फेस्टिव सीजन के लिए स्पेशन ट्रेनें चलाई गई हैं. दशहरे के बाद दिवाली और छठ के लिए स्पेशल ट्रेनों की घोषणा की गई है. भारतीय रेलवे सोशल मीडिया पर भी इसकी जानकारी दे रहा है. अब सवाल है कि ये ट्रेनें कौन तय करता है, डिब्बे कहां से आते हैं? 13 अक्टूबर 2026 तक रेलवे ने 8,454 स्पेशल ट्रेन के फेरों की जानकारी दी. राज्यवार देखें तो बिहार के लिए 2,057, उत्तर प्रदेश के लिए 1,056, दिल्ली के लिए 975, महाराष्ट्र के लिए 836 और पश्चिम बंगाल के लिए 464 फेरे हैं. यहां फेरा और ट्रेन का फर्क समझना ज़रूरी है.

उत्तर मध्य रेलवे के मामले में 1,053 फेरे अलगअलग 1,053 ट्रेनें नहीं हैं, बल्कि 43 जोड़ी ट्रेनें अलगअलग फ्रीक्वेंसी पर चलेंगी. पिछले साल भी रेलवे ने 12,011 स्पेशल ट्रेनों का आंकड़ा दिया था, जबकि उससे पहले साल 7,724 थीं.
फैसला कौन लेता है?
इसका ढांचा दो स्तर का है. रेलवे बोर्ड कुल संख्या और अवधि को मंज़ूरी देता है. जोनल रेलवे समयसारिणी और चलने के दिन तय करता है. इस साल भी रेलवे बोर्ड ने 21 सितंबर 2026 के निर्देश में 150 पूजा स्पेशल ट्रेनों, यानी 2,022 फेरों को 30 नवंबर तक चलाने को कहा था.
संसद में रेल मंत्रालय के एक पुराने लिखित जवाब के मुताबिक, स्पेशल ट्रेनें ट्रैफिक पैटर्न, संचालन की व्यावहारिकता और संसाधनों की उपलब्धता को देखकर चलाई जाती हैं. ट्रैफिक पर लगातार नजर रखी जाती है. उसी जवाब में बताया गया था कि कुछ क्षेत्रों में अनुमान से कम यात्री मिलने पर योजनाबद्ध फेरे रद्द भी हुए. जब स्पेशल ट्रेन रद्द होती है तो उसका स्टॉक और क्रू दूसरी सेवाओं में लगा दिया जाता है, इसलिए रेलवे को घाटा नहीं होता. दिवाली के दौरान रेल मंत्री खुद बोर्ड के वॉर रूम में जाकर यात्री आवाजाही की समीक्षा करते हैं.
रैक कई तरह से जुटाए जाते हैं.
रैक कहां से आते हैं?
रेलवे के पास त्योहार के लिए अलग से नए रैक नहीं होते. रैक कई तरह से जुटाए जाते हैं.
- पहले से बचाकर रखे गए रैक: कुंभ मेला 2025 की तैयारी के रेलवे बोर्ड के दस्तावेज में जोनल रेलवे से कहा गया था कि आस्था स्पेशल, चुनाव और समर स्पेशल में इस्तेमाल हुए रैक सुरक्षित रखें, और ICF की जगह LHB आने पर निकले नॉनAC कोच भी बचाकर रखें. साथ ही यह भी देखना था कि कोई कोच ओवरड्यू रखरखाव वाला न हो. यह दस्तावेज मेला स्पेशल का है, पर त्योहारी स्पेशल की व्यवस्था भी ऐसी ही चलती है.
- एक ही रैक से कई फेरे: 2017 में एक रेल अधिकारी ने बताया था कि लगभग 4,000 स्पेशल फेरों के लिए करीब 55 अतिरिक्त रैक लगाए गए थे. यानी एक रैक वापसी और अगले फेरे में दोबारा इस्तेमाल होता है.
रेलवे की पोस्ट
Extension of Special Train Services for Festive Season.
To clear the extra rush of passengers during festive season, Central Railway has extended the services of 36 Special Trains.
Bookings for Special Train Nos. 01043, 01051, 01179, 01123, 01143, 01411, 01431 and 01463 on special charges will open on 05.11.2026 at all computerized reservation centres and on the IRCTC website. Passengers can also book unreserved tickets through the UTS system and use the RailOne app for ticket booking.
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— Central Railway November 4, 2026
- मौजूदा ट्रेनों में अतिरिक्त कोच:एक अधिकारी के मुताबिक स्पेशल ट्रेनों के साथसाथ मौजूदा गाड़ियों में उपलब्धता और मांग के आधार पर अतिरिक्त कोच भी जोड़े जा रहे हैं. 2024 में रेल मंत्री ने बताया था कि 108 ट्रेनों में अतिरिक्त जनरल कोच जोड़े गए और 12,500 कोच स्वीकृत किए गए.



