डायबिटीज एक कॉमन बीमारी है जिसके मरीजों की संख्या में लगातर बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। पिछले 4 साल में मरीजों की संख्या 44% बढ़ी है। डायबिटीज की वजह से लोगों के दूसरे अंग भी डैमेज हो रहे हैं। चलिए जानते हैं।

लिवर की अगर बात करें तो इसका साइज़ एक फुटबॉल के बराबर और वज़न करीब डेढ़ किलो होता है। लेकिन फिर भी ये ऑर्गन्स इतने पावरफुल होने के बावजूद कुछ दुश्मनों के आगे घुटने टेक देते हैं। कुछ चीजें ऐसी हैं जो हमारी सेहत के लिए दुश्मन है। जैसे सफेद ज़हर यानि शुगर जो बच्चों के ब्रेन पर हमला करके उन्हें ADHD का मरीज़ बना देती है। बड़ों के दिमाग पर हमला करती है तो डिमेंशिया की दिक्कत हो जाती है, आंखों के लिए खतरनाक ग्लूकोमा की बीमारी भी एक्सेस शुगर का ही नतीजा है। दांतों में कैविटीज़ की वजह भी यही बनती है। इनसोमनिया के साथ साथ स्किन एजिंग की प्रॉब्लम भी शुगर का साइडइफेक्ट है और खून में शुगर ज़्यादा हो जाए तो इंसान डायबिटीज़ का मरीज़ बन जाता है यानि रोज़ ज़्यादा चीनी का डोज़ पूरे शरीर के लिए घातक है। बिल्कुल सही समझे आप लेकिन आदत में थोड़ा सा बदलाव और योग का साथ इस सफेद ज़हर को बेअसर भी कर देता है और दिल, दिमाग, लिवर, किडनी हार्ट को एक नया जीवन देता है।
भारत में शुगर पेशेंट
भारत में 10 करोड़ से ज्यादा शुगर पेशेंट हैं। 50% को अपनी बीमारी का पता नहीं पिछले 4 साल में 44% बढ़े पेशेंट की संख्या बढ़ी है।
डायबिटीज से खतरा
ब्रेन
आंख
हार्ट
लिवर
किडनी
ज्वाइंट्स
डायबिटिक्स के साथ हार्ट पेशेंट भी बढ़ें
शुगर के मरीजों में दिल की बीमारी ज्यादा होती है। 22% डायबिटिक्स को दिल का दौरा पड़ रहा। शुगर पेशेंट को हार्ट अटैक का खतरा 4 गुना ज्यादा रहता है।
डायबिटीज के लक्षण
ज़्यादा प्यास लगना
बार-बार यूरिन आना
बहुत भूख लगना
वजन घटना
चिड़चिड़ापन
थकान
कमज़ोरी
धुंधला दिखना
नॉर्मल शुगर लेवल
खाने से पहले – 100 से कम
खाने के बाद – 140 से कम
प्री-डायबिटीज
खाने से पहले -100-125 mg/dl
खाने के बाद – 140-199 mg/dl
डायबिटीज
खाने से पहले – 125 से ज्यादा mg/dl
खाने के बाद – 200 से ज्यादा mg/dl
शुगर कंट्रोल करने के उपाय
खीरा-करेला-टमाटर का जूस लें।
गिलोय का काढ़ा पीएं।
मंडूकासन- योगमुद्रासन फायदेमंद।
15 मिनट कपालभाति करें।
डिस्क्लेमर: इस आर्टिकल में सुझाए गए टिप्स केवल आम जानकारी के लिए हैं। सेहत से जुड़े किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी भी तरह का बदलाव करने या किसी भी बीमारी से संबंधित कोई भी उपाय करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें



