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सिर्फ​​​ पानी कम पीना ही नहीं, कब्ज की ये 7 वजहें भी हैं जिम्मेदार, रोजमर्रा की आदतें बिगाड़ सकती हैं पेट की सेहत

सिर्फ​​​ पानी कम पीना ही नहीं, कब्ज की ये 7 वजहें भी हैं जिम्मेदार, रोजमर्रा की आदतें बिगाड़ सकती हैं पेट की सेहत

नई दिल्ली: कब्ज की समस्या होने पर अक्सर लोग मानते हैं कि इसकी वजह सिर्फ पर्याप्त पानी नहीं पीना है। लेकिन ऐसा नहीं है। कम फाइबर वाला भोजन, शारीरिक गतिविधि की कमी, मल त्याग की इच्छा को बार-बार रोकना और कुछ दवाओं का सेवन भी कब्ज की वजह बन सकता है। कई बार इसके पीछे थायरॉइड और डायबिटीज जैसी स्वास्थ्य समस्याएं भी जिम्मेदार होती हैं।

कब्ज होने पर मल सख्त हो सकता है और उसे बाहर निकालने में परेशानी होती है। कुछ लोगों को पेट फूलने, भारीपन और पेट में दर्द की शिकायत भी रहती है। आइए जानते हैं रोजमर्रा की कौन-सी आदतें और स्वास्थ्य समस्याएं कब्ज का कारण बन सकती हैं।

1. खाने में फाइबर की कमी

अगर आपकी डाइट में फल, सब्जियां, साबुत अनाज और दालों की मात्रा कम है, तो कब्ज की समस्या हो सकती है। फाइबर मल को नरम और भारी बनाने में मदद करता है, जिससे उसे बाहर निकालना आसान होता है। इसलिए रोजाना के भोजन में फाइबर युक्त चीजें शामिल करें।

2. लंबे समय तक बैठे रहना

शारीरिक गतिविधि की कमी भी कब्ज की एक वजह हो सकती है। लगातार बैठकर काम करने और व्यायाम न करने से आंतों की सामान्य गतिविधि प्रभावित हो सकती है। नियमित पैदल चलना और हल्की एक्सरसाइज पाचन तंत्र को सक्रिय रखने में मदद कर सकती है।

3. मल त्याग की इच्छा को रोकना

कई लोग काम या व्यस्तता के कारण शौच जाने की इच्छा को टाल देते हैं। बार-बार ऐसा करने से कब्ज की परेशानी बढ़ सकती है। जब भी मल त्याग की इच्छा हो, उसे अनावश्यक रूप से रोकने से बचें।

4. रोजाना की दिनचर्या में बदलाव

खाने और सोने का समय लगातार बदलना, यात्रा करना या अचानक दिनचर्या में बदलाव भी कुछ लोगों में कब्ज की समस्या पैदा कर सकता है। शरीर की नियमित दिनचर्या प्रभावित होने से मल त्याग का समय भी बदल सकता है।

5. कुछ दवाओं का सेवन

कई बार दवाओं के कारण भी कब्ज की शिकायत हो सकती है। आयरन सप्लीमेंट, कैल्शियम की कुछ दवाएं, तेज दर्द की कुछ दवाएं और कुछ एंटासिड इसके कारण बन सकते हैं। अगर किसी दवा को लेने के बाद कब्ज शुरू हुई है, तो डॉक्टर से सलाह लें। अपनी मर्जी से दवा बंद न करें।

6. थायरॉइड और डायबिटीज जैसी बीमारियां

कुछ स्वास्थ्य समस्याएं भी पाचन तंत्र को प्रभावित कर सकती हैं। हाइपोथायरॉइडिज्म यानी थायरॉइड हार्मोन का कम बनना और डायबिटीज कब्ज की समस्या से जुड़े हो सकते हैं। इसके अलावा इरिटेबल बाउल सिंड्रोम (IBS) जैसी आंतों की समस्या में भी कब्ज हो सकती है।

7. तनाव और नींद की कमी

लगातार तनाव और अनियमित नींद का असर पाचन तंत्र पर भी पड़ सकता है। कुछ लोगों में तनाव के दौरान पेट से जुड़ी परेशानियां बढ़ जाती हैं। नियमित नींद, तनाव कम करने की कोशिश और संतुलित दिनचर्या पाचन स्वास्थ्य के लिए मददगार हो सकती है।

कब्ज से राहत पाने के लिए क्या करें?

  • दिनभर पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं।
  • भोजन में फल, हरी सब्जियां, दालें और साबुत अनाज शामिल करें।
  • रोजाना पैदल चलने या हल्की एक्सरसाइज की आदत बनाएं।
  • मल त्याग की इच्छा को न रोकें।
  • खाने और सोने का समय नियमित रखने की कोशिश करें।
  • फाइबर की मात्रा धीरे-धीरे बढ़ाएं, ताकि गैस और पेट फूलने की परेशानी न हो।

कब डॉक्टर से संपर्क करना जरूरी है?

अगर कब्ज लंबे समय तक बनी रहती है या बार-बार होती है, तो डॉक्टर से सलाह लें। मल में खून आना, बिना वजह वजन कम होना, लगातार पेट दर्द, उल्टी या गैस और मल बिल्कुल न निकल पाना जैसे लक्षण गंभीर हो सकते हैं। ऐसी स्थिति में तुरंत चिकित्सकीय मदद लें।

Satya Report नोट: कब्ज के पीछे खानपान और दिनचर्या के अलावा कुछ बीमारियां या दवाएं भी जिम्मेदार हो सकती हैं। लंबे समय तक परेशानी रहने पर केवल घरेलू उपायों पर निर्भर न रहें और डॉक्टर से जांच करवाएं।

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