
एक युवती के लिए नई नौकरी की तलाश जिंदगी का सबसे मुश्किल दौर बन गई थी। उसे क्या पता था कि जिस संस्थान में वह काम शुरू करने जा रही थी, वहीं का संचालक धीरे-धीरे उसकी जिंदगी पर अपना कब्जा जमाने की कोशिश करेगा। पहले उसने भरोसा जीता, फिर शादी का सपना दिखाया और बाद में उसी भरोसे को कथित तौर पर ब्लैकमेलिंग और शोषण का हथियार बना लिया।
यह कहानी एक ऐसी युवती की थी, जिसने नौकरी के लिए आवेदन किया था, लेकिन कुछ ही समय बाद वह कथित रूप से ऐसे रिश्ते में फंस गई, जहां से निकलना उसके लिए बेहद मुश्किल हो गया।
नौकरी से शुरू हुई थी मुलाकात
युवती की शिकायत के मुताबिक, फरवरी 2021 में उसने एक कोचिंग संस्थान में नौकरी के लिए आवेदन किया था। संस्थान के संचालक ने उसे रिसेप्शनिस्ट के पद पर रख लिया। करीब दो महीने बाद संचालक ने खुद को अविवाहित बताते हुए उसके सामने शादी का प्रस्ताव रखा।
युवती का आरोप था कि शादी का भरोसा देकर आरोपी ने उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए। दिसंबर 2021 में वह उसे अपने साथ लिव-इन रिलेशनशिप में रखने लगा। युवती को उम्मीद थी कि एक दिन दोनों शादी कर लेंगे, लेकिन धीरे-धीरे हालात बदलने लगे।
शादी की बात करने पर सामने आई दूसरी सच्चाई
शिकायत में युवती ने बताया कि जब उसने शादी के लिए दबाव बनाया तो आरोपी ने खुद को शादीशुदा बताया। इसके बाद कथित तौर पर उसे धमकाया जाने लगा। युवती का आरोप था कि आरोपी ने उसकी निजी तस्वीरों के जरिए उसे ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया और उन्हें सार्वजनिक करने की धमकी दी।
उसके मुताबिक, आरोपी उसे नींद की गोलियां देकर नशे की हालत में रखने लगा। साल 2024 में कथित तौर पर उसे नशे की हालत में दूसरे लोगों के साथ जबरन शारीरिक संबंध बनाने के लिए मजबूर किया गया।
आरोपी के भाई और दोस्त पर भी गंभीर आरोप
युवती ने अपनी शिकायत में आरोपी के भाई और एक दोस्त पर भी गंभीर आरोप लगाए थे। उसका कहना था कि जब वह अकेली होती थी, तब दोनों ने उसके साथ जबरदस्ती की। इस दौरान वह खुद को असहाय महसूस करती रही और कथित धमकियों के कारण खुलकर विरोध नहीं कर पा रही थी।
अक्टूबर 2025 में बनाने लगा दूरी
युवती के अनुसार, अक्टूबर 2025 में आरोपी ने बहाने बनाकर उससे दूरी बनानी शुरू कर दी। इसके बाद उसने हिम्मत जुटाई और पूरे मामले की शिकायत पुलिस से की। शिकायत में उसने नौकरी से शुरू हुई मुलाकात, शादी का झांसा, कथित ब्लैकमेलिंग और लंबे समय तक हुए शोषण की पूरी जानकारी दी।
पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी। मामले में लगाए गए आरोपों की पुष्टि जांच और न्यायिक प्रक्रिया के जरिए होनी थी।
यह मामला इस बात की याद दिलाता है कि नौकरी या निजी रिश्ते के नाम पर किसी का भरोसा जीतकर उसका शोषण करना कितना गंभीर अपराध हो सकता है। पीड़िता की पहचान और निजता की रक्षा करना भी उतना ही जरूरी है।
— Satya Report



