
आदिलाबाद, तेलंगाना: बिच्छू के काटने के बाद इलाज कराने सरकारी अस्पताल पहुंचे 27 वर्षीय युवक की मौत ने अस्पताल प्रशासन और पुलिस की भूमिका पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। युवक की पहचान कांबले राहुल के रूप में हुई है। आरोप है कि अस्पताल में डॉक्टर से विवाद के बाद उसे पुलिस थाने ले जाया गया, जहां उसके साथ मारपीट की गई। घर लौटने के बाद राहुल ने फांसी लगाकर जान दे दी। कथित सुसाइड नोट में उसने अस्पताल के स्टाफ और पुलिस पर अपमानित करने तथा मारपीट करने के आरोप लगाए हैं।
पुलिस के मुताबिक, 28 अगस्त की शाम राहुल को बिच्छू ने काट लिया था। इसके बाद वह इलाज के लिए सरकारी RIMS अस्पताल पहुंचा। वहां उसने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए अस्पताल में रिकॉर्डिंग शुरू कर दी। इसी बात को लेकर उसकी डॉक्टर से कहासुनी हो गई। विवाद बढ़ने पर डॉक्टर ने पुलिस को सूचना दे दी।
इसके बाद पुलिस राहुल को थाने ले गई। कुछ समय बाद उसे उसके पिता के हवाले कर दिया गया। घर पहुंचने के बाद राहुल ने आत्महत्या कर ली। पुलिस को मिले कथित सुसाइड नोट में उसने अस्पताल के डॉक्टर और पुलिसकर्मियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
पुलिस ने मारपीट के आरोपों को नकारा
राहुल के परिवार की ओर से लगाए गए आरोपों के बाद पुलिस की भूमिका पर सवाल उठने लगे हैं। हालांकि, पुलिस अधिकारियों ने थाने में राहुल के साथ मारपीट किए जाने के आरोपों को खारिज किया है। उनका कहना है कि इस संबंध में उनके पास घटना से जुड़े वीडियो सबूत भी मौजूद हैं। फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
दलित संगठनों ने किया प्रदर्शन
घटना के बाद दलित संगठनों ने अस्पताल में धरना देकर राहुल के परिवार को न्याय दिलाने की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग उठाई।
परिवार के लिए मुआवजे और नौकरी की मांग
मामले को लेकर राजनीतिक दलों ने भी आवाज उठाई है। बीजेपी विधायक पायल शंकर ने कहा कि राहुल परिवार का कमाने वाला सदस्य था। उन्होंने मामले की समयबद्ध जांच कराने, परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने और 50 लाख रुपये मुआवजा देने की मांग की। बीजेपी और बीआरएस की ओर से भी परिवार को न्याय और आर्थिक सहायता देने की मांग उठाई गई है।
फिलहाल इस मामले में अस्पताल में हुए विवाद, पुलिस थाने में राहुल के साथ कथित व्यवहार और उसकी मौत के बीच की परिस्थितियों की जांच की जा रही है। राहुल के सुसाइड नोट में लगाए गए आरोपों की सच्चाई जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
Satya Report डिस्क्लेमर: यह खबर उपलब्ध मीडिया रिपोर्टों और पुलिस के बयानों के आधार पर तैयार की गई है। मृतक के कथित सुसाइड नोट में लगाए गए आरोपों और पुलिस के पक्ष की स्वतंत्र जांच जारी है। किसी भी पक्ष की जिम्मेदारी जांच और कानूनी प्रक्रिया के बाद ही तय होगी।



