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दुनिया​​​ की 7 ऐसी बड़ी चोरियां, जिनकी गुत्थी आज तक नहीं सुलझी, कहीं गायब हुई सैकड़ों ट्रक रेत तो कहीं पूरा हवाई जहाज!

दुनिया में चोरी की कई ऐसी घटनाएं हुई हैं, जिनकी कहानियां सुनकर कोई भी हैरान रह जाए। आमतौर पर चोर सोना, पैसा, गहने या कीमती सामान चुराते हैं, लेकिन कुछ घटनाओं में चोरों ने ऐसी चीजों को निशाना बनाया, जिनके गायब होने की कल्पना करना भी मुश्किल है। एक मामले में समुद्र तट से सैकड़ों ट्रक रेत गायब हो गई, तो दूसरे में एयरपोर्ट पर खड़ा पूरा विमान ही उड़ाकर ले जाया गया।

हैरानी की बात यह है कि इन घटनाओं में से कुछ में आज तक न तो चोरी का सामान मिला और न ही जिम्मेदार लोगों का पता चल पाया। वहीं कुछ मामलों में आरोपी पकड़े गए, लेकिन चोरी की गई बेशकीमती चीजें फिर कभी नहीं मिलीं।

आइए जानते हैं दुनिया की ऐसी ही 7 बड़ी चोरियों के बारे में, जिनकी कहानी आज भी लोगों को हैरान करती है।

1. समुद्र तट से चोरी हो गई सैकड़ों ट्रक रेत

जमैका के ट्रेलॉनी इलाके में वर्ष 2008 में चोरी की एक ऐसी घटना हुई, जिसकी चर्चा पूरी दुनिया में हुई थी। यहां कोरल स्प्रिंग नाम के एक समुद्र तट से सैकड़ों ट्रक सफेद रेत गायब हो गई।

बताया जाता है कि चोरों ने करीब 500 ट्रक भरकर रेत वहां से हटा दी थी। इस रेत का इस्तेमाल एक प्रस्तावित रिसॉर्ट परियोजना के लिए किया जाना था। जब अधिकारियों को इस घटना का पता चला, तो जांच शुरू हुई और शक जताया गया कि रेत को दूसरे रिसॉर्ट या निर्माण परियोजनाओं में बेच दिया गया होगा।

मामला इतना बड़ा था कि इसे लेकर जमैका में राजनीतिक विवाद भी खड़ा हो गया। पुलिस ने जांच की, लेकिन चोरी की रेत कहां गई और इसके पीछे कौन लोग थे, इसका पुख्ता जवाब नहीं मिल सका। इस मामले में कोई गिरफ्तारी भी नहीं हुई।

इस घटना को दुनिया की सबसे अजीब चोरियों में गिना जाता है, क्योंकि यहां कोई छोटा-मोटा सामान नहीं, बल्कि समुद्र तट की सैकड़ों ट्रक रेत गायब हो गई थी।

2. एयरपोर्ट से गायब हो गया पूरा बोइंग 727 विमान

25 मई 2003 को अफ्रीकी देश अंगोला की राजधानी लुआंडा के क्वात्रो डी फेवेरेइरो अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से एक बोइंग 727 विमान अचानक गायब हो गया। इस घटना ने विमानन जगत और जांच एजेंसियों को हैरान कर दिया था।

यह विमान पहले अमेरिकन एयरलाइंस के बेड़े में शामिल था। बाद में इसे एक निजी कंपनी ने खरीद लिया था और डीजल ढोने के लिए तैयार किया जा रहा था। विमान करीब 14 महीने से एयरपोर्ट पर खड़ा था।

घटना वाले दिन यह विमान बिना सामान्य उड़ान अनुमति और निर्धारित उड़ान योजना के उड़ गया। बताया गया कि विमान में दो लोग हो सकते थे, लेकिन उनकी पहचान और उड़ान का वास्तविक उद्देश्य स्पष्ट नहीं हो पाया।

अमेरिका सहित कई एजेंसियों ने विमान की तलाश की। इसके संभावित ठिकानों को लेकर अलग-अलग दावे भी सामने आए, लेकिन न तो विमान मिला और न ही उसके मलबे का कोई पुख्ता सुराग मिला।

आज भी यह मामला दुनिया के सबसे रहस्यमयी विमान गायब होने की घटनाओं में शामिल है।

3. अमेरिका के संग्रहालय से चोरी हो गईं 13 बेशकीमती कलाकृतियां

अमेरिका के बोस्टन शहर में स्थित इसाबेला स्टीवर्ट गार्डनर म्यूजियम में 18 मार्च 1990 को दुनिया की सबसे चर्चित कला चोरियों में से एक हुई थी।

