उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में तेज रफ्तार का कहर देखने को मिला. थाना दुबग्गा क्षेत्र के अंतर्गत हरदोई रोड पर अंधे चौकी के पास मारुति स्विफ्ट डिजायर कार और ईरिक्शा के बीच जोरदार टक्कर हो गई. हादसा इतना भीषण था कि एक व्यक्ति की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई, जबकि एक महिला समेत दो अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए. घटना के बाद मौके पर चीखपुकार मच गई और आसपास के इलाके में अफरातफरी का माहौल बन गया.

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, कार और ईरिक्शा के बीच हुई टक्कर के बाद ईरिक्शा में सवार लोग गंभीर रूप से घायल हो गए. हादसे में एक व्यक्ति ने घटनास्थल पर ही दम तोड़ दिया. वहीं, घायल महिला समेत दो लोगों की हालत बेहद नाजुक बताई जा रही है. दुर्घटना के बाद स्थानीय लोग तत्काल घायलों की मदद के लिए मौके पर जुट गए और उन्हें अस्पताल पहुंचाने के प्रयास शुरू किए.
हादसे में एक की मौत
इस बीच हादसे के बाद आपातकालीन सेवाओं को लेकर स्थानीय लोगों में भारी नाराजगी देखने को मिली. लोगों का आरोप है कि दुर्घटना के तुरंत बाद घायलों को चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने के लिए डायल 108 एंबुलेंस सेवा और पुलिस सहायता के लिए डायल 112 पर कई बार फोन किया गया, लेकिन काफी प्रयासों के बावजूद फोन नहीं उठाया गया.
स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क हादसे जैसी गंभीर स्थिति में यदि समय पर एंबुलेंस और पुलिस सहायता मिल जाए तो घायलों की जान बचाने में काफी मदद मिल सकती है. लेकिन कथित तौर पर समय पर सहायता नहीं मिलने से लोगों में प्रशासन और आपातकालीन सेवाओं की कार्यप्रणाली को लेकर आक्रोश है.
घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया
लोगों ने मांग की है कि हादसे में घायल लोगों को तत्काल बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाए और दुर्घटना के कारणों की निष्पक्ष जांच कराई जाए. साथ ही डायल 108 और 112 पर सूचना देने के बावजूद मदद नहीं मिलने के आरोपों की भी जांच होनी चाहिए.
फिलहाल इस दर्दनाक हादसे ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा और आपातकालीन सेवाओं की तत्परता पर सवाल खड़े कर दिए हैं. हादसे में मृतक और घायलों की पहचान, दुर्घटना के वास्तविक कारणों तथा पुलिस की आगे की कार्रवाई को लेकर आधिकारिक जानकारी का इंतजार है.



