
भीलवाड़ा, राजस्थान: गांव की बहू जब सरपंच बनी तो परिवार ने ऐसा कदम उठाया, जिसकी चर्चा पूरे इलाके में हो रही है। नई ग्राम पंचायत के पास अपना भवन बनाने के लिए जमीन नहीं थी। ऐसे में नवनिर्वाचित सरपंच की 85 वर्षीय सास ने गांव के हित में अपनी सवा बीघा जमीन दान कर दी। इस भूमि की कीमत करीब 20 लाख रुपये बताई जा रही है।
यह मामला राजस्थान के भीलवाड़ा जिले की कोटड़ी तहसील स्थित अखेपुरा गांव का है। वर्ष 2025 में अखेपुरा को नई ग्राम पंचायत का दर्जा मिला था, लेकिन पंचायत के पास अपना भवन नहीं था। इस वजह से प्रशासनिक कामकाज और ग्राम सभाओं के आयोजन में परेशानी आ रही थी।
गांव की नवनिर्वाचित सरपंच रतनदेवी भवानी जाट ने पंचायत भवन की जरूरत को देखते हुए यह समस्या अपने परिवार के सामने रखी। इसके बाद उनके पति भवानी जाट और परिवार के अन्य सदस्यों ने गांव के लिए निजी जमीन देने पर सहमति जताई।
परिवार की 85 वर्षीय बुजुर्ग रामप्यारी देवी ने भी इस फैसले में पूरा साथ दिया। उन्होंने अपने नाम दर्ज साढ़े तीन बीघा जमीन में से सवा बीघा भूमि ग्राम पंचायत के नाम रजिस्टर्ड करवा दी। इस जमीन की बाजार कीमत करीब 20 लाख रुपये बताई जा रही है।
अब गांव में बनेगा नया पंचायत भवन
जमीन पंचायत के नाम होने के बाद अब नए पंचायत भवन के निर्माण का रास्ता साफ हो गया है। इससे ग्राम पंचायत के प्रशासनिक कार्यों और ग्रामीणों की बैठकों के लिए स्थायी जगह उपलब्ध हो सकेगी।
रामप्यारी देवी और उनके परिवार के इस फैसले की ग्रामीणों ने सराहना की है। गांव में इसे सार्वजनिक हित के लिए उठाया गया सराहनीय कदम माना जा रहा है। खास बात यह है कि सरपंच बनने के बाद रतनदेवी ने पंचायत की जरूरत को परिवार के सामने रखा और उनकी सास ने अपनी निजी संपत्ति का एक हिस्सा गांव के नाम कर दिया।
Satya Report डिस्क्लेमर: यह समाचार उपलब्ध मीडिया रिपोर्टों और भूमि दान से जुड़ी जानकारी पर आधारित है। जमीन की कीमत संबंधित रिपोर्ट में बताई गई अनुमानित बाजार कीमत है।