उस रात पुलिस की वर्दी पहने दो लोग संग्रहालय पहुंचे। उन्होंने सुरक्षा कर्मचारियों से कहा कि वे एक शिकायत की जांच करने आए हैं। कर्मचारियों ने उन्हें अंदर आने दिया, लेकिन कुछ ही देर में दोनों ने सुरक्षा गार्डों को काबू में कर लिया।

इसके बाद चोरों ने संग्रहालय से 13 कलाकृतियां चुरा लीं। इनमें रेम्ब्रांट और वर्मीर जैसे प्रसिद्ध कलाकारों की कृतियां भी शामिल थीं। चोरी के समय इनकी कीमत 50 करोड़ डॉलर से अधिक आंकी गई थी।

हैरानी की बात यह है कि चोरों ने संग्रहालय में करीब 81 मिनट बिताए और कई कीमती कलाकृतियों को अपने साथ ले गए। जांच एजेंसियों ने वर्षों तक मामले की पड़ताल की, लेकिन चोरी की गई 13 कलाकृतियां आज तक बरामद नहीं हुईं।

संग्रहालय में आज भी उन खाली फ्रेमों को लगाया गया है, जिनमें कभी ये मशहूर पेंटिंग्स हुआ करती थीं।

4. विमान से कूदकर 2 लाख डॉलर लेकर गायब हो गया शख्स

24 नवंबर 1971 को अमेरिका में एक व्यक्ति ने ‘डैन कूपर’ नाम से हवाई जहाज का टिकट खरीदा। उसने पोर्टलैंड से सिएटल जाने वाली फ्लाइट में सफर शुरू किया। उड़ान के दौरान उसने एक फ्लाइट अटेंडेंट को बताया कि उसके पास बम है और उसने 2 लाख डॉलर की फिरौती के साथ चार पैराशूट की मांग की।

विमान के सिएटल पहुंचने पर यात्रियों को छोड़ दिया गया और उसे मांगी गई रकम तथा पैराशूट दे दिए गए। इसके बाद विमान दोबारा उड़ान पर निकला। कुछ समय बाद उस व्यक्ति ने विमान के पिछले हिस्से से पैराशूट लगाकर छलांग लगा दी।

इसके बाद उसका कोई पता नहीं चला। जांच एजेंसियों ने बड़े स्तर पर तलाश की, लेकिन उसकी पहचान और ठिकाना सामने नहीं आया।

1980 में एक बच्चे को नदी के किनारे फिरौती की रकम के कुछ नोट मिले थे। जांच में उनके नंबर उसी रकम से मेल खाते पाए गए, जो उसे दी गई थी। लेकिन बाकी पैसा और उस व्यक्ति का पता आज तक नहीं चल पाया।

इस मामले को डी.बी. कूपर रहस्य के नाम से जाना जाता है। हालांकि, उसका असली नाम डैन कूपर था और डी.बी. नाम मीडिया की गलती से प्रचलित हुआ था।

5. कनाडा के म्यूजियम से चोरी हुईं 18 पेंटिंग्स और 39 कीमती वस्तुएं

कनाडा के मॉन्ट्रियल म्यूजियम ऑफ फाइन आर्ट्स में 4 सितंबर 1972 को एक बड़ी चोरी हुई थी। तीन नकाबपोश चोर इमारत की छत पर पहुंचे और मरम्मत के दौरान खुली छोड़ी गई रोशनदान की जगह से रस्सी के सहारे अंदर उतर गए।

उन्होंने सुरक्षा कर्मचारियों को काबू में किया और संग्रहालय से 18 पेंटिंग्स तथा 39 अन्य कीमती वस्तुएं चुरा लीं। चोरी की गई कलाकृतियों में रेम्ब्रांट, रूबेन्स और डेलाक्रॉ जैसे प्रसिद्ध कलाकारों की कृतियां शामिल थीं।

चोरों ने कुछ समय बाद चोरी की गई कलाकृतियों के बदले फिरौती मांगने की कोशिश भी की। बातचीत के दौरान एक पेंटिंग वापस मिली, लेकिन बाकी सामान का पता नहीं चला।

इस मामले में कई साल तक जांच हुई, लेकिन चोरों की पहचान नहीं हो सकी। चोरी की गई अधिकतर कलाकृतियां आज भी लापता हैं। इसे कनाडा के इतिहास की सबसे बड़ी कला चोरियों में गिना जाता है।

