
देवास, मध्य प्रदेश: मध्य प्रदेश के देवास जिले में खातेगांव थाना प्रभारी दिलीप पुरी गोस्वामी की हत्या के मामले में फरार चल रहे मुख्य आरोपी ड्राइवर गजेंद्र उर्फ अक्कू रावत को पुलिस ने आलीराजपुर से गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी ने कथित तौर पर अवैध शराब से भरे मिनी ट्रक से थाना प्रभारी को कुचल दिया था। गिरफ्तारी के बाद अब पुलिस उससे शराब तस्करी के पूरे नेटवर्क और इसमें शामिल अन्य लोगों के बारे में पूछताछ कर रही है।
लंबे समय से शराब तस्करी में था सक्रिय
जांच में सामने आया है कि आरोपी गजेंद्र रावत लंबे समय से अवैध शराब के परिवहन में शामिल था। वह मध्य प्रदेश के सीमावर्ती इलाकों से शराब की खेप गुजरात के छोटा उदयपुर और दाहोद तक पहुंचाता था।
बताया जा रहा है कि उसके खिलाफ वर्ष 2018 और 2021 में भी अवैध शराब परिवहन के मामले दर्ज हुए थे। उसके परिवार के अन्य सदस्यों की गतिविधियां भी जांच के दायरे में हैं। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस कारोबार में और कौन-कौन लोग शामिल थे और शराब की सप्लाई कहां से होती थी।
शराब तस्करी के सरगना समेत तीन आरोपी पहले गिरफ्तार
इस हत्याकांड में पुलिस इससे पहले कथित शराब तस्करी के सरगना और कांग्रेस नेता राहुल जायसवाल, उसके सहयोगी इंदौर निवासी विजय राव तथा मिनी ट्रक मालिक केरम सिंह को गिरफ्तार कर चुकी है।
सोमवार रात पुलिस मिनी ट्रक मालिक केरम सिंह को घटनास्थल पर लेकर पहुंची थी। इसी दौरान उसने पुलिस की पकड़ से भागने की कोशिश की, लेकिन गिरने से घायल हो गया। इसके बाद उसका उपचार कराया गया।
आखिर कैसे हुई थी थाना प्रभारी की हत्या?
यह घटना रविवार देर रात करीब डेढ़ बजे देवास जिले के खातेगांव क्षेत्र में इंदौर-बैतूल हाईवे पर स्थित नर्मदा ढाबे के पास हुई थी। पुलिस को अवैध शराब से भरे मिनी ट्रक के परिवहन की जानकारी मिली थी। इसके बाद थाना प्रभारी दिलीप पुरी गोस्वामी ट्रक को रोकने के लिए मौके पर पहुंचे।
आरोप है कि चालक ने वाहन रोकने के बजाय सीधे थाना प्रभारी को टक्कर मार दी। मिनी ट्रक का पिछला पहिया उनके सीने और कमर के ऊपर से गुजर गया। गंभीर रूप से घायल थाना प्रभारी की मौत हो गई। वारदात के बाद चालक मौके से फरार हो गया था।
पूरे शराब तस्करी नेटवर्क की जांच में जुटी पुलिस
देवास की एडिशनल एसपी सौम्या जैन के मुताबिक, मामले में गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि शराब की खेप कहां से लाई जाती थी, किन रास्तों से गुजरात पहुंचाई जाती थी और इस अवैध कारोबार को कौन संचालित कर रहा था।
अब मुख्य आरोपी ड्राइवर की गिरफ्तारी के बाद पुलिस को तस्करी के नेटवर्क से जुड़े दूसरे लोगों के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी मिलने की उम्मीद है। हालांकि, पूरे मामले में जांच अभी जारी है।
डिस्क्लेमर: यह खबर उपलब्ध समाचार रिपोर्टों और पुलिस से जुड़ी जानकारियों के आधार पर तैयार की गई है। आरोपों की पुष्टि जांच और न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर होगी।
Satya Report



