
गोरखपुर, उत्तर प्रदेश: विदेश में अच्छी नौकरी करना और परिवार के सपनों को पूरा करना हर किसी का सपना होता है। लेकिन जब अचानक नौकरी चली जाए तो इंसान के सामने कई तरह की चिंताएं खड़ी हो जाती हैं। उत्तर प्रदेश के गोरखपुर के रहने वाले एक भारतीय सॉफ्टवेयर इंजीनियर के साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ। ब्रिटेन में एक बड़ी कंपनी में काम करने वाले इस युवक की छंटनी हो गई, लेकिन उसने करीब दो महीने तक अपने पिता को इसकी जानकारी नहीं दी। जब आखिरकार उसने अपनी परेशानी बताई, तो पिता के जवाब ने उसका दिल छू लिया।
नौकरी जाने के बाद टूट गया था युवक
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, गोरखपुर का रहने वाला यह सॉफ्टवेयर इंजीनियर ब्रिटेन में एक बड़ी कंपनी में काम कर रहा था। वह अपने करियर को लेकर काफी उम्मीदें रखता था, लेकिन कंपनी में हुई छंटनी के कारण उसकी नौकरी चली गई।
नौकरी छूटने के बाद उसके सामने भविष्य को लेकर कई सवाल खड़े हो गए। विदेश में रहना, दोबारा नौकरी तलाशना और परिवार को इस बारे में बताना उसके लिए आसान नहीं था। उसे चिंता थी कि नौकरी जाने की खबर सुनकर पिता और परिवार के लोग परेशान हो जाएंगे।
दो महीने तक पिता से छिपाई सच्चाई
युवक ने अपनी नौकरी जाने की बात करीब दो महीने तक परिवार से छिपाए रखी। इस दौरान वह अकेले ही अपनी परेशानी से जूझता रहा। बाहर से सामान्य दिखने की कोशिश करते हुए वह अपने भविष्य को लेकर चिंतित था।
आखिरकार उसने हिम्मत जुटाई और पिता को पूरी सच्चाई बता दी। उसे उम्मीद थी कि पिता उसकी स्थिति को लेकर चिंतित होंगे, लेकिन उनका जवाब उसकी सोच से बिल्कुल अलग था।
पिता की बात ने बेटे को दिया हौसला
पिता ने बेटे की परेशानी को समझते हुए उसे भरोसा दिलाया कि नौकरी चली जाना जिंदगी का अंत नहीं है। मुश्किल समय में परिवार उसके साथ खड़ा है और उसे घबराने की जरूरत नहीं है।
पिता के इसी भरोसे और अपनापन भरे जवाब ने युवक का मन हल्का कर दिया। जिस बात को लेकर वह दो महीने से परेशान था, उसे बताने के बाद उसे एहसास हुआ कि परिवार का साथ किसी भी मुश्किल से बड़ा होता है।
युवक ने अपनी यह कहानी सोशल मीडिया पर साझा की, जिसके बाद लोग भावुक प्रतिक्रिया दे रहे हैं। कई यूजर्स का कहना है कि जिंदगी में नौकरी और पैसा महत्वपूर्ण जरूर हैं, लेकिन मुश्किल वक्त में परिवार का साथ सबसे बड़ी ताकत बनता है।
यह कहानी उन लोगों के लिए भी एक संदेश है, जो असफलता या नौकरी जाने के डर से अपनी परेशानी अपनों से छिपाते रहते हैं। कभी-कभी दिल की बात कह देने से ही मन का बोझ काफी हल्का हो जाता है।
Satya Report डिस्क्लेमर: यह लेख उपलब्ध मीडिया रिपोर्ट और सोशल मीडिया पर साझा की गई जानकारी पर आधारित है।



