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​स्लिम बॉडी के चक्कर में जान का जोखिम? वजन घटाने के नकली इंजेक्शन से सावधान

सोशल मीडिया स्क्रॉल करते हुए आपने भी ऐसे विज्ञापन देखें होंगे जो बिना एक्सरसाइज, बस एक इंजेक्शन या गोली से 3 महीने में 15 किलो वजन घटाने का दावा करते हैं? क्विक फिक्स के चक्कर में लाखों लोग इन दवाओं को बिना डॉक्टरी प्रिस्क्रिप्शन के ऑनलाइन ऑर्डर कर रहे हैं लेकिन फास्ट वेट लॉस का ये शॉर्टकट आपको ICU तक भी पहुंचा सकता है.

​स्लिम बॉडी के चक्कर में जान का जोखिम? वजन घटाने के नकली इंजेक्शन से सावधान

क्या आप ये जानते हैं वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन और अमेरिकी ड्रग रेगुलेटर ने ऑनलाइन बिकने वाली इन ‘मैजिक पिल्स’ और इंजेक्शंस को लेकर ग्लोबल रेड अलर्ट जारी कर चेताया है कि इंटरनेट पर मिलने वाली वजन घटाने की नकली दवाएं लोगों की जान ले रही हैं.

अचानक क्यों बढ़ा नकली इंजेक्शन का कारोबार?

इंटरनेट पर वेट लॉस इंजेक्शन्स का क्रेज बढ़ा है. लोग धड़ल्ले से उन दवाओं के पीछे भाग रहें हैं, जिनका जिक्र वो सेलिब्रिटी के मुंह से सुनते हैं या अचानक से किसी सेलिब्रिटी को बहुत दुबला देखते हैं. मेडिकली इन्हें GLP1 दवाएं कहते हैं. ये दवाएं शुगर यानी डायबिटीज के मरीजों के लिए बनी थीं, जो पेट को लंबे समय फुल और हंगर कंट्रोल रखती हैं. लोगों ने इसे पतले होने का शॉर्टकट बना लिया.

बाजार में इन दवाओं की डिमांड इतनी बढ़ी कि असली दवाएं बनाने वाली कंपनियां भी सप्लाई पूरी नहीं कर पा रही हैं. इसका फायदा उठाकर इंटरनेट के ब्लैक मार्केट और बिना लाइसेंस वाली फर्जी ऑनलाइन दुकानों का एक बहुत बड़ा नेटवर्क बन गया, जो सोशल मीडिया के बड़े प्लेटफॉर्म पर धड़ल्ले से नकली और मिलावटी दवाएं बेच जान से खिलवाड़ कर रहे हैं.

Image: Pixabay

इंटरनेट की फर्जी दुकानें और खतरनाक दवाएं

अमेरिकी ड्रग रेगुलेटर और WHO की रिपोर्ट्स बताती है, इंटरनेट पर वेट लॉस के नाम पर बिक रही लगभग 50% दवा वेबसाइटें पूरी तरह गैरकानूनी और बिना लाइसेंस के चल रही हैं. बिना डॉक्टर एडवाइज ऑनलाइन मंगाए गए अनअप्रूव्ड वेट लॉस इंजेक्शन के इस्तेमाल से मरीजों की जान पर बन आई. जांच में पाया गया, इन अनऑथराइज्ड ऑनलाइन फार्मेसी के जरिए बेची जा रही नकली दवाओं में असली साल्ट की जगह इंसुलिन मिला दिया गया था, जिसके कारण लोगों को अचानक लो ब्लड शुगर, सीज़र और गंभीर इंफेक्शन हो गया.

भारत में भी पैर पसार रहा ये धंधा

अप्रैल 2026 में ड्रग कंट्रोलर की टीम ने गुरुग्राम में एक गिरोह को पकड़ा जो एक छोटे से कमरे में वजन घटाने के नकली इंजेक्शन बना रहे थे. चीन से नकली पेन और डिब्बे मंगाकर इन्हें इंटरनेट पर बेचा जा रहा था. लैब टेस्ट में पता चला कि इन इंजेक्शन में सिर्फ जहरीला मिलावटी कचरा था, जो सीधे लिवर और किडनी खराब कर सकता है. आजकल बड़े शहरों के कई जिम ट्रेनर, ब्यूटी पार्लर और नकली डायटीशियन शादियों से पहले लड़कियों को ‘3 महीने में दुल्हन जैसी स्लिम बॉडी’ का लालच दे रहे हैं. बिना किसी डॉक्टर की पर्ची के सीधे ब्लैक मार्केट से लाकर ये खतरनाक इंजेक्शन लोगों को लगा रहे हैं.

एक्सपर्ट का क्या है कहना?

डायटीशियन गीतिका चोपड़ा कहती हैं वेट लॉस इंजेक्शन को सामान्य स्लिमिंग प्रोडक्ट समझकर इस्तेमाल नहीं करना चाहिए. सेमाग्लूटाइड और टिरज़ेपेटाइड कुछ लोगों में वजन घटाने में मदद कर सकती हैं, लेकिन मेडिकल जांच और डॉक्टर की निगरानी में ही. बिना प्रिस्क्रिप्शन ऑनलाइन इंजेक्शन मंगाने में नकली या गलत तरीके से स्टोर किया गया प्रोडक्ट मिलने, गलत डोज लेने और साइड इफेक्ट की पहचान में देरी होने का खतरा रहता है. इन दवाओं से उल्टी, डायरिया, कांस्टीपेशन और डिहाइड्रेशन हो सकता है. सीरियस हुआ तो पैंक्रियाटाइटिस और गॉलब्लैडर की प्रॉब्लम भी हो सकती है.सोशल मीडिया पर किसी का ट्रांसफॉर्मेशन देखकर इंजेक्शन लेना सेफ नहीं है

नकली इंजेक्शन से कैसे बचें?

  • डॉक्टर की सलाह के बिना वजन घटाने की दवा शुरू न करें.
  • दवा केवल ऑथराइज्ड और लाइसेंस वाली फार्मेसी से खरीदें.
  • पैकेज पर मैन्युफैक्चरिंग, बैच नंबर, एक्सपायरी डेट और कंडीशन देखें.
  • दवा को लेकर किसी तरह का शक हो तो पहले फार्मासिस्ट या दवा कंपनी से कन्फर्म करें.
  • बहुत सस्ता ऑफर, टू गुड टू बी ट्रू हो तो ये फेक प्रोडक्ट का साइन हो सकता है.
  • इंजेक्शन को मेन्युप्रेक्चरिंग गाइडलाइन्स के हिसाब से स्टोर करें, जैसे सेमाग्लूटाइड के कई इंजेक्शन को फ्रिज में रखना जरूरी होता है.

क्या इंजेक्शन से परमानेंट वेट लॉस?

गीतिका चोपड़ा कहती है, इंजेक्शन कोई मैजिक रेमेडी या गारंटी नहीं हैं. इंजेक्शन बंद करने के बाद भूख बढ़ाने और पुरानी खानपान की आदतें लौटने पर वजन दोबारा बढ़ सकता है. दवा के साथ बैलेंस डाइट, प्रोटीन, फिजिकल एक्टिविटी, स्ट्रेंथ ट्रेनिंग और क्वालिटी स्लीप भी ज़रूरी है. मोटापा जेनेटिक्स, हार्मोन, स्ट्रेस और दूसरी मेडिकल कंडीशन के कारण भी होता है. सबके लिए एक ही डाइट या इंजेक्शन सही नहीं होता. लक्ष्य जल्दी पतला होना नहीं, हेल्दी और कंसिस्टेंट रिजल्ट होना चाहिए.

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