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सोशल​​​ मीडिया प्रैंक से टूट गया सुपरमार्केट कर्मचारी का सब्र, चार बच्चों की जिम्मेदारी बताकर छलका दर्द; लोगों ने जुटाए 96 लाख रुपये

सोशल​​​ मीडिया प्रैंक से टूट गया सुपरमार्केट कर्मचारी का सब्र, चार बच्चों की जिम्मेदारी बताकर छलका दर्द; लोगों ने जुटाए 96 लाख रुपये

अमेरिका: सोशल मीडिया पर लोकप्रियता और कमाई के लिए बनाए जाने वाले प्रैंक कभी-कभी किसी दूसरे व्यक्ति के लिए परेशानी का कारण बन जाते हैं। अमेरिका के एक सुपरमार्केट में काम करने वाले कर्मचारी के साथ भी ऐसा ही हुआ। एक इन्फ्लुएंसर ने उसके साथ मजाक करने के इरादे से फोन पर पेमेंट होने जैसा साउंड बजाया और उसे कैमरे में रिकॉर्ड करने लगा। शुरुआत में कर्मचारी ने इसे नजरअंदाज किया, लेकिन जब इन्फ्लुएंसर ने उसकी बात नहीं मानी तो उसका दर्द कैमरे के सामने छलक पड़ा।

इस घटना के बाद कर्मचारी की आर्थिक परेशानियों और पारिवारिक जिम्मेदारियों की बात सामने आई। सोशल मीडिया पर मामला फैलने के बाद लोगों ने इन्फ्लुएंसर के व्यवहार की आलोचना की और कर्मचारी की मदद के लिए करीब 96 लाख रुपये जुटा दिए।

फोन से स्कैन करने का नाटक कर शुरू किया प्रैंक

जानकारी के मुताबिक, यह घटना रेड बैरन सुपरमार्केट की है। इंस्टाग्राम पर Three Of A Kind नाम के अकाउंट से साझा की गई रिकॉर्डिंग में एक इन्फ्लुएंसर स्टोर में सामान व्यवस्थित कर रहे कर्मचारी के पास पहुंचता है। वह अपना फोन निकालकर कर्मचारी को ऐसे स्कैन करने लगता है, जैसे उससे भुगतान कर रहा हो। इस दौरान वह फोन से पेमेंट होने जैसी आवाज भी बजाता है।

कर्मचारी को जल्द ही समझ आ जाता है कि उसके साथ मजाक किया जा रहा है और उसकी रिकॉर्डिंग भी हो रही है। उसने इन्फ्लुएंसर से साफ तौर पर कहा कि वह उसकी रिकॉर्डिंग बंद करे। उसने शिकायत करने की चेतावनी भी दी, लेकिन इन्फ्लुएंसर ने उसकी बात को गंभीरता से नहीं लिया और मजाक जारी रखा।

ड्यूटी खत्म होने के बाद भी करना पड़ रहा था काम

कर्मचारी ने बताया कि उसकी ड्यूटी खत्म हुए करीब एक घंटा हो चुका था, लेकिन इसके बावजूद उसे काम करना पड़ रहा था। घर पर उसके बच्चे इंतजार कर रहे थे और उसे अगले दिन सुबह पांच बजे फिर उठना था। उसने यह भी बताया कि अगले दिन काम के सिलसिले में उसे दस अन्य स्टोरों पर जाना है।

चार बच्चों की जिम्मेदारी उठा रहे कर्मचारी ने अपनी परेशानी बताते हुए कहा कि वह पहले से ही काम के दबाव और आर्थिक तंगी से जूझ रहा है। उसे इस बात की चिंता भी थी कि इस घटना के कारण कहीं उसकी नौकरी खतरे में न पड़ जाए।

‘तुम इस मजाक से पैसे कमा रहे हो, मैं घर का खर्च नहीं चला पा रहा’

बातचीत के दौरान कर्मचारी ने इन्फ्लुएंसर से कहा कि वह इस तरह के कंटेंट से कमाई कर सकता है, लेकिन उसकी अपनी जिंदगी में कई परेशानियां हैं। उसने बताया कि वह घर की किस्त तक भरने में मुश्किल महसूस कर रहा है और उसके चार बच्चे हैं।

कर्मचारी की बातों से साफ था कि वह पहले से ही मानसिक और आर्थिक दबाव में था। उसने इन्फ्लुएंसर को वहां से चले जाने के लिए कहा और यह भी स्पष्ट कर दिया कि वह अपना काम पूरा होने तक उसे आसपास नहीं देखना चाहता।

सोशल मीडिया पर लोगों ने की आलोचना

बाद में Ceci Army नाम के यूजर ने इस घटना को एक्स पर साझा किया, जिसके बाद मामला तेजी से चर्चा में आ गया। कई लोगों ने कहा कि सोशल मीडिया पर लाइक्स और व्यूज पाने के लिए किसी मेहनतकश कर्मचारी को इस तरह परेशान करना उचित नहीं है।

कुछ यूजर्स ने कर्मचारी की नौकरी को लेकर भी चिंता जताई। लोगों का कहना था कि जब कोई व्यक्ति पहले से काम के दबाव और पारिवारिक जिम्मेदारियों से जूझ रहा हो, तब उसके साथ इस तरह का मजाक उसकी परेशानी और बढ़ा सकता है।

अनजान व्यक्ति ने शुरू किया मदद का अभियान

कर्मचारी की आर्थिक स्थिति के बारे में जानने के बाद Luke Oakenshield नाम के एक व्यक्ति ने GoFundMe पर उसके लिए आर्थिक मदद जुटाने का अभियान शुरू किया। उसने बताया कि वह कर्मचारी को व्यक्तिगत रूप से नहीं जानता, लेकिन उसकी बातें सुनकर उसकी मदद करने का फैसला किया।

अभियान शुरू करने वाले व्यक्ति के मुताबिक, वह कर्मचारी का संपर्क तलाशने की कोशिश कर रहा था, ताकि जुटाई गई रकम सीधे उस तक पहुंचाई जा सके। उसने यह भी कहा कि इस अभियान से मिलने वाली राशि में से वह अपने लिए कोई पैसा नहीं रखेगा।

96 लाख रुपये से ज्यादा की मदद जुटी

इस अभियान को लोगों का अच्छा समर्थन मिला। GoFundMe पर 1,01,486 डॉलर से अधिक की रकम जमा हुई, जो भारतीय मुद्रा में करीब 96.6 लाख रुपये के बराबर है। एक ऐसे कर्मचारी की मदद के लिए इतनी बड़ी राशि जुटना सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया, जिसे अभियान शुरू करने वाला व्यक्ति व्यक्तिगत रूप से जानता भी नहीं था।

इस घटना ने सोशल मीडिया पर मनोरंजन के नाम पर किए जाने वाले प्रैंक को लेकर एक बार फिर बहस छेड़ दी है। जहां एक तरफ कर्मचारी की परेशानी को कंटेंट बनाने का जरिया बनाया गया, वहीं दूसरी तरफ अनजान लोगों ने आगे आकर उसकी आर्थिक मदद करने की कोशिश की।

Satya Report डिस्क्लेमर: यह खबर उपलब्ध मीडिया रिपोर्टों और सोशल मीडिया पर साझा की गई जानकारी के आधार पर तैयार की गई है। जुटाई गई राशि और उसके कर्मचारी तक पहुंचने की स्थिति की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध जानकारी में नहीं है।

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