
महिलाओं के जीवन में 40 वर्ष की उम्र के बाद कई शारीरिक और हार्मोनल बदलाव शुरू होने लगते हैं। इनमें मेनोपॉज यानी मासिक धर्म का स्थायी रूप से बंद होना भी शामिल है। आमतौर पर यह बदलाव उम्र और आनुवंशिक कारणों से प्रभावित होता है, लेकिन एक अध्ययन में यौन गतिविधि और मेनोपॉज की उम्र के बीच भी संबंध देखा गया है।
शोधकर्ताओं के अनुसार, जिन महिलाओं की यौन गतिविधि नियमित थी, उनमें उन महिलाओं की तुलना में जल्दी मेनोपॉज होने की संभावना कम देखी गई, जो बहुत कम यौन रूप से सक्रिय थीं। हालांकि, इस अध्ययन से यह साबित नहीं होता कि नियमित शारीरिक संबंध बनाने से मेनोपॉज को निश्चित रूप से टाला जा सकता है।
क्या कहता है महिलाओं पर किया गया अध्ययन?
यूनिवर्सिटी कॉलेज लंदन (UCL) की शोधकर्ता मेगन अरनॉट और रूथ मेस ने महिलाओं में मेनोपॉज की उम्र और यौन गतिविधियों के बीच संभावित संबंध को समझने के लिए अध्ययन किया।
इस शोध में अमेरिका की 2,936 महिलाओं को शामिल किया गया था। अध्ययन शुरू होने के समय उनकी उम्र लगभग 42 से 52 वर्ष के बीच थी और वे मेनोपॉज की स्थिति में नहीं पहुंची थीं।
शोधकर्ताओं ने करीब 10 वर्षों तक महिलाओं की यौन गतिविधियों और स्वास्थ्य से जुड़ी जानकारियों का आकलन किया। इसमें यह भी देखा गया कि वे कितनी बार शारीरिक संबंध बनाती थीं और उनकी जीवनशैली, वजन, मानसिक स्वास्थ्य तथा अन्य स्वास्थ्य संबंधी स्थितियां कैसी थीं।
इसके अलावा, शोधकर्ताओं ने यह भी समझने की कोशिश की कि पुरुष पार्टनर के साथ रहने का मेनोपॉज की उम्र पर कोई प्रभाव पड़ता है या नहीं।
नियमित यौन गतिविधि वाली महिलाओं में क्या देखा गया?
अध्ययन के नतीजों में पाया गया कि जिन महिलाओं ने सप्ताह में कम से कम एक बार यौन गतिविधि में हिस्सा लेने की जानकारी दी, उनमें महीने में एक बार से कम यौन गतिविधि करने वाली महिलाओं की तुलना में जल्दी मेनोपॉज होने की संभावना लगभग 28 प्रतिशत कम थी।
महीने में एक बार यौन गतिविधि करने वाली महिलाओं में भी ऐसा संबंध देखा गया। शोध में यौन गतिविधि के अलग-अलग रूपों को शामिल किया गया था, जैसे शारीरिक संबंध, ओरल सेक्स, अंतरंग स्पर्श और हस्तमैथुन।
शोधकर्ताओं ने यह संभावना जताई कि यौन गतिविधि और मेनोपॉज की उम्र के बीच कोई जैविक संबंध हो सकता है। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं है कि यौन गतिविधि ही इस बदलाव का कारण है या इसके पीछे दूसरे स्वास्थ्य और जीवनशैली संबंधी कारक भी काम करते हैं।
क्या पुरुष पार्टनर के साथ रहने से मेनोपॉज देर से आता है?
अध्ययन में केवल यौन गतिविधि ही नहीं, बल्कि महिलाओं की रहने की परिस्थितियों पर भी ध्यान दिया गया। शोधकर्ताओं ने यह जानने की कोशिश की कि पुरुष पार्टनर या घर में अन्य पुरुषों के साथ रहने का मेनोपॉज की उम्र से कोई संबंध है या नहीं।
नतीजों में केवल पुरुष पार्टनर के साथ रहने से मेनोपॉज के समय में कोई स्पष्ट बदलाव नहीं मिला। इससे शोधकर्ताओं को संकेत मिला कि साथ रहने की स्थिति के बजाय यौन गतिविधि का संबंध अधिक महत्वपूर्ण हो सकता है।
क्या है ‘ग्रैंडमदर हाइपोथिसिस’?
