
नई दिल्ली: दिल की बीमारी हमेशा अचानक सामने नहीं आती। कई बार शरीर पहले ही कुछ संकेत देने लगता है, लेकिन लोग उन्हें थकान, गैस या सामान्य कमजोरी समझकर नजरअंदाज कर देते हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार, कार्डियोवेस्कुलर डिजीज यानी हृदय और रक्त वाहिकाओं से जुड़ी बीमारियों में हार्ट अटैक, स्ट्रोक और दूसरी गंभीर समस्याएं शामिल हैं। समय रहते इनके लक्षण पहचानना और इलाज कराना बेहद जरूरी है।
WHO के मुताबिक, दिल की बीमारी के लक्षण हर व्यक्ति में एक जैसे नहीं होते। कुछ लोगों में परेशानी धीरे-धीरे बढ़ती है, जबकि कुछ मामलों में अचानक गंभीर लक्षण सामने आ सकते हैं।
1. सीने में दर्द या दबाव महसूस होना
सीने में दर्द, जकड़न, भारीपन या दबाव महसूस होना दिल से जुड़ी समस्या का संकेत हो सकता है। खासकर अगर यह परेशानी चलने, सीढ़ियां चढ़ने या शारीरिक मेहनत के दौरान बढ़ती है, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। हार्ट अटैक के दौरान भी सीने में दबाव या दर्द महसूस हो सकता है।
2. सांस लेने में परेशानी होना
थोड़ा चलने या सामान्य काम करने पर भी सांस फूलना दिल की बीमारी का संकेत हो सकता है। कुछ लोगों को आराम करते समय या लेटने पर भी सांस लेने में परेशानी होती है। अगर यह समस्या अचानक शुरू हो या तेजी से बढ़े, तो तुरंत चिकित्सकीय मदद लें।
3. हाथ, कंधे, पीठ या जबड़े में दर्द
दिल का दौरा पड़ने पर दर्द सिर्फ सीने तक सीमित नहीं रहता। यह एक या दोनों हाथों, कंधों, पीठ, गर्दन और जबड़े तक फैल सकता है। कुछ लोगों में सीने में तेज दर्द के बजाय इन हिस्सों में असहजता महसूस होती है।
4. चक्कर आना या बेहोशी महसूस होना
अचानक चक्कर आना, कमजोरी महसूस होना या बेहोश हो जाना भी दिल की धड़कन और रक्त संचार से जुड़ी परेशानी का संकेत हो सकता है। अगर इसके साथ सीने में दर्द या सांस फूलने जैसी समस्या भी हो, तो इसे आपात स्थिति समझें।
5. दिल की धड़कन असामान्य महसूस होना
अगर दिल बहुत तेज धड़क रहा है, धड़कन अनियमित हो रही है या बार-बार धड़कन रुकने जैसी अनुभूति होती है, तो इसकी जांच जरूरी है। इसके पीछे कई कारण हो सकते हैं, जिनमें हृदय की धड़कन से जुड़ी समस्या भी शामिल है।
6. पैरों और टखनों में सूजन
पैरों, टखनों या पंजों में बार-बार सूजन आना भी दिल की कार्यक्षमता प्रभावित होने का संकेत हो सकता है। जब दिल शरीर में खून को प्रभावी ढंग से पंप नहीं कर पाता, तो शरीर में तरल जमा होने की समस्या हो सकती है। हालांकि, सूजन के अन्य कारण भी हो सकते हैं।
7. असामान्य थकान और कमजोरी
बिना ज्यादा मेहनत किए लगातार थकान महसूस होना भी ध्यान देने योग्य लक्षण है। कुछ लोगों में दिल की समस्या के दौरान सामान्य काम करने में भी कमजोरी महसूस हो सकती है। अगर थकान के साथ सांस फूलना या सीने में असहजता हो, तो डॉक्टर से जांच करवाएं।
महिलाओं में भी अलग तरह से दिख सकते हैं लक्षण
महिलाओं में हार्ट अटैक के दौरान सीने में दर्द हो सकता है, लेकिन कुछ मामलों में सांस फूलना, मतली, पीठ या जबड़े में दर्द और असामान्य थकान जैसे लक्षण भी सामने आते हैं। इसलिए केवल सीने में दर्द को ही दिल की बीमारी का संकेत मानना सही नहीं है।
हार्ट अटैक के लक्षण दिखें तो क्या करें?
अगर किसी व्यक्ति को अचानक सीने में दबाव या दर्द, सांस लेने में परेशानी, ठंडा पसीना, चक्कर या शरीर के दूसरे हिस्सों में फैलता दर्द महसूस हो, तो तुरंत आपातकालीन चिकित्सा सहायता लें। खुद गाड़ी चलाकर अस्पताल जाने के बजाय एम्बुलेंस बुलाना बेहतर है। लक्षण अपने आप ठीक होने का इंतजार न करें।
दिल की बीमारी से बचाव के लिए क्या करें?
- ब्लड प्रेशर, ब्लड शुगर और कोलेस्ट्रॉल नियंत्रित रखें।
- रोजाना नियमित शारीरिक गतिविधि करें।
- संतुलित भोजन लें और नमक का सेवन सीमित रखें।
- धूम्रपान और तंबाकू से दूर रहें।
- पर्याप्त नींद लें और वजन को स्वस्थ सीमा में रखने की कोशिश करें।
- परिवार में दिल की बीमारी का इतिहास हो या अन्य जोखिम मौजूद हों, तो डॉक्टर की सलाह से नियमित जांच करवाएं।
Satya Report नोट: सीने में दर्द, अचानक सांस फूलना या बेहोशी जैसे लक्षण हार्ट अटैक सहित गंभीर स्थितियों के संकेत हो सकते हैं। ऐसे मामलों में घरेलू उपाय आजमाने या इंतजार करने के बजाय तुरंत चिकित्सा सहायता लें।



