला अपने पति से अलग होकर फिर उस पुराने परिचित के करीब आ गई। उसने महिला की आर्थिक मदद की और उसके रहने-खाने से लेकर कई महंगे खर्च उठाए।
सब कुछ ठीक चलता दिखाई दे रहा था, लेकिन महिला की जिंदगी में एक अन्य युवक की एंट्री हो गई। सोशल मीडिया पर शुरू हुई बातचीत धीरे-धीरे नजदीकियों में बदल गई। दोनों फोन पर लंबी बातें करने लगे और मिलने भी लगे।
जब पुराने प्रेमी को इस नए रिश्ते के बारे में पता चला तो दोनों के बीच तनाव बढ़ गया। उसने महिला से साफ कहा कि वह दोनों में से किसी एक को चुने। महिला ने कुछ समय के लिए नए युवक से दूरी बनाने की कोशिश की, लेकिन वह युवक उससे मिलने आता रहा।
एक मुलाकात के दौरान पुराने प्रेमी और नए युवक के बीच विवाद भी हुआ। इसके बाद हालात और बिगड़ गए।
मिलने के बहाने बुलाया गया
पुलिस की जांच के मुताबिक, पुराने प्रेमी ने अपने एक दोस्त के साथ मिलकर युवक को रास्ते से हटाने की योजना बनाई। महिला भी इस योजना में शामिल हो गई।
एक दिन महिला ने नए प्रेमी को मिलने के लिए अपने घर बुलाया। उसे अंदाजा नहीं था कि वहां पहले से उसके लिए खतरा इंतजार कर रहा है।
पुलिस के अनुसार, घर पहुंचने के बाद युवक पर हमला किया गया और उसकी हत्या कर दी गई। इसके बाद शव को ठिकाने लगाने की योजना बनाई गई। आरोपियों ने शव के साथ कुछ सामान भी एक बैग में रख दिया, ताकि उसे दूर ले जाकर फेंका जा सके।
उन्हें उम्मीद थी कि सुनसान जंगल में शव मिलने के बावजूद पुलिस उन तक नहीं पहुंच पाएगी। लेकिन घटनास्थल पर छोड़ी गई होमवर्क कॉपी उनकी योजना पर भारी पड़ गई।
मोबाइल की लोकेशन ने बढ़ाया शक
कॉपी से मिले सुराग के बाद पुलिस ने महिला और उसके पुराने परिचित के बारे में जानकारी जुटाई। उनके मोबाइल फोन की लोकेशन की जांच की गई तो पता चला कि जिस अवधि में शव को सुनसान इलाके में फेंके जाने की आशंका थी, उस दौरान दोनों की मौजूदगी भी उसी क्षेत्र में दर्ज हुई थी।
महिला के फोन की जांच में एक अन्य युवक से लगातार बातचीत के संकेत मिले। बाद में उस नंबर की पहचान लापता युवक से जुड़ी पाई गई।
जब उसके परिवार से संपर्क किया गया तो पता चला कि वह काम के सिलसिले में घर से निकला था, लेकिन उसके बाद वापस नहीं लौटा। परिवार को बुलाकर शव से जुड़ी चीजें दिखाई गईं। उन्होंने कपड़ों और अन्य सामान के आधार पर युवक की पहचान की।
अब पुलिस के सामने हत्या की गुत्थी सुलझाने के लिए कई अहम कड़ियां जुड़ चुकी थीं।
पूछताछ में सामने आई पूरी कहानी
पुलिस ने तकनीकी जांच की मदद से संदिग्धों की तलाश शुरू की। आखिरकार महिला, उसका पुराना प्रेमी और उसका एक दोस्त पुलिस की पकड़ में आ गए।
शुरुआत में तीनों ने मृतक को जानने से इनकार किया। लेकिन पुलिस ने जब फोन पर हुई बातचीत और अन्य डिजिटल साक्ष्यों से जुड़े सवाल किए, तो जांच के मुताबिक महिला ने घटना में अपनी भूमिका स्वीकार कर ली। इसके बाद पुराने प्रेमी और उसके दोस्त की भूमिका भी सामने आई।
पुलिस ने हत्या में इस्तेमाल किए जाने का संदेह वाला सामान और शव को ले जाने में प्रयुक्त वाहन भी बरामद करने की बात कही। तीनों को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
एक छोटी-सी कॉपी ने बदल दी जांच की दिशा
इस मामले में सबसे अहम मोड़ वह स्कूली कॉपी बनी, जिसे आरोपियों ने दूसरे सामान के साथ फेंक दिया था। उन्हें शायद लगा था कि वह भी बाकी चीजों की तरह बेकार साबित होगी, लेकिन उस पर शिक्षक के हस्ताक्षर मौजूद थे।
उन्हीं हस्ताक्षरों से स्कूल का पता चला, स्कूल से बच्चे की पहचान हुई और फिर पुलिस बच्चे की मां तक पहुंची। इसके बाद मोबाइल लोकेशन, बातचीत और दूसरे साक्ष्यों ने जांच को आगे बढ़ाया।
जिस मामले में शुरुआत में मृतक की पहचान तक मुश्किल लग रही थी, उसमें एक साधारण कॉपी ने जांच की दिशा बदल दी। रिश्तों में पैदा हुआ तनाव आखिरकार एक युवक की मौत और तीन लोगों की गिरफ्तारी तक जा पहुंचा।
सत्य रिपोर्ट की टिप्पणी: यह पुरानी घटना उपलब्ध मीडिया रिपोर्टों और जांच में सामने आए आरोपों पर आधारित है। आपराधिक आरोपों और संबंधित व्यक्तियों की भूमिका को अंतिम न्यायिक निष्कर्ष के संदर्भ में ही देखा जाना चाहिए।
— Satya Report



