
पटना, बिहार: बिहार के पथ निर्माण विभाग ने कटिहार के ठेकेदार अमित कुमार गुप्ता के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए उनके ठेकेदारी लाइसेंस को 10 साल के लिए ब्लैकलिस्ट कर दिया है। आरोप है कि सड़क मरम्मत के काम का टेंडर हासिल करने के लिए ठेकेदार ने फर्जी वर्क सर्टिफिकेट जमा किया था। दूसरे राज्य के विभाग से प्रमाण पत्र का सत्यापन कराने पर कथित गड़बड़ी सामने आई, जिसके बाद यह कार्रवाई की गई।
दूसरे राज्य में जांच कराने पर सामने आया मामला
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, मामला दरभंगा में दिल्ली मोड़ से बनवरापट्टी तक सड़क मरम्मत कार्य से जुड़ा है। इस काम के लिए ठेकेदार की ओर से कार्य अनुभव से संबंधित प्रमाण पत्र प्रस्तुत किया गया था।
बताया गया है कि पथ प्रमंडल जयनगर के कार्यपालक अभियंता ने 10 जुलाई 2026 को इस संबंध में रिपोर्ट दी थी। प्रमाण पत्र की सत्यता जांचने के लिए इसे पश्चिम बंगाल के जलपाईगुड़ी स्थित लोक निर्माण विभाग (PWD) के पास सत्यापन के लिए भेजा गया।
रिपोर्ट के अनुसार, जलपाईगुड़ी PWD ने जांच के बाद प्रमाण पत्र को फर्जी बताया। इसके बाद बिहार के पथ निर्माण विभाग ने मामले पर कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की।
10 साल तक ब्लैकलिस्ट रहेंगे ठेकेदार
विभाग ने उपलब्ध रिपोर्ट और सत्यापन के आधार पर ठेकेदार अमित कुमार गुप्ता को गलत जानकारी देने और विभाग को गुमराह करने के मामले में दोषी माना। इसके बाद उनके ठेकेदारी लाइसेंस को 10 वर्षों के लिए ब्लैकलिस्ट करने का आदेश जारी किया गया।
इस कार्रवाई का असर ठेकेदार की सरकारी निर्माण कार्यों में भागीदारी पर पड़ेगा। हालांकि, ब्लैकलिस्ट किए जाने से जुड़े आदेश की विस्तृत शर्तों और उसके दायरे की जानकारी आधिकारिक दस्तावेज से स्पष्ट होगी।
Satya Report नोट: यह खबर उपलब्ध मीडिया रिपोर्ट के आधार पर तैयार की गई है। कार्रवाई और प्रमाण पत्र से जुड़े विवरण संबंधित विभाग के आदेश एवं आधिकारिक रिकॉर्ड के अनुसार देखे जाने चाहिए।



