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भारी​​​ छूट के चक्कर में खाली हो सकता है बैंक खाता, ऑनलाइन खरीदारी से पहले इन संकेतों को न करें नजरअंदाज​​​​

भारी​​​ छूट के चक्कर में खाली हो सकता है बैंक खाता, ऑनलाइन खरीदारी से पहले इन संकेतों को न करें नजरअंदाज​​​​

नई दिल्ली: ऑनलाइन शॉपिंग के बढ़ते चलन के बीच साइबर ठग भी लोगों को फंसाने के नए तरीके अपना रहे हैं। नकली वेबसाइट, फर्जी डिस्काउंट और संदिग्ध लिंक के जरिए ग्राहकों से पैसे और बैंकिंग संबंधी जानकारी चुराई जा रही है। कई बार नामी कंपनियों जैसी दिखने वाली वेबसाइट पर बेहद सस्ते सामान का लालच देकर लोगों को भुगतान करने के लिए उकसाया जाता है।

बेहद सस्ते ऑफर के पीछे छिपा हो सकता है धोखा

साइबर ठग अपनी वेबसाइट पर महंगे मोबाइल, ब्रांडेड कपड़े, जूते और इलेक्ट्रॉनिक सामान सामान्य कीमत से काफी कम दाम पर दिखाते हैं। इसके साथ ही सीमित समय का ऑफर या स्टॉक खत्म होने जैसी चेतावनी दी जाती है, ताकि ग्राहक बिना जांच-पड़ताल किए तुरंत खरीदारी कर लें।

ऐसे मामलों में भुगतान करने के बाद सामान नहीं पहुंचता या वेबसाइट अचानक बंद हो जाती है। कुछ फर्जी साइटें ग्राहकों से कार्ड और अन्य भुगतान संबंधी जानकारी हासिल करने की कोशिश भी करती हैं।

असली जैसी दिखती हैं फर्जी वेबसाइटें

ठग कई बार नामी ई-कॉमर्स कंपनियों की वेबसाइट जैसी दिखने वाली नकली साइट तैयार करते हैं। उनके वेब पते में मामूली बदलाव हो सकता है, जिसे जल्दबाजी में पहचानना मुश्किल होता है। इसलिए किसी अनजान लिंक पर क्लिक करने के बजाय कंपनी की आधिकारिक वेबसाइट या ऐप खोलकर ही खरीदारी करना बेहतर है।

वेबसाइट पर ताला या HTTPS का निशान होना अपने आप में उसकी विश्वसनीयता की गारंटी नहीं है। खरीदारी से पहले वेबसाइट का पूरा पता, संपर्क विवरण, रिटर्न पॉलिसी और स्वतंत्र ग्राहक समीक्षाएं भी जांचें।

इन गलतियों से बचें

  • असामान्य छूट पर सावधान रहें: अगर महंगा सामान बहुत कम कीमत पर मिल रहा है, तो ऑफर की प्रामाणिकता जांचें।
  • अनजान लिंक से खरीदारी न करें: संदेश, ईमेल या सोशल मीडिया पर मिले संदिग्ध लिंक के बजाय आधिकारिक ऐप या वेबसाइट खोलें।
  • ओटीपी और यूपीआई पिन साझा न करें: किसी व्यक्ति के साथ अपना ओटीपी, कार्ड का सीवीवी या यूपीआई पिन साझा न करें।
  • भुगतान के तरीके जांचें: अनजान वेबसाइट पर जल्दबाजी में भुगतान न करें। केवल कैश ऑन डिलीवरी का विकल्प होना भी वेबसाइट के असली होने का प्रमाण नहीं है।
  • कंपनी की जानकारी देखें: वेबसाइट का पता, ग्राहक सहायता और वापसी की शर्तों की जांच करें। केवल वेबसाइट पर मौजूद प्रशंसात्मक समीक्षाओं पर भरोसा न करें।

ऑनलाइन ठगी हो जाए तो तुरंत क्या करें?

अगर फर्जी वेबसाइट पर भुगतान कर दिया है या बैंकिंग जानकारी साझा हो गई है, तो तुरंत अपने बैंक या संबंधित भुगतान सेवा से संपर्क करें। जरूरत पड़ने पर कार्ड ब्लॉक करवाएं और खाते की गतिविधियों पर नजर रखें।

भारत में साइबर वित्तीय ठगी की शिकायत के लिए 1930 हेल्पलाइन पर जल्द संपर्क करें। शिकायत आधिकारिक राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल https://cybercrime.gov.in पर भी दर्ज की जा सकती है। बैंक से संपर्क करने और शिकायत दर्ज कराने में देरी न करें, क्योंकि जल्द कार्रवाई से रकम रोकने या वापस पाने की संभावना बेहतर हो सकती है।

सत्य रिपोर्ट डिस्क्लेमर: यह लेख ऑनलाइन ठगी से बचाव के सामान्य उपायों पर आधारित है। किसी भी वेबसाइट पर खरीदारी करने से पहले उसकी विश्वसनीयता और भुगतान संबंधी सुरक्षा की जांच जरूर करें।

contact.satyareport@gmail.com

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