
एक युवती की मुलाकात कुछ समय पहले एक परिचित युवक से हुई थी। बातचीत के दौरान दोनों के बीच दोस्ती हो गई। युवती को उस पर भरोसा हो गया था, लेकिन आरोप था कि युवक ने इसी भरोसे का फायदा उठाकर उसके साथ ऐसा बर्ताव किया, जिसने उसकी जिंदगी मुश्किल में डाल दी।
एक दिन युवक ने युवती को मिलने के बहाने बुलाया। आरोप के मुताबिक, जब युवती वहां पहुंची तो युवक ने उसे अकेला पाकर उसके साथ जबरदस्ती की। युवती ने इसका विरोध किया, लेकिन वह नहीं माना। इसी दौरान आरोपी ने अपने मोबाइल फोन से उसकी अश्लील क्लिप भी बना ली।
घटना के बाद युवती को लगा कि अब आरोपी उससे दूर हो जाएगा, लेकिन उसकी परेशानी यहीं खत्म नहीं हुई। आरोप था कि युवक ने उस क्लिप को सार्वजनिक करने की धमकी देकर उसे अपने दबाव में रखना शुरू कर दिया। वह युवती को डराता था कि अगर उसने उसकी बात नहीं मानी या किसी को इस बारे में बताया तो वह क्लिप इंटरनेट पर सार्वजनिक कर देगा।
इस धमकी के सहारे आरोपी कथित तौर पर युवती का लगातार शोषण करता रहा। युवती जब भी उसका विरोध करती, वह उसे बदनाम करने और जान से मारने की धमकी देता था। इस तरह दोस्ती के भरोसे से शुरू हुआ रिश्ता उसके लिए डर और परेशानी की वजह बन गया।
आखिरकार लगातार मिल रही धमकियों से परेशान होकर युवती ने चुप्पी तोड़ने का फैसला किया। उसने पुलिस के पास पहुंचकर पूरे मामले की शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में उसने युवक पर जबरदस्ती करने, अश्लील क्लिप बनाने और उसे सार्वजनिक करने की धमकी देकर शोषण करने के आरोप लगाए।
शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी। पुलिस का कहना था कि मामले से जुड़े तथ्यों और लगाए गए आरोपों की जांच की जा रही थी।
सतर्कता: किसी भी तरह की ब्लैकमेलिंग या धमकी मिलने पर पीड़ित को चुप रहने के बजाय पुलिस से संपर्क करना चाहिए। पीड़ित की पहचान और निजी जानकारी साझा करने से बचना जरूरी है।



