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हल्दी​​​​​​ में चोकर और संदिग्ध रंग मिलाने का आरोप, पटना की फैक्ट्री पर छापा; 24 लाख रुपये के मसाले जब्त

हल्दी​​​​​​ में चोकर और संदिग्ध रंग मिलाने का आरोप, पटना की फैक्ट्री पर छापा; 24 लाख रुपये के मसाले जब्त

पटना, बिहार: बाजार में बिकने वाले मसालों की गुणवत्ता को लेकर पटना में खाद्य सुरक्षा विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। पटना सिटी के मरचा-मरची रोड स्थित शकीरा फूड प्रोडक्ट्स फैक्ट्री में छापेमारी के दौरान करीब 24 लाख रुपये मूल्य के कथित मिलावटी मसाले जब्त किए गए। शुरुआती जांच में हल्दी समेत कई मसालों में मिलावट की आशंका जताई गई है। हालांकि, खाद्य पदार्थों में मिलावट और प्रतिबंधित रंगों के इस्तेमाल की पुष्टि प्रयोगशाला जांच के बाद ही होगी।

हल्दी में चोकर और पिसे चावल मिलाने की आशंका

खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने फैक्ट्री में जांच के दौरान हल्दी में चोकर और पिसे हुए चावल मिलाए जाने की आशंका जताई है। इसके अलावा हल्दी में संदिग्ध रंग मिलाने का आरोप भी सामने आया है। जांच के दौरान मिर्च, गोल मिर्च और धनिया जैसे अन्य मसालों में भी मिलावट की आशंका जताई गई।

फैक्ट्री परिसर में गंदगी और संदिग्ध सामग्री मिलने की बात भी रिपोर्ट में सामने आई है। अधिकारियों ने मौके पर मौजूद मसालों और संबंधित सामग्री की जांच की, ताकि उनकी गुणवत्ता और निर्माण प्रक्रिया से जुड़ी जानकारी जुटाई जा सके।

मसालों को आकर्षक रंग देने के लिए औद्योगिक रंग के इस्तेमाल की आशंका

प्रारंभिक जांच में यह आशंका भी जताई गई कि मसालों को अधिक आकर्षक दिखाने के लिए औद्योगिक रंगों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है। हालांकि, केवल शुरुआती निरीक्षण के आधार पर यह कहना सही नहीं होगा कि मसालों में प्रतिबंधित रंग या अन्य हानिकारक पदार्थ निश्चित रूप से मौजूद थे।

इसकी पुष्टि के लिए खाद्य सुरक्षा विभाग ने अलग-अलग मसालों के नमूने एकत्र किए हैं। प्रयोगशाला रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगा कि इनमें कौन-कौन से पदार्थ मौजूद हैं और खाद्य सुरक्षा मानकों का उल्लंघन हुआ है या नहीं।

शकीरा मसाला ब्रांड के उत्पादों की भी होगी जांच

छापेमारी के दौरान जब्त किए गए मसालों और एकत्र किए गए नमूनों की जांच की जाएगी। रिपोर्ट में शकीरा मसाला ब्रांड के उत्पादों की गुणवत्ता की भी जांच किए जाने की बात कही गई है।

खाद्य सुरक्षा विभाग का उद्देश्य बाजार में उपलब्ध खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता की जांच करना और उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। यदि प्रयोगशाला जांच में मिलावट या खाद्य सुरक्षा नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होती है, तो संबंधित कानूनों के तहत आगे की कार्रवाई की जा सकती है।

रिपोर्ट आने के बाद स्पष्ट होगी आगे की कार्रवाई

फिलहाल मामले में प्रयोगशाला जांच की रिपोर्ट महत्वपूर्ण मानी जा रही है। इससे पता चल सकेगा कि जब्त किए गए मसालों में मिलावट की गई थी या नहीं और यदि ऐसा हुआ, तो उसकी प्रकृति क्या थी।

खाद्य सुरक्षा विभाग की आगे की कार्रवाई जांच के निष्कर्षों और उपलब्ध साक्ष्यों पर निर्भर करेगी। उपभोक्ताओं को भी मसाले खरीदते समय पैकेट पर निर्माण और समाप्ति की तारीख, निर्माता की जानकारी, खाद्य सुरक्षा लाइसेंस तथा पैकेजिंग की स्थिति जांचने की सलाह दी जाती है।

Satya Report डिस्क्लेमर: यह खबर उपलब्ध मीडिया रिपोर्ट के आधार पर तैयार की गई है। फैक्ट्री में मिलावट और संदिग्ध रंगों के इस्तेमाल से जुड़े आरोपों की अंतिम पुष्टि प्रयोगशाला रिपोर्ट और संबंधित जांच के बाद ही होगी।

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