Lucknow News: उत्तर प्रदेश एटीएस ने आतंकी साजिश के एक बड़े नेटवर्क का खुलासा करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि एक नाबालिग को पुलिस निगरानी में लिया गया है. शुरुआती पूछताछ में सामने आया है कि आरोपी पाकिस्तानी हैंडलर राणा भाई के निर्देश पर लखनऊ में किसी पुलिस या सेना के अधिकारी की टारगेट किलिंग की साजिश रच रहे थे. आरोपियों को हत्या की वारदात का वीडियो बनाकर पाकिस्तान भेजने का भी निर्देश दिया गया था. पुलिस ने इनके पास से एक विदेशी पिस्टल और 20 विदेशी कारतूस बरामद किए हैं.

UP ATS की इस कार्रवाई को प्रतिबंधित संगठन शहजाद भट्टी के नेटवर्क से जुड़ी साजिश के खिलाफ बड़ी सफलता माना जा रहा है. ATS अब इस पूरे नेटवर्क के दूसरे सदस्यों, स्थानीय मददगारों और हथियारों की सप्लाई करने वालों की तलाश में जुटी है.
पंजाब से लखनऊ पहुंचे थे तीनों आरोपी
ADG कानून एवं व्यवस्था अमिताभ यश ने बताया कि ATS को सूचना मिली थी कि पाकिस्तानी हैंडलर राणा भाई के निर्देश पर पंजाब के कुछ युवक लखनऊ में पुलिस या सेना के किसी कर्मचारी की हत्या करने की योजना बना रहे हैं. इस इनपुट के आधार पर ATS ने 30 अक्टूबर को लखनऊ में कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया. गिरफ्तार आरोपियों की पहचान पंजाब निवासी गगनदीप सिंह, रजत कुमार और कृष के रूप में हुई है. इनके साथ एक नाबालिग को भी पुलिस निगरानी में लिया गया है. आरोपियों के कब्जे से विदेशी पिस्टल और 20 विदेशी कारतूस बरामद हुए हैं.
इंस्टाग्राम और वॉट्सऐप पर पाकिस्तानी हैंडलर से संपर्क
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम और वॉट्सऐप के जरिए पाकिस्तानी हैंडलर राणा भाई के संपर्क में आए थे. हैंडलर ने उन्हें लखनऊ में किसी पुलिस अधिकारी या सेना के अधिकारी को निशाना बनाने का काम सौंपा था. आरोपियों को निर्देश दिया गया था कि टारगेट किलिंग की घटना को अंजाम देने के बाद उसका वीडियो बनाया जाए और उसे पाकिस्तान भेजा जाए. इस काम के लिए उन्हें लखनऊ आने के लिए आर्थिक मदद भी दी गई थी. वारदात पूरी करने के बाद तीन लाख रुपए देने का लालच दिया गया था.
हत्या के बाद नेपाल भागने की थी योजना
ATS की पूछताछ में यह भी पता चला कि आरोपी वारदात को अंजाम देने के बाद पुलिस से बचने के लिए नेपाल भागने की योजना बना रहे थे. उनके मोबाइल फोन की जांच में संदिग्ध चैट और वीडियो मिले हैं. इसके अलावा संवेदनशील प्रतिष्ठानों की रेकी करने और उनकी लोकेशन पाकिस्तानी हैंडलर को भेजने से जुड़े अहम साक्ष्य भी मिले हैं. ATS के मुताबिक, लखनऊ में नेटवर्क से जुड़े एक अन्य व्यक्ति ने आरोपियों को हथियार और कारतूस उपलब्ध कराए थे. पूछताछ में हथियारों को पाकिस्तान से भेजे जाने की बात भी सामने आई है. वहीं गिरफ्तार आरोपी गगनदीप सिंह के खिलाफ पंजाब में पहले से आर्म्स एक्ट का मुकदमा दर्ज है.
नेटवर्क के दूसरे सदस्यों की तलाश में जुटी ATS
ADG अमिताभ यश ने बताया कि इस साजिश में शामिल अन्य लोगों, स्थानीय सहयोगियों और हथियारों की सप्लाई करने वाले नेटवर्क का पता लगाया जा रहा है. आरोपियों के वित्तीय लेनदेन की भी जांच की जाएगी. इसके लिए पुलिस कस्टडी रिमांड लेने की तैयारी है, ताकि उनसे गहन पूछताछ की जा सके. ATS यह पता लगाने में जुटी है कि पाकिस्तानी हैंडलर के निर्देश पर इस नेटवर्क ने पहले भी किसी संवेदनशील प्रतिष्ठान की रेकी की थी या नहीं. साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि इस साजिश में और कितने लोग शामिल हैं और हथियारों की सप्लाई का पूरा नेटवर्क कहां तक फैला हुआ है?



