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तनाव​​​​​​ से परेशान हैं तो कुत्ते-बिल्ली को सहलाना हो सकता है मददगार! वैज्ञानिकों ने अध्ययन में पाया चौंकाने वाला असर

तनाव​​​​​​ से परेशान हैं तो कुत्ते-बिल्ली को सहलाना हो सकता है मददगार! वैज्ञानिकों ने अध्ययन में पाया चौंकाने वाला असर

इंसब्रुक, ऑस्ट्रिया: काम का दबाव, रोजमर्रा की भागदौड़ और कई तरह की चिंताओं के बीच लोग तनाव कम करने के अलग-अलग तरीके अपनाते हैं। लेकिन घर में मौजूद पालतू कुत्ते या बिल्ली के साथ कुछ समय बिताना भी इसमें मददगार हो सकता है। ऑस्ट्रिया के इंसब्रुक विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं के एक अध्ययन में पाया गया कि अपने कुत्ते को सहलाने के बाद लोगों में दोबारा तनाव पैदा करने वाली स्थिति के दौरान कुछ जैविक तनाव संकेत कम दिखाई दिए।

पालतू जानवरों के स्पर्श पर किया गया अध्ययन

यह शोध Biological Psychology नामक वैज्ञानिक पत्रिका में प्रकाशित हुआ। इसमें औसतन लगभग 34 वर्ष की उम्र वाले 64 लोगों—51 महिलाओं और 13 पुरुषों—को शामिल किया गया। शोधकर्ताओं ने यह समझने की कोशिश की कि अपने पालतू कुत्ते के साथ शारीरिक संपर्क तनाव से शरीर की प्रतिक्रिया को किस तरह प्रभावित कर सकता है।

अध्ययन के दौरान प्रतिभागियों को ऐसी गतिविधियां कराई गईं, जिनसे तनाव पैदा हो सकता था। इनमें निर्धारित समय के भीतर सवालों के जवाब देना और गणित के सवाल हल करना शामिल था। एक अभ्यास में प्रतिभागियों को किसी संख्या से एक निश्चित अंतराल पर उल्टी गिनती भी करनी थी।

पांच मिनट तक कुत्ते को सहलाने का मिला मौका

तनाव से जुड़ी पहली गतिविधि के बाद प्रतिभागियों को पांच मिनट का समय दिया गया। इस दौरान वे अपने कुत्ते को छू सकते थे और सहला सकते थे। इसके बाद उन्हें दोबारा तनाव पैदा करने वाले परीक्षण से गुजरना पड़ा।

शोधकर्ताओं ने इलेक्ट्रोकार्डियोग्राफी (ECG) और इलेक्ट्रोएन्सेफेलोग्राफी (EEG) सहित शारीरिक मापों का इस्तेमाल करके प्रतिभागियों की प्रतिक्रियाओं का आकलन किया। इन जांचों से हृदय की विद्युत गतिविधि और मस्तिष्क की विद्युत गतिविधि से संबंधित संकेतों का अध्ययन किया जा सकता है।

दोबारा तनाव के दौरान दिखे कुछ कम जैविक संकेत

अध्ययन में जिन प्रतिभागियों ने बीच के पांच मिनट के दौरान अपने कुत्ते को सहलाया था, उनमें दूसरे तनाव परीक्षण के दौरान कुछ जैविक तनाव संकेत अपेक्षाकृत कम पाए गए। हालांकि, प्रतिभागियों ने खुद अपने तनाव को जितना महसूस किया, उसकी रेटिंग और शरीर में मापे गए बदलावों के बीच स्पष्ट मेल नहीं मिला।

इसका अर्थ है कि तनाव के दौरान शरीर की प्रतिक्रिया और व्यक्ति का अपना अनुभव हमेशा एक जैसा नहीं होता। शोध के निष्कर्ष यह संकेत देते हैं कि पालतू जानवर को सहलाना तनाव से जुड़ी कुछ शारीरिक प्रतिक्रियाओं को प्रभावित कर सकता है।

क्या कुत्ते-बिल्ली को सहलाने से तनाव पूरी तरह खत्म हो जाता है?

इस अध्ययन को तनाव से राहत के संभावित तरीके के रूप में देखा जा सकता है, लेकिन इससे यह साबित नहीं होता कि पालतू जानवरों को सहलाने से तनाव का खतरा पूरी तरह खत्म हो जाता है। अध्ययन में कुत्तों के साथ संपर्क का परीक्षण किया गया था, इसलिए इसके नतीजों को बिल्लियों पर सीधे लागू नहीं किया जा सकता।

फिर भी, अगर किसी व्यक्ति को पालतू जानवरों के साथ समय बिताना अच्छा लगता है, तो उन्हें प्यार से सहलाना और उनके साथ शांत माहौल में कुछ समय बिताना रोजमर्रा की दिनचर्या का सुखद हिस्सा हो सकता है। लगातार या गंभीर तनाव की स्थिति में केवल इसी उपाय पर निर्भर रहने के बजाय जरूरत के अनुसार पेशेवर मदद लेना भी जरूरी है।

सत्य रिपोर्ट डिस्क्लेमर: यह लेख उपलब्ध अध्ययन संबंधी जानकारी के आधार पर तैयार किया गया है। शोध के निष्कर्ष सीमित प्रतिभागियों पर किए गए परीक्षण से जुड़े हैं और इन्हें सभी लोगों पर समान रूप से लागू नहीं माना जाना चाहिए।

contact.satyareport@gmail.com

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