6. बेल्जियम की डायमंड चोरी, 100 मिलियन डॉलर से ज्यादा के हीरे गायब

फरवरी 2003 में बेल्जियम के एंटवर्प डायमंड सेंटर में एक ऐसी चोरी हुई, जिसे ‘सदी की हीरा चोरी’ भी कहा गया। चोरों ने सुरक्षा के कई इंतजामों को पार करके भूमिगत तिजोरी तक पहुंच बनाई और वहां रखे हीरे, सोना, गहने तथा दूसरी कीमती चीजें चुरा लीं।

चोरी हुए सामान की कीमत 10 करोड़ डॉलर से अधिक बताई गई थी। चोरों ने तिजोरी के कई सुरक्षा इंतजामों को पार किया था। उनकी योजना इतनी सावधानी से बनाई गई थी कि शुरुआत में जांचकर्ताओं के लिए यह समझना मुश्किल हो गया कि वे अंदर कैसे पहुंचे।

हालांकि, जांच के दौरान चोरों की एक गलती सामने आई। उनके द्वारा फेंके गए कचरे में ऐसे सुराग मिले, जिनकी मदद से पुलिस मुख्य आरोपी लियोनार्डो नोटारबार्तोलो तक पहुंच गई। बाद में उसे और उसके कुछ साथियों को सजा भी हुई।

लेकिन इस मामले की सबसे बड़ी पहेली आज भी बाकी है। चोरी हुए ज्यादातर हीरे और कीमती सामान बरामद नहीं किए जा सके। गिरोह के कुछ सदस्यों और पूरी योजना से जुड़े सवाल भी चर्चा का विषय बने रहे।

7. पेरिस के म्यूजियम से चोरी हुईं पिकासो और मातिस की पेंटिंग्स

फ्रांस की राजधानी पेरिस में 20 मई 2010 को म्यूजियम ऑफ मॉडर्न आर्ट से पांच बेहद कीमती पेंटिंग्स चोरी हो गई थीं। इनमें पाब्लो पिकासो, हेनरी मातिस, अमेदियो मोदिग्लियानी, जॉर्ज ब्राक और फर्नां लेजे की कलाकृतियां शामिल थीं।

चोर ने रात के समय संग्रहालय की खिड़की से अंदर प्रवेश किया और पांचों पेंटिंग्स लेकर फरार हो गया। चोरी की गई कलाकृतियों की कीमत करीब 10 करोड़ यूरो आंकी गई थी।

इस मामले में वेरान टोमिक नाम के चोर को गिरफ्तार किया गया। उसे ‘स्पाइडरमैन’ के नाम से भी जाना जाता था। उसके दो सहयोगियों को भी सजा सुनाई गई।

लेकिन कहानी का सबसे रहस्यमयी हिस्सा यह है कि चोरी की गई पांचों पेंटिंग्स आज तक नहीं मिलीं। एक आरोपी ने अदालत में दावा किया था कि उसने डर के कारण पेंटिंग्स कूड़ेदान में फेंक दी थीं, लेकिन जांचकर्ताओं ने इस दावे पर भरोसा नहीं किया।

आज भी यह स्पष्ट नहीं है कि वे बेशकीमती पेंटिंग्स कहां हैं और उनका क्या हुआ।

कुछ चोरियां सुलझीं, लेकिन सामान आज भी गायब है

इन सात घटनाओं में एक बात समान है कि चोरी के बाद कई मामलों में जांच एजेंसियों को वर्षों तक कोई ठोस सुराग नहीं मिला। कहीं चोरों का पता ही नहीं चला, तो कहीं आरोपी पकड़े जाने के बावजूद चोरी की गई चीजें बरामद नहीं हो सकीं।

जमैका की रेत चोरी और अंगोला से गायब हुआ विमान आज भी अनसुलझे मामलों में शामिल हैं। वहीं गार्डनर म्यूजियम, मॉन्ट्रियल और पेरिस की कला चोरियों में भी कई बेशकीमती कलाकृतियां अब तक लापता हैं।

ये घटनाएं दिखाती हैं कि कभी-कभी चोरी करना ही अपराधियों की सबसे बड़ी चुनौती नहीं होती, बल्कि चोरी किए गए सामान को दुनिया की नजरों से हमेशा के लिए छिपा देना जांच एजेंसियों के लिए उससे भी बड़ी पहेली बन जाता है।

— Satya Report

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