सिगरेट पीना सेहत के लिए कितना नुकसानदायक है, यह बात किसी से छिपी नहीं है. धूम्रपान से फेफड़ों, दिल और सांस से जुड़ी कई गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ता है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि इसका असर आपकी त्वचा और होंठों पर भी दिखाई दे सकता है? अक्सर नियमित रूप से सिगरेट पीने वाले लोगों के होंठों का रंग धीरेधीरे गहरा या काला पड़ने लगता है. कई लोग इसे सामान्य बदलाव समझकर नजरअंदाज कर देते हैं.

ऐसे में सवाल उठता है कि क्या सच में सिगरेट पीने से होंठ काले होते हैं और इसके पीछे क्या वजह है?
क्या सिगरेट पीने से होंठ काले पड़ते हैं?
डॉक्टर अक्षित यादव कहते हैं कि धूम्रपान की वजह से होंठों का रंग गहरा पड़ सकता है. सिगरेट में मौजूद निकोटीन और अन्य हानिकारक रसायन त्वचा पर नकारात्मक प्रभाव डालते हैं. इनके संपर्क में आने और धूम्रपान से होने वाले बदलावों के कारण होंठों में पिगमेंटेशन बढ़ सकता है. इस स्थिति को मेडिकल भाषा में स्मोकर मेलानोसिस कहा जाता है. इसमें होंठों और कभीकभी मुंह के अंदर की त्वचा पर भूरे या काले धब्बे दिखाई देने लगते हैं.
सिगरेट पीने से होंठों का रंग क्यों बदलता है?
होंठों का प्राकृतिक रंग मुख्य रूप से त्वचा में मौजूद मेलेनिन पिगमेंट पर निर्भर करता है. धूम्रपान के दौरान तंबाकू में मौजूद रसायन मुंह की त्वचा और म्यूकोसा को प्रभावित कर सकते हैं. इसके जवाब में शरीर में मेलेनिन का उत्पादन बढ़ सकता है, जिससे होंठों का रंग गहरा होने लगता है. इसके अलावा सिगरेट की गर्मी और धुएं के संपर्क से भी होंठों में जलन और रूखापन हो सकता है.
होंठ काले होने के पीछे क्या सिर्फ सिगरेट जिम्मेदार है?
जरूरी नहीं कि होंठों के कालेपन की वजह केवल धूम्रपान हो. इसके पीछे कई अन्य कारण भी हो सकते हैं, जैसे:
शरीर में हार्मोनल बदलाव
होंठों पर बारबार धूप पड़ना
आयरन या विटामिन बी12 की कमी
कुछ दवाओं का साइड इफेक्ट
एलर्जी या लिप प्रोडक्ट्स के कारण होने वाली जलन
नेचुरली ज्यादा मेलेनिन होना
इसलिए अगर होंठों का रंग अचानक बदल रहा है या उन पर असामान्य धब्बे दिखाई दे रहे हैं, तो डर्मेटोलॉजिस्ट से जांच कराना जरूरी है.
क्या सिगरेट छोड़ने से होंठों का कालापन ठीक हो सकता है?
धूम्रपान छोड़ना होंठों की सेहत सुधारने की दिशा में सबसे जरूरी कदम है. सिगरेट छोड़ने से होंठों को तंबाकू के हानिकारक रसायनों का संपर्क मिलना बंद हो जाता है और समय के साथ पिगमेंटेशन कम हो सकता है. हालांकि, होंठों का प्राकृतिक रंग वापस आने में कितना समय लगेगा, यह व्यक्ति की त्वचा, धूम्रपान की अवधि और पिगमेंटेशन की गंभीरता पर निर्भर करता है. हर व्यक्ति में कालापन पूरी तरह खत्म हो, यह जरूरी नहीं है.
होंठों की सेहत बनाए रखने के लिए क्या करें?
धूम्रपान और तंबाकू के सभी प्रकार के सेवन से दूरी बनाएं
होंठों को धूप से बचाने के लिए SPF युक्त लिप बाम लगाएं.
होंठों को बारबार चाटने या रगड़ने से बचें.
पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं.
बिना डॉक्टर की सलाह के लाइटनिंग क्रीम या केमिकल ट्रीटमेंट का इस्तेमाल न करें.



