BusinessIndia

​SBI Share Price Target: Q2 नतीजों के बाद विदेशी ब्रोकरेज मेहरबान, ₹1,325 तक जा सकता है भाव

SBI Share Price Target: देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया ने वित्त वर्ष 2027 की दूसरी तिमाही के नतीजे जारी कर दिए हैं. नतीजों के ऐलान के बाद मंगलवार को बाजार में बैंक के शेयर पर थोड़ा दबाव जरूर दिखा. शेयर 1.7% की गिरावट के साथ 970.25 रुपये पर बंद हुआ. लेकिन एक दिन की इस सुस्ती से घबराने की जरूरत नहीं है. पूरे साल 2026 का हिसाब देखें, तो जब मुख्य इंडेक्स निफ्टी 50 में 8.9% की बड़ी गिरावट आई, तब SBI का शेयर महज 1.5% ही नीचे गया. यही वजह है कि मजबूत तिमाही नतीजों के बाद दुनिया भर के बड़े ब्रोकरेज हाउस इस शेयर पर बुलिश हैं. छह प्रमुख विदेशी ब्रोकरेज ने इसके लिए 1,100 रुपये से लेकर 1,325 रुपये तक के टारगेट दिए हैं.

​SBI Share Price Target: Q2 नतीजों के बाद विदेशी ब्रोकरेज मेहरबान, ₹1,325 तक जा सकता है भाव

अनुमान से बेहतर कमाई, पर एकमुश्त मुनाफे का भी सहारा

जुलाई से सितंबर तिमाही में बैंक की कमाई ने बाजार के अनुमानों को पीछे छोड़ दिया है. CNBCTV18 के पोल में 22,859 करोड़ रुपये के मुनाफे की उम्मीद थी, लेकिन असल नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 14.3% बढ़कर 23,038 करोड़ रुपये रहा. ब्याज से होने वाली मुख्य कमाई भी 14.7% उछलकर 49,143 करोड़ रुपये पर पहुंच गई. वहीं, घरेलू नेट इंटरेस्ट मार्जिन पिछली तिमाही से 11 बेसिस प्वाइंट सुधरकर 3.11% हो गया. हालांकि, इस भारीभरकम मुनाफे में ‘एक्सेप्शनल गेन’ यानी एकमुश्त कमाई का भी बड़ा हाथ रहा. इस तिमाही बैंक को 7,289 करोड़ रुपये का एक्सेप्शनल गेन हुआ, जो पिछले साल की समान तिमाही के 4,593 करोड़ रुपये से 2,696 करोड़ रुपये ज्यादा है.

कर्ज की सेहत सुधरी, बैलेंस शीट हुई मजबूत

बैंक ने अपने फंसे हुए कर्ज को कम करने में बड़ी कामयाबी हासिल की है. ग्रॉस NPA पिछली तिमाही के 1.47% से घटकर 1.39% पर आ गया है. आसान शब्दों में समझें तो बैंक के बांटे गए हर 100 रुपये के कर्ज में से फंसी हुई रकम अब 1.47 रुपये से घटकर सिर्फ 1.39 रुपये रह गई है. इसी तरह नेट NPA रेशियो भी 0.38% से घटकर 0.36% पर आ गया है. इसके अलावा, बैंक के घरेलू लोन में सालाना आधार पर 17% की बढ़ोतरी हुई है, जबकि डिपॉजिट 12% बढ़े हैं.

CLSA सबसे ज्यादा मेहरबान, Citi से लेकर HSBC तक के निशाने

नतीजों के बाद ब्रोकरेज फर्म CLSA सबसे ज्यादा उत्साहित है. उसने ‘आउटपरफॉर्म’ रेटिंग के साथ 1,325 रुपये का सबसे ऊंचा टारगेट दिया है, जो मंगलवार के बंद भाव 970.25 रुपये से सीधे 37% ऊपर है. CLSA के मुताबिक NII अनुमान से 2% बेहतर रहा, लेकिन फीस की कम कमाई व ट्रेजरी के नुकसान से टैक्स से पहले का मुनाफा अनुमान से 3% पीछे रह गया.

दूसरी तरफ Citi ने ‘बाय’ रेटिंग रखते हुए 1,300 रुपये का टारगेट दिया है. Citi ने बताया कि बैंक के 49% लोन बाहरी बेंचमार्क से जुड़े हैं, जो बढ़ती ब्याज दरों के माहौल में मार्जिन को सहारा देंगे. साथ ही, ECL नियमों पर शिफ्ट होने का असर 19,500 करोड़ रुपये आंका गया है, जो नेटवर्थ के हर 100 रुपये पर मात्र 3.3 रुपये का असर डालेगा.

वहीं, HSBC ने ‘बाय’ रेटिंग तो रखी पर धीमी लोन ग्रोथ व सब्सिडियरी कंपनियों के कम वैल्यूएशन का हवाला देते हुए टारगेट घटाकर 1,220 रुपये कर दिया. हालांकि, मजबूत मार्जिन के चलते उसने FY27 से FY29 के लिए प्रति शेयर कमाई का अनुमान 4 से 8% बढ़ा दिया है. Macquarie ने भी ‘आउटपरफॉर्म’ रेटिंग के साथ 1,220 रुपये का ही टारगेट दिया है. उसके मुताबिक FY28 की प्राइसटूबुक वैल्यू के 1.3 गुना पर शेयर का वैल्यूएशन एकदम सही है.

असली कमाई को लेकर कहां फंसा है पेंच

जहां ज्यादातर एक्सपर्ट तेजी देख रहे हैं, वहीं Bernstein व Nomura ने मुनाफे की अंदरूनी बनावट पर सवाल उठाए हैं. Bernstein ने ‘मार्केट परफॉर्म’ रेटिंग के साथ 1,300 रुपये का टारगेट तो दिया, पर एक बेहद चौंकाने वाली बात सामने रखी. उसका कहना है कि मुनाफे को कम क्रेडिट कॉस्ट व हिस्सेदारी बेचने से सहारा मिला है. बढ़ते खर्च और घटती अन्य आय से अंदरूनी ऑपरेटिंग प्रॉफिट गिरा है. अगर एक बार की इस कमाई को हटा दें, तो प्रति शेयर कमाई सालाना 14.3% के बजाय सिर्फ 5% ही बढ़ी है.

इसी तरह, Nomura ने सबसे कम 1,100 रुपये का टारगेट देते हुए ‘न्यूट्रल’ रेटिंग रखी है. उसका भी मानना है कि बढ़ते खर्चों से ऑपरेटिंग कमाई पर दबाव आया है. इन तमाम चिंताओं के उलट, SBI मैनेजमेंट का भरोसा कायम है. बैंक ने पूरे वित्त वर्ष 2027 के लिए 1415% की क्रेडिट ग्रोथ और 3% से ऊपर का नेट इंटरेस्ट मार्जिन बनाए रखने का अपना अनुमान बरकरार रखा है.

Disclaimer: ये आर्टिकल सिर्फ जानकारी के लिए है और इसे किसी भी तरह से इंवेस्टमेंट सलाह के रूप में नहीं माना जाना चाहिए. TV9 भारतवर्ष अपने पाठकों और दर्शकों को पैसों से जुड़ा कोई भी फैसला लेने से पहले अपने वित्तीय सलाहकारों से सलाह लेने का सुझाव देता है.

contact.satyareport@gmail.com

Leave a Reply