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अब मलमास की बारी; इस 1 महीने इन बातों का रखें खास ध्यान, वरना बढ़ सकती हैं परेशानियां

हिंदू धर्म में खरमास, मलमास, चातुर्मास ये वो महीने हैं जिसमें शुभ-मांगलिक कार्य वर्जित होते हैं. 14 अप्रैल को खरमास खत्‍म हो गया है लेकिन अब मई से मलमास शुरू होगा. जानिए इस दौरान क्‍या करें और क्‍या न करें.
मलमास कब से है और इस दौरान क्‍या करना चाहिए, क्‍या नहीं करना चाहिए.

Malmas 2026 Start Date: सनातन धर्म में हर काम के लिए शुभ-अशुभ समय देखा जाता है. ताकि कार्य का शुभ फल मिले. वहीं साल के कुछ महीने जैसे- खरमास, मलमास और चातुर्मास में शादी, गृहप्रवेश, मुंडन, नए काम की शुरुआत करना वर्जित है. वहीं राहुकाल-भद्राकाल में कोई काम नहीं किया जाता है. अभी 14 अप्रैल 2026 को सूर्य के मीन राशि से निकलते ही खरमास खत्‍म हुआ है. वहीं अब 17 मई 2026 से मलमास शुरू होगा, जो कि 15 जून 2026 तक चलेगा. धर्म-शास्‍त्रों में मलमास के लिए नियम बताए गए हैं, जिनका पालन जरूरी है.

खरमास और मलमास में अंतर 

जब सूर्य गुरु की राशि (धनु और मीन) में होते हैं तो उस समय को खरमास कहते हैं. साल में 2 बार एक-एक महीने का खरमास होता है. वहीं मलमास 3 साल में एक बार आता है. मलमास चंद्र वर्ष और सौर वर