
पुणे, महाराष्ट्र: मुकुंदनगर इलाके में एक विवाहिता की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला सामने आया था। मृतका की पहचान पायल अक्षय झांबरे के रूप में हुई थी। उनका शव सोमवार को अक्षय हाइट्स सोसायटी के एक पुराने फ्लैट में छत के पंखे से लटका मिला था। घटना के बाद मायके पक्ष ने ससुराल वालों पर दहेज और सोने की मांग को लेकर शारीरिक और मानसिक प्रताड़ना देने के गंभीर आरोप लगाए थे।
पायल एक आईटी कंपनी में काम करती थीं। करीब पांच साल पहले उनकी शादी अक्षय झांबरे से हुई थी। दंपती की एक बेटी भी है। घटना स्वारगेट पुलिस थाना क्षेत्र की बताई गई थी।
रविवार रात से नहीं मिल रही थी पायल की जानकारी
जानकारी के मुताबिक, रविवार रात से पायल दिखाई नहीं दे रही थीं। बताया गया कि उनकी चचेरी सास ने इस बारे में उनके भाई ऋषिकेश को जानकारी दी थी। सूचना मिलने के बाद परिवार के लोग फ्लैट पर पहुंचे। वहां पायल का शव मिलने से परिजनों में हड़कंप मच गया।
घटना की जानकारी मिलते ही स्वारगेट पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए ससून अस्पताल भेज दिया था। मौत की वास्तविक वजह पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट होनी थी।
मायके वालों ने लगाए सोने और दहेज के लिए प्रताड़ना के आरोप
पायल के मायके पक्ष ने ससुराल के लोगों पर गंभीर आरोप लगाए थे। उनके चचेरे भाई जनार्दन पवार के मुताबिक, पायल को सोने और दहेज की मांग को लेकर परेशान किया जाता था।
परिवार का आरोप था कि दिवाली के आसपास हर साल 5 से 10 तोला सोना देने की मांग की जाती थी। इस बार मायके वालों ने इतनी बड़ी मांग पूरी करने में असमर्थता जताई थी और अगले साल तक इंतजार करने की बात कही थी। आरोप है कि इसके बावजूद पायल पर दबाव बनाया जाता रहा और उन्हें मानसिक तथा शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया गया।
पुलिस जांच के बाद ही साफ होगी मौत की वजह
मायके पक्ष के आरोपों के बाद मामला और गंभीर हो गया था। पुलिस के सामने अब यह पता लगाने की चुनौती थी कि पायल की मौत किन परिस्थितियों में हुई और क्या उन्हें दहेज या सोने की मांग को लेकर प्रताड़ित किया जा रहा था।
फिलहाल उपलब्ध जानकारी के अनुसार, पुलिस ने घटनास्थल की जांच की थी और पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा था। मामले में लगाए गए आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
Satya Report डिस्क्लेमर: यह खबर उपलब्ध प्रकाशित रिपोर्ट और परिजनों की ओर से लगाए गए आरोपों पर आधारित है। मौत के कारण और कथित प्रताड़ना से जुड़े तथ्यों की पुष्टि पुलिस जांच एवं पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के बाद होगी।