शोधकर्ताओं ने अपने निष्कर्षों को समझाने के लिए ‘ग्रैंडमदर हाइपोथिसिस’ यानी दादी-नानी परिकल्पना का भी उल्लेख किया।
इस परिकल्पना के अनुसार, महिलाओं में प्रजनन क्षमता समाप्त होने के बाद वे अपनी ऊर्जा और समय को पहले से मौजूद बच्चों और परिवार की देखभाल में लगा सकती हैं। शोधकर्ताओं ने संभावना जताई कि यौन गतिविधि और प्रजनन से जुड़े जैविक संकेतों का इस प्रक्रिया से कोई संबंध हो सकता है।
हालांकि, यह एक वैज्ञानिक परिकल्पना है। इसे इस अध्ययन से पूरी तरह साबित नहीं किया गया है।
क्या शारीरिक संबंध बनाने से मेनोपॉज के लक्षण कम हो सकते हैं?
मेनोपॉज के दौरान महिलाओं को कई तरह की परेशानियां हो सकती हैं। इनमें अचानक गर्मी महसूस होना, रात में पसीना आना, नींद में परेशानी, मूड में बदलाव और योनि में सूखापन शामिल हैं।
अध्ययन में यह सुझाव दिया गया कि नियमित अंतरंगता महिलाओं के स्वास्थ्य और यौन जीवन से जुड़ी कुछ परेशानियों के लिए फायदेमंद हो सकती है। हालांकि, यह कहना सही नहीं होगा कि शारीरिक संबंध बनाने से हॉट फ्लैशेज या मेनोपॉज के अन्य लक्षण निश्चित रूप से कम हो जाते हैं।
2023 के एक अन्य अध्ययन में यौन रूप से सक्रिय महिलाओं में मेनोपॉज से जुड़े कुछ लक्षण अपेक्षाकृत कम गंभीर पाए गए थे। लेकिन इस शोध से भी यह स्पष्ट नहीं हो सका कि यौन गतिविधि के कारण लक्षण कम हुए या बेहतर स्वास्थ्य वाली महिलाओं में यौन सक्रियता अधिक थी।
मेनोपॉज के बाद भी अंतरंगता के हो सकते हैं फायदे
मेनोपॉज शुरू होने के बाद भी महिलाएं अपनी इच्छा और सहजता के अनुसार अंतरंग जीवन जारी रख सकती हैं। प्यार भरा स्पर्श और शारीरिक नजदीकी भावनात्मक जुड़ाव, तनाव में कमी और आपसी संतुष्टि में मदद कर सकते हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार, अंतरंगता के दौरान ऑक्सीटोसिन और डोपामाइन जैसे रसायनों की भूमिका भी हो सकती है, जो भावनात्मक जुड़ाव और सुखद अनुभवों से जुड़े हैं।
हालांकि, मेनोपॉज के बाद एस्ट्रोजन का स्तर कम होने से कुछ महिलाओं को योनि में सूखापन, जलन या शारीरिक संबंध बनाते समय दर्द हो सकता है। ऐसी स्थिति में डॉक्टर की सलाह से उचित लुब्रिकेंट या अन्य उपचार अपनाए जा सकते हैं।
क्या उम्र बढ़ने के बाद भी सेक्स करना सुरक्षित है?
यदि दोनों पार्टनर स्वस्थ हैं, सहज महसूस करते हैं और किसी चिकित्सकीय समस्या के कारण मनाही नहीं है, तो बढ़ती उम्र में भी अंतरंग जीवन जारी रखा जा सकता है।
लेकिन यदि शारीरिक संबंध बनाते समय दर्द, रक्तस्राव, असामान्य जलन या दूसरी परेशानी हो, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। ऐसे लक्षणों के लिए डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है।
अध्ययन की सबसे बड़ी सीमा क्या है?
इस शोध में बड़ी संख्या में महिलाओं को शामिल किया गया था और कई स्वास्थ्य तथा जीवनशैली से जुड़े पहलुओं को भी ध्यान में रखा गया। इसके बावजूद यह अध्ययन केवल दो चीजों के बीच संबंध दिखाता है, किसी एक को दूसरे का निश्चित कारण साबित नहीं करता।
महिलाओं में मेनोपॉज की उम्र पर आनुवंशिकता, धूम्रपान, स्वास्थ्य, जीवनशैली और अन्य कारकों का प्रभाव हो सकता है। इसलिए केवल यौन गतिविधि के आधार पर मेनोपॉज की उम्र का अनुमान लगाना सही नहीं है।
Satya Report स्वास्थ्य डिस्क्लेमर: यह लेख प्रकाशित शोध के आधार पर सामान्य स्वास्थ्य जानकारी देने के उद्देश्य से तैयार किया गया है। नियमित शारीरिक संबंध बनाने से मेनोपॉज देर से आएगा, इसकी कोई गारंटी नहीं है। मेनोपॉज से जुड़े लक्षणों या यौन स्वास्थ्य की परेशानी होने पर योग्य स्त्री रोग विशेषज्ञ से सलाह लें।



