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लखनऊ में 35 व्यापारियों से 50 लाख रुपये की ठगी, नाजा मार्केट में खोली दुकान, उधार पर लिए पार्ट्स और रातोंरात फरार

पीड़ितों की शिकायत पर हजरतगंज पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है. पहचान छिपाकर भागने वाले राजस्थानी ठगों की तलाश की जा रही है.

लखनऊ में 35 व्यापारियों से 50 लाख रुपये की ठगी, नाजा मार्केट में खोली दुकान, उधार पर लिए पार्ट्स और रातोंरात फरार

लखनऊ : नाजा मार्केट में राजस्थान के दो शातिर ठगों ने करीब 35 व्यापारियों को 50 लाख रुपये का चूना लगा दिया. आरोपियों ने लालबाग स्थित भोपाल हाउस में आइकॉन कंप्यूटर्स नाम से फर्जी फर्म खोली और फर्जी आधार व पैन कार्ड के जरिए व्यापारियों का भरोसा जीता. शुरुआत में नकद लेनदेन कर साख बनाने के बाद, ठगों ने कंप्यूटर पार्ट्स की एक बड़ी खेप उधार ली और रातों-रात दुकान बंद कर फरार हो गए. पीड़ितों की शिकायत पर हजरतगंज पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है और फर्जी दस्तावेजों के सहारे पहचान छिपाकर भागने वाले राजस्थानी ठगों की तलाश शुरू कर दी है.

​पीड़ित व्यापारियों के अनुसार, नवंबर 2025 में हजरतगंज के भोपाल हाउस लालबाग स्थित ग्राफिक्स बिल्डिंग में आइकॉन कंप्यूटर्स नाम से दुकान खोली गई. इसे चलाने वाले राजस्थान के कोटा निवासी कानाराम मानाराम चौधरी और धीरज खेमराम चौधरी थे. शुरुआत में आरोपियों ने व्यापारियों से नकद और छोटे-छोटे उधार पर माल लिया और समय पर भुगतान कर अपनी साख जमाई.

50 लाख का माल लेकर गायब हुए दुकानदार : व्यापारियों का भरोसा बढ़ गया, तो आरोपियों ने असली खेल शुरू किया. भरोसा जीतकर आरोपियों ने करीब 35 व्यापारियों से कंप्यूटर पार्ट्स, ग्राफिक्स कार्ड और अन्य हार्डवेयर की एक बड़ी खेप उधार ली. जैसे ही उधार की रकम करीब 50 लाख रुपये तक पहुंची, दोनों आरोपी रातों-रात दुकान में ताला बंदकर गायब हो गए. व्यापारियों के फोन उठाने भी बंद कर दिए.

फर्जी आधार और पैन कार्ड का इस्तेमाल : ​जांच में एक और चौंकाने वाला तथ्य सामने आया है. व्यापारियों को संदेह है कि आरोपियों ने धोखाधड़ी के लिए कूटरचित दस्तावेजों का सहारा लिया. फर्म रजिस्ट्रेशन के लिए दिए गए आधार कार्ड, पैन कार्ड और ड्राइविंग लाइसेंस के फर्जी होने की आशंका जताई जा रही है. पीड़ितों का आरोप है कि इस गिरोह में इन दोनों भाइयों के अलावा 5 से 10 अन्य लोग भी शामिल हैं, जो पर्दे के पीछे से काम कर रहे थे.

हजरतगंज पुलिस की कार्रवाई : ​मामले की गंभीरता को देखते हुए इंस्पेक्टर हजरतगंज विक्रम सिंह ने बताया कि व्यापारियों की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है. पुलिस आरोपियों की लोकेशन ट्रैक करने के साथ-साथ उनके द्वारा जमा किए गए आईडी प्रूफ की सत्यता की जांच कर रही है. आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए राजस्थान पुलिस से भी संपर्क किया जाएगा

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