
तेहरान: ईरान और अमेरिका के बीच जारी तनाव एक बार फिर खतरनाक मोड़ पर पहुंचता दिखाई दे रहा है। ईरान के सुप्रीम लीडर मुजतबा खामेनेई ने अपने वरिष्ठ सैन्य कमांडरों को साफ निर्देश दिया है कि अगर अमेरिका की ओर से कोई सैन्य हमला होता है तो उसका तुरंत और प्रभावी जवाब दिया जाए। उन्होंने यहां तक कहा है कि जवाब कब दिया जाएगा और संघर्ष किन शर्तों पर खत्म होगा, इसका फैसला ईरान खुद करेगा। दूसरी ओर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी साफ कर दिया है कि अमेरिका को इस युद्ध को खत्म करने की कोई जल्दबाजी नहीं है।
मुजतबा खामेनेई का सेना को सख्त संदेश
मुजतबा खामेनेई ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर कई पोस्ट के जरिए सैन्य कमांडरों के साथ हुई बैठक की जानकारी साझा की। उन्होंने कहा कि दुश्मन की ओर से किसी भी तरह के खतरे का जवाब तत्काल, प्रभावी और बिना किसी भौगोलिक सीमा के दिया जाना चाहिए।
उन्होंने सैन्य अधिकारियों को निर्देश दिया कि यदि अमेरिका या उसके सहयोगियों की ओर से दोबारा सैन्य हमला किया जाता है तो ईरान अपनी प्रतिक्रिया देने में किसी तरह की हिचकिचाहट न दिखाए। खामेनेई के मुताबिक, जवाबी कार्रवाई कब और किन परिस्थितियों में समाप्त होगी, इसका निर्णय ईरान की सेना और वहां की जनता करेगी।
सेना को हर परिस्थिति के लिए तैयार रहने का निर्देश
ईरानी सुप्रीम लीडर ने देश की सैन्य तैयारियों को और मजबूत करने पर जोर दिया है। उन्होंने कमांडरों से कहा कि संभावित खतरों को ध्यान में रखते हुए युद्ध की तैयारी बनाए रखी जाए। साथ ही ईरान की रक्षा तकनीक और सैन्य क्षमताओं को मजबूत करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
उनका यह बयान ऐसे समय आया है, जब दोनों देशों के बीच तनाव कम करने के लिए कूटनीतिक स्तर पर बातचीत की कोशिशें भी चल रही हैं।
ट्रंप बोले- अमेरिका को युद्ध खत्म करने की कोई जल्दी नहीं
ईरान की ओर से सख्त संदेश के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी अपने तेवर दिखाए हैं। ओवल ऑफिस में पत्रकारों से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि ईरान के साथ बातचीत जारी है, लेकिन अमेरिका को युद्ध खत्म करने की कोई जल्दबाजी नहीं है।
ट्रंप ने दावा किया कि ईरान आर्थिक और प्रशासनिक मुश्किलों का सामना कर रहा है। उनके मुताबिक, ईरान अपने सैनिकों और पुलिसकर्मियों को वेतन देने में भी कठिनाई महसूस कर रहा है। उन्होंने कहा कि अमेरिका के पास पर्याप्त समय है और मौजूदा संघर्ष सामान्य युद्ध जैसा नहीं है।
यूरेनियम और होर्मुज जलडमरूमध्य पर बन सकता है समझौता
इस बीच अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम करने के लिए एक नए प्रस्ताव का मसौदा तैयार होने की खबर सामने आई है। अल अरबिया इंग्लिश की रिपोर्ट के मुताबिक, प्रस्ताव में ईरान के अत्यधिक संवर्धित यूरेनियम के भंडार को किसी सहमत तीसरे देश को सौंपने या उसके संवर्धन का स्तर कम करने का विकल्प शामिल है।
इसके अलावा होर्मुज जलडमरूमध्य को अंतरराष्ट्रीय जहाजों के आवागमन के लिए दोबारा खोलने का प्रस्ताव भी रखा गया है। रिपोर्ट के अनुसार, शुरुआती सहमति बनने के सात दिनों के भीतर इस समुद्री मार्ग को खोलने की बात कही गई है।
होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल परिवहन मार्गों में से एक है। यहां तनाव बढ़ने का असर अंतरराष्ट्रीय तेल आपूर्ति और वैश्विक अर्थव्यवस्था पर भी पड़ सकता है।
फिलहाल ईरान की सख्त चेतावनी और अमेरिका के कड़े रुख के बीच पूरी दुनिया की नजर दोनों देशों के अगले कदम पर टिकी हुई है। आने वाले दिनों में कूटनीतिक बातचीत सफल होती है या तनाव और बढ़ता है, यह देखना अहम होगा।
Satya Report डिस्क्लेमर: यह खबर उपलब्ध मीडिया रिपोर्टों और समाचार एजेंसी से प्राप्त जानकारियों के आधार पर तैयार की गई है।



