
नई दिल्ली: कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के सह-संयोजक सौरभ दास की ओर से आयोजित दिवाली मिलन समारोह में राजनीति, सामाजिक क्षेत्र और पत्रकारिता जगत की कई जानी-मानी हस्तियां शामिल हुईं। दक्षिणी दिल्ली स्थित उनके आवास पर हुई इस पार्टी में सीजेपी प्रमुख अभिजीत दीपके के साथ दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल भी पहुंचे। समारोह की तस्वीरें सोशल मीडिया पर चर्चा में हैं।
इस आयोजन में अलग-अलग राजनीतिक दलों से जुड़े नेताओं के अलावा वरिष्ठ पत्रकारों और सामाजिक कार्यकर्ताओं को भी आमंत्रित किया गया था। मेहमानों की सूची में माकपा की वरिष्ठ नेता वृंदा करात, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी की नेता सुप्रिया सुले, तृणमूल कांग्रेस की सांसद महुआ मोइत्रा और स्वराज इंडिया के प्रमुख योगेंद्र यादव शामिल रहे।
सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल भी इस समारोह में नजर आए। इनके अलावा सीजेपी से जुड़े आशुतोष रांका और आजिंक्य शिंदे समेत पार्टी के अन्य नेता भी मौजूद थे।
आंदोलनों के बाद आयोजित हुई दिवाली मिलन पार्टी
सौरभ दास नीट पेपर लीक के खिलाफ जंतर-मंतर पर हुए आंदोलन, ‘स्कूल ठीक करो’ अभियान और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन को लेकर चर्चा में रहे हैं। हाल के दिनों में सीजेपी नेताओं ने एसआईआर के विरोध और मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग को लेकर दिल्ली में कई बार प्रदर्शन करने की कोशिश की थी।
प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने सीजेपी नेताओं को कई बार हिरासत में लिया। सौरभ दास और आशुतोष रांका को करीब सात दिनों तक जेल में भी रहना पड़ा। इसी राजनीतिक घटनाक्रम के बीच दिवाली मिलन समारोह का आयोजन किया गया।
दिवाली तक आंदोलन पर लगाया गया विराम
सीजेपी प्रमुख अभिजीत दीपके ने दिवाली तक आंदोलन को विराम देने का ऐलान किया था। उन्होंने समर्थकों से त्योहार के दौरान घर लौटकर परिवार के साथ समय बिताने की अपील की थी। इसके बाद पार्टी के नेता आगे की रणनीति तैयार करने में जुटे हैं।
माना जा रहा है कि दिवाली के बाद सीजेपी एक बार फिर आंदोलन शुरू कर सकती है। हालांकि, पीस बॉन्ड पर हस्ताक्षर किए जाने के कारण प्रदर्शन के तरीके में बदलाव करना पड़ सकता है।
सीजेपी नेता आशुतोष रांका भी संकेत दे चुके हैं कि आंदोलन जारी रहेगा, लेकिन उसका स्वरूप बदल सकता है। ऐसे में दिवाली के बाद पार्टी की अगली रणनीति पर राजनीतिक हलकों की नजर रहेगी।
Satya Report Disclaimer: यह रिपोर्ट उपलब्ध समाचार जानकारी पर आधारित है। इसमें शामिल राजनीतिक गतिविधियों और आयोजन से जुड़ी जानकारी की स्वतंत्र पुष्टि हर मामले में नहीं की गई है।



