Aligarh News: उत्तर प्रदेश में अलीगढ़ के थाना सिविल लाइन एक बड़ा मामला सामने आया है जहां करीब तीन महीने पहले हुई 84 वर्षीय खान नूर अफरोज की मौत के मामले में शिकायत के बाद प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है. जिलाधिकारी के माध्यम से गठित टीम ने पुलिस और मजिस्ट्रेट की निगरानी में एएमयू कब्रिस्तान से नूर अफरोज का शव कब्र से बाहर निकलवाया. इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया. शव को कब्र से बाहर निकालने की पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी भी कराई गई है. अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पुलिस जांच से ही मौत के कारणों को लेकर स्थिति स्पष्ट हो सकेगी.

जानकारी के मुताबिक, खान नूर अफरोज अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के प्रोफेसर शब्बीर अहमद की पत्नी थीं. करीब तीन महीने पहले 84 वर्षीय नूर अफरोज की मृत्यु हो गई थी. उस समय उनके शव को दफन कर दिया गया था. हालांकि, बाद में उनकी मौत को लेकर सवाल उठाए गए और मामले में हत्या की आशंका जताते हुए शिकायत दर्ज कराई गई. शिकायतकर्ता सुजातुल्लाह शुजातुल्लाह ने मामले की जांच कराने की मांग करते हुए आरोप लगाया कि नूर अफरोज की मौत की परिस्थितियों की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए. शिकायत के आधार पर प्रशासनिक स्तर पर कार्रवाई की गई और शव को कब्र से निकलवाकर पोस्टमार्टम कराने का निर्णय लिया गया.
शिकायतकर्ता के मुताबिक, उन्हें नूर अफरोज की मृत्यु की जानकारी घटना के करीब 15 दिन बाद मिली थी. इसके बाद उन्होंने संबंधित अधिकारियों के समक्ष शिकायत दर्ज कराते हुए मौत के मामले की जांच की मांग की. शिकायतकर्ता ने हत्या की आशंका जताई है. हालांकि, उनकी आशंका की पुष्टि अभी नहीं हुई है और मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट तथा पुलिस जांच के बाद ही हो सकेगा.
पुलिस और मजिस्ट्रेट की निगरानी में निकाला गया शव
शिकायत के बाद जिलाधिकारी के माध्यम से एक टीम गठित की गई. इसके बाद, निर्धारित प्रक्रिया के तहत पुलिस और मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में एएमयू कब्रिस्तान स्थित कब्र को खुलवाया गया और शव को बाहर निकाला गया. पूरी कार्रवाई की वीडियोग्राफी कराई गई, ताकि प्रक्रिया का रिकॉर्ड सुरक्षित रखा जा सके. शव को बाहर निकालने के बाद पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है. अब पोस्टमार्टम के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर यह स्पष्ट करने का प्रयास किया जाएगा कि नूर अफरोज की मृत्यु किन परिस्थितियों में हुई थी.
इस मामले में मृतका की बेटी की ओर से भी गंभीर आरोप लगाए गए हैं. बेटी का कहना है कि उन्हें परेशान किया जा रहा है और शिकायतकर्ता से उनका अब कोई रिश्ता नहीं रहा है. इस तरह मामले में शिकायतकर्ता और मृतका की बेटी के अलगअलग दावे सामने आए हैं. फिलहाल, दोनों पक्षों के दावों और आरोपों के बीच प्रशासनिक कार्रवाई के तहत शव का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है. जांच एजेंसियों के लिए सभी संबंधित तथ्यों और बयानों की निष्पक्ष जांच करना अहम होगा.
पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद सामने आएगा सच
ACM पारितोष मिश्रा जानकारी देते हुए बताया कि मामले में शिकायत प्राप्त होने के बाद जिलाधिकारी के माध्यम से टीम गठित की गई थी. टीम की निगरानी में शव को कब्र से बाहर निकलवाकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है. पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी. करीब तीन महीने बाद कब्र से शव निकाले जाने की कार्रवाई के बाद पूरे मामले में पोस्टमार्टम रिपोर्ट महत्वपूर्ण मानी जा रही है. रिपोर्ट से मृत्यु के कारणों के संबंध में अहम जानकारी मिल सकती है. इसके साथ ही पुलिस शिकायत में लगाए गए आरोपों, संबंधित लोगों के बयानों और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों की जांच करेगी.



