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​SBI का डेटा डार्क वेब पर, आपके बैंक खाते को कितना खतरा?

बैंक के नाम से फोन आए और सामने वाला आपका नाम, मोबाइल नंबर और लोन की जानकारी तक बता दे, तो आप उस पर भरोसा कर सकते हैं. लेकिन यही भरोसा आपको साइबर ठगी का शिकार बना सकता है. भारतीय स्टेट बैंक के कस्टमर्स की इनफॉरमेशन डार्क वेब पर मिलने की खबर के बाद सवाल है कि बैंकिंग डिटेल्स लीक होने पर क्या अकाउंट से पैसे चोरी हो सकते हैं? जरूरी नहीं, लेकिन साइबर क्रिमिनल्स इस जानकारी से आपको निशाना बना सकते हैं.

​SBI का डेटा डार्क वेब पर, आपके बैंक खाते को कितना खतरा?

SBI के मामले में क्या सामने आया?

अक्टूबर 2026 की रिपोर्ट्स के मुताबिक, SBI ने कस्टमर इनफॉरमेशन लीक होने की आशंका की जांच शुरू की. बैंक को 16 अक्टूबर को डेटा उजागर होने का अलर्ट मिला था. शुरुआती जांच में डार्क वेब पर मौजूद करीब 3.75 लाख रिकॉर्ड की पड़ताल हुई. इनमें 3,897 रिकॉर्ड में ग्राहकों की निजी जानकारी मिली. इसमें नाम, मोबाइल नंबर, जन्मतिथि, ईमेल, घर का पता, कस्टमर आइडेंटिफिकेशन नंबर और लोन से जुड़ी डिटेल्स शामिल थीं.

SBI इंडिपेंडेंट साइबर सिक्योरिटी एजेंसी की मदद से पता लगा रहा है कि डेटा कहां से आया और कितना कंप्रोमाइज्ड हुआ. इसका मतलब ये नहीं कि सभी कस्टमर के अकाउंट हैक हुए या पैसे चोरी हो गए.

आपकी डीटेल्स ठगों की चांदी?

साइबर सिक्योरिटी एक्सपर्ट जितेन जैन कहते हैं नाम, फोन नंबर,एड्रेसऔर लोन इनफॉरमेशन से ठग बैंक अधिकारी बनकर भरोसेमंद दिखने वाली कॉल या मैसेज कर सकते हैं. ताकि आपकी लॉगिन डिटेल्स और आइडेंटिटी का इस्तेमाल ठगी के लिए कर सकें.

जैसे कोई फोन करके कहता है आपके लोन या बैंक अकाउंट में समस्या है. आपका नाम बर्थ डीटेल भी बताता है, तो आपको लग सकता है कॉल बैंक से ही आया है. फिर ठग आपसे OTP, पासवर्ड या UPI PIN मांग सकते हैं. आपके बारे में सब सही बता देने का मतलब ये नहीं कि कॉल बैंक से ही आया है.

साइबर सिक्योरिटी एक्सपर्ट जितेन जैन कहते हैं खतरा इस बात पर निर्भर है कि कौनसी जानकारी लीक हुई है. सिर्फ नाम और मोबाइल नंबर से ठग सीधे आपके अकाउंट तक नहीं पहुंच जाते, लेकिन इन डिटेल्स से आपको धोखे में लेने की कोशिश कर सकते हैं.

बैंक के नाम पर फोन आए तो क्या करें?

साइबर सिक्योरिटी एक्सपर्ट मुकेश चौधरी कहते हैं ठग बैंक रिप्रेजेंटेटिव बनकर फोन करके आपसे अकाउंट बंद होने, KYC अपडेट करने या अकाउंट सेफ करने के लिए ऐप डाउनलोड करने को कह सकते हैं.

इसलिए अननोन कॉल पर कोई ऐप डाउनलोड न करें और न ही लिंक खोलें. कुछ ऐप फोन का रिमोट एक्सेस दे सकते हैं, जिससे ठग आपकी निजी जानकारी का गलत इस्तेमाल कर सकते हैं.

संदिग्ध कॉल आने पर फोन काटें और बैंक से खुद संपर्क करें. डेबिट कार्ड पर दिए कस्टमर केयर नंबर या बैंक के आधिकारिक ऐप और वेबसाइट का इस्तेमाल करें. इंटरनेट पर सर्च करके मिले अनजान नंबर पर भरोसा न करें, क्योंकि ठग फर्जी हेल्पलाइन भी चला सकते हैं.

डेटा लीक की खबर पर घबराने नहीं, ये सावधानियां अपनाएं.

  • OTP, PIN और पासवर्ड न बताएं: फोन करने वाला आपकी पर्सनल डीटेल्स जानता हो, तब भी कॉफिडेंशियल डिटेल शेयर न करें.
  • अकाउंट चेक करते रहें: बैंक के SMS और ईमेल अलर्ट चालू रखें. अननोन ट्रांजैक्शन तुरंत बैंक को बताएं.
  • पासवर्ड बदलें: लीक होने का शक हो, तो पासवर्ड बदलें. हर सर्विस के लिए अलग पासवर्ड रखें.
  • कार्ड की लिमिट तय करें: मुकेश चौधरी के कहते हैं इंटरनेशनल ट्रांजैक्शन की जरूरत न हो, तो इसे बंद रखें. ऑनलाइन पेमेंट और ATM से पैसे निकालने की लिमिट जरूरत के हिसाब से तय करें. Tap & Pay इस्तेमाल नहीं करते, तो इसे बंद रखें या इसकी लिमिट कम करें.
  • कार्ड खोने पर ब्लॉक कराएं: कार्ड गुम हो जाए, तो तुरंत बैंक को सूचना दें.
  • पैसे कट जाएं तो कहां शिकायत करें?
  • अकाउंट से बिना परमीशन पैसे कटें, तो तुरंत बैंक को बताएं और शिकायत दर्ज कराएं. साइबर फ्रॉड के मामले में हेल्पलाइन 1930 पर कॉल करें या राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर शिकायत करें.
  • RBI के नियमों के मुताबिक, कुछ मामलों में कस्टमर को अनॉथराइज्ड ट्रांजैक्शन के नुकसान की जिम्मेदारी नहीं उठानी पड़ती. बैंक की गलती होने पर कस्टमर रिस्पॉसिबल नहीं होता. कुछ थर्ड पार्टी फ्रॉड में भी टाइमली कंप्लेन से कस्टमर की रिस्पॉसिबिलिटी जीरो हो जाती है. लेकिन अगर कस्टमर खुद OTP, PIN या दूसरी कॉन्फिडेंशियल इनफॉरमेशन शेयर करता है, तो शिकायत से पहले हुए नुकसान की जिम्मेदारी उस पर आ सकती है.

अकाउंट में संदिग्ध गतिविधि दिखे तो एक्शन लें

साइबर सिक्योरिटी एक्सपर्ट जितेन जैन कहते हैं बैंक की जिम्मेदारी तय करने के लिए यह देखना होगा कि डेटा कैसे लीक हुआ और बैंक ने जरूरी सुरक्षा उपाय अपनाए थे या नहीं.

डेटा लीक होने का मतलब यह नहीं कि आपका पैसा अपने आप खतरे में है. आपकी पर्सनल डीटेल्स से ठग आपका भरोसा जीतने की कोशिश कर सकते हैं. इसलिए किसी कॉल पर सिर्फ इसलिए भरोसा न करें कि सामने वाला आपके बारे में सब जानता है. अकाउंट में संदिग्ध गतिविधि दिखे, तो तुरंत कार्रवाई करें.

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