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शादी​​​​​ का​​​​​​ झांसा देकर युवती का यौन शोषण, शादी से मुकरने पर आरोपी और परिवार के सदस्यों के खिलाफ FIR दर्ज

शादी​​​​​ का​​​​​​ झांसा देकर युवती का यौन शोषण, शादी से मुकरने पर आरोपी और परिवार के सदस्यों के खिलाफ FIR दर्ज

बस्ती, उत्तर प्रदेश: शादी का वादा करके युवती के साथ कथित तौर पर यौन शोषण करने और बाद में शादी से इनकार करने का मामला सामने आया है। पीड़िता की शिकायत पर कलवारी थाना पुलिस ने मुख्य आरोपी समेत उसकी मां और दो अन्य महिलाओं के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पीड़िता का आरोप है कि आरोपी लंबे समय तक उसे शादी का भरोसा दिलाता रहा, लेकिन जब उसने विवाह की बात आगे बढ़ाई तो आरोपी पक्ष ने उससे दूरी बना ली और उसे धमकियां भी दीं।

शादी का भरोसा देकर बनाए संबंध

पुलिस को दी गई शिकायत में थाना क्षेत्र के एक गांव की रहने वाली युवती ने बताया कि आरोपी मोनू गौड़ ने उससे शादी करने का वादा किया था। इसी भरोसे के आधार पर वह उसके संपर्क में रही। पीड़िता का आरोप है कि आरोपी ने शादी का आश्वासन देकर उसके साथ यौन शोषण किया। युवती को उम्मीद थी कि आरोपी अपना वादा निभाएगा और दोनों का विवाह होगा, लेकिन बाद में परिस्थितियां बदल गईं।

आरोपी के घर पहुंचने पर हुआ विवाद

पीड़िता के मुताबिक, आरोपी उसे अपने घर भी लेकर गया था। वहां पहुंचने के बाद स्थिति बिगड़ गई। आरोप है कि आरोपी की मां और बहन ने उसके साथ गाली-गलौज की और जान से मारने की धमकी दी। युवती का कहना है कि इसी दौरान आरोपी पक्ष ने शादी करने से भी इनकार कर दिया।

आरोपी समेत चार लोगों पर प्राथमिकी

मामले की शिकायत मिलने के बाद कलवारी पुलिस ने कार्रवाई करते हुए मोनू गौड़, उसकी मां तथा माधुरी और संगीता के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। पुलिस प्रवक्ता के अनुसार, मामले की छानबीन शुरू कर दी गई है। पुलिस शिकायत में लगाए गए आरोपों और घटना से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच कर रही है।

फिलहाल पुलिस की जांच के बाद ही पूरे मामले की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। प्राथमिकी दर्ज होने के बाद अब यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि युवती की शिकायत में बताए गए घटनाक्रम और आरोपों की पुष्टि किन साक्ष्यों से होती है।

Satya Report Disclaimer: यह खबर पीड़िता की शिकायत और पुलिस की ओर से दी गई शुरुआती जानकारी पर आधारित है। मामले में लगाए गए आरोपों की जांच जारी है। आरोप सिद्ध होने तक किसी भी व्यक्ति को दोषी नहीं माना जा सकता।

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