पैकेट में कम चिप्स निकलने पर अब ग्राहक को 8,000 रुपए मिलेंगे. मामला राजस्थान के जयपुर का है. यहां एक ग्राहक को 5 रुपए के Lays चिप्स के पैकेट में तय वजन से काफी कम चिप्स मिले. पैकेट पर 15 ग्राम वजन लिखा था, लेकिन ग्राहक के मुताबिक, उसमें सिर्फ 4 ग्राम चिप्स ही निकले. यानी पैकेट में 11 ग्राम चिप्स कम थे. इस मामले में जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग ने चिप्स बनाने वाली कंपनी पेप्सिको इंडिया को ग्राहक को ₹8,000 मुआवजा और कानूनी खर्च देने का आदेश दिया है. इतना ही नहीं, कंपनी को पैकेट की कीमत ₹5 भी ब्याज के साथ लौटानी होगी. आयोग ने यह फैसला 17 सितंबर 2026 को सुनाया था.

दरअसल, शिकायतकर्ता चंद्रमण जालान ने आरोप लगाया था कि कंपनी ने पैकेट पर जितना वजन लिखा था, चंद्रमण ने 10 नवंबर 2020 को मेट्रो कैश एंड कैरी से घर आए मेहमानों के लिए कई खानेपीने की चीजें खरीदी थीं. इनमें ₹5 का Lays चिप्स का पैकेट भी शामिल था. जब उन्होंने मेहमानों को नाश्ता परोसने के लिए चिप्स का पैकेट खोला, तो उन्हें पैकेट काफी हल्का लगा. इसके बाद उन्होंने चिप्स का वजन किया. उनका दावा था कि पैकेट में सिर्फ 4 ग्राम चिप्स थे, जबकि उस पर 15 ग्राम वजन लिखा हुआ था. जालान ने इसकी शिकायत दुकानदार से की, लेकिन उनका आरोप था कि कोई उचित कार्रवाई नहीं हुई. इसके बाद उन्होंने 6 अप्रैल 2022 को उपभोक्ता आयोग में शिकायत दर्ज कराई.
दुकानदार ने कंपनी पर डाली जिम्मेदारी
मामले की सुनवाई के दौरान दुकानदार ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि उसने ग्राहक को चिप्स का पैकेट उसकी ऑरिजनल पैकिंग में ही बेचा था. पैकेट में वजन कम होने की जिम्मेदारी दुकानदार की नहीं, बल्कि उसे बनाने वाली कंपनी की है. आयोग ने खरीदारी का बिल, हलफनामे और दूसरे दस्तावेजों की जांच की. इसमें पाया गया कि दुकानदार ने न तो चिप्स बनाए थे और न ही पैकेट की पैकिंग के साथ कोई छेड़छाड़ की थी. शिकायतकर्ता भी दुकानदार की किसी अलग गलती का सबूत नहीं दे पाए. इसलिए आयोग ने दुकानदार के खिलाफ शिकायत खारिज कर दी.
पेप्सिको पर लगा 8 हजार रुपए का जुर्माना
सुनवाई के दौरान पेप्सिको इंडिया को नोटिस भेजा गया था, लेकिन कंपनी आयोग के सामने पेश नहीं हुई. इसके बाद 22 जुलाई 2022 को उसके खिलाफ एकतरफा सुनवाई शुरू की गई. कंपनी ने 10 अक्टूबर 2023 को अपने वकील के जरिए इस कार्रवाई को रद्द करने की मांग की थी, लेकिन आयोग ने 8 नवंबर 2023 को उसकी अर्जी खारिज कर दी. इसके बाद आयोग ने कंपनी के खिलाफ मामले में फैसला सुनाया.
जयपुर के जिला उपभोक्ता आयोग ने पेप्सिको को कुल ₹8,000 देने का आदेश दिया है. इसमें ₹5,000 मानसिक परेशानी के मुआवजे के तौर पर और ₹3,000 कानूनी खर्च के रूप में शामिल हैं. इसके अलावा कंपनी को चिप्स के पैकेट की कीमत ₹5 भी लौटानी होगी. इस रकम पर 6% सालाना ब्याज देना होगा, जिसकी गणना 6 अप्रैल 2022 से भुगतान होने तक की जाएगी. कंपनी को आदेश का पालन करने के लिए एक महीने का समय दिया गया है. अगर वह तय समय में ₹8,000 का भुगतान नहीं करती है, तो इस रकम पर भी 17 सितंबर 2026 से भुगतान होने तक 6% सालाना ब्याज देना होगा.


