
यह पुरानी घटना रिश्तों में छिपे धोखे और एक खौफनाक साजिश की कहानी है। एक युवक ने शादी के बाद अपनी पत्नी के साथ नई जिंदगी शुरू करने की उम्मीद की थी, लेकिन पत्नी का शादी से पहले का प्रेम संबंध खत्म नहीं हुआ। धीरे-धीरे पति-पत्नी के बीच तनाव बढ़ता गया और आखिरकार जन्मदिन मनाने के बहाने एक ऐसी योजना बनाई गई, जिसने एक परिवार की दुनिया उजाड़ दी।
शादी के बाद भी प्रेमी से जारी रहा संपर्क
कहानी के मुख्य किरदारों के नाम बदलकर मोहन, राधा और अमन रखे गए हैं। मोहन की शादी मई 2022 में राधा से हुई थी। परिवार को उम्मीद थी कि शादी के बाद दोनों साथ मिलकर खुशहाल जीवन बिताएंगे।
लेकिन राधा का शादी से पहले अमन नाम के युवक से प्रेम संबंध था। शादी के बाद भी वह इस रिश्ते को भुला नहीं पाई। जब मोहन को इसकी जानकारी हुई तो उसने पत्नी को समझाने की कोशिश की। वह चाहता था कि दोनों पुरानी बातों को पीछे छोड़कर वैवाहिक जीवन को आगे बढ़ाएं।
हालांकि, राधा अपने प्रेमी से दूरी बनाने के लिए तैयार नहीं थी। इसी बात को लेकर दोनों के बीच तनाव रहने लगा। धीरे-धीरे यह विवाद एक गंभीर साजिश में बदल गया।
जन्मदिन के बहाने बुलाया पति को
14 फरवरी का दिन था। राधा का जन्मदिन था। उसने मोहन को फोन करके मिलने के लिए बुलाया। पत्नी का बुलावा मिलने पर मोहन ट्रेन से ग्वालियर पहुंच गया।
रेलवे स्टेशन के बाहर राधा उसका इंतजार कर रही थी। वहां अमन भी मौजूद था। उसने मोहन के सामने सामान्य व्यवहार किया और दोस्ती दिखाते हुए उसे कार में बैठा लिया।
मोहन को शायद अंदाजा भी नहीं था कि जिस मुलाकात को वह जन्मदिन की खुशी से जोड़कर देख रहा है, वह उसकी जिंदगी की आखिरी यात्रा साबित होने वाली है।
कार के अंदर शुरू हुआ खूनी खेल
कार में शुरुआत में सब कुछ सामान्य रहा। कुछ देर बाद अमन और उसके साथ मौजूद तीन अन्य लोगों ने मोहन पर हमला कर दिया। आरोपियों ने गमछे से उसका गला दबाकर हत्या कर दी।
वारदात के बाद आरोपियों के सामने शव को ठिकाने लगाने की चुनौती थी। वे कई घंटों तक कार में शव लेकर अलग-अलग थाना क्षेत्रों से गुजरते रहे। इस दौरान उन्होंने पुलिस से बचने और घटना के सबूत मिटाने की कोशिश की।
चंबल किनारे मिटाने की कोशिश की पहचान
आखिरकार आरोपी शव को चंबल नदी के किनारे ले गए। वहां पेट्रोल डालकर शव को जला दिया गया, ताकि मृतक की पहचान करना मुश्किल हो जाए। इसके बाद सभी आरोपी मौके से फरार हो गए।
उधर, जब मोहन घर नहीं लौटा तो परिवार वालों ने उसकी तलाश शुरू कर दी। फोन पर संपर्क नहीं होने के बाद परिजनों की चिंता बढ़ती चली गई।
रेलवे स्टेशन की फुटेज से सामने आया सुराग
जांच के दौरान पुलिस ने ग्वालियर रेलवे स्टेशन के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। इसमें मोहन के साथ अमन दिखाई दिया। फुटेज देखकर परिवार के एक सदस्य ने उसकी पहचान कर ली।
इसके बाद पुलिस ने अमन को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पुलिस के अनुसार, पूछताछ में उसने हत्या की साजिश और वारदात से जुड़ी जानकारी दी। उसने बताया कि राधा भी इस योजना में शामिल थी और उसी ने पति की हत्या के लिए उकसाया था।
पत्नी और प्रेमी समेत पांच आरोपी गिरफ्तार
मामले की जांच आगे बढ़ने पर पुलिस ने राधा, अमन और तीन अन्य आरोपियों को गिरफ्तार किया। आरोपियों की निशानदेही पर चंबल किनारे से जली हुई हड्डियां, वारदात में इस्तेमाल किया गया गमछा और कार बरामद की गई।
जली हुई हड्डियों की पहचान के लिए डीएनए जांच कराई गई। रिपोर्ट के आधार पर पुष्टि हुई कि बरामद अवशेष मोहन के ही थे।
एक साजिश ने उजाड़ दिया पूरा परिवार
इस घटना में एक युवक की जान चली गई और पीछे रह गया उसका परिवार, जो लंबे समय तक उसके लौटने की उम्मीद करता रहा। जिस जन्मदिन की मुलाकात को मोहन ने खुशी का मौका समझा था, उसी बहाने उसे ऐसी जगह बुलाया गया जहां पहले से साजिश तैयार थी।
यह मामला दिखाता है कि जब निजी रिश्तों का विवाद हिंसा और अपराध में बदल जाता है, तो उसका असर केवल दो लोगों तक सीमित नहीं रहता, बल्कि कई परिवारों की जिंदगी हमेशा के लिए बदल जाती है।
Satya Report Disclaimer: यह पुरानी घटना पर उपलब्ध प्रकाशित रिपोर्ट के आधार पर तैयार की गई कथात्मक प्रस्तुति है। सभी नाम बदल दिए गए हैं। आरोपों और पुलिस कार्रवाई से जुड़ी जानकारी को घटना के समय प्रकाशित विवरण के संदर्भ में समझा जाना चाहिए।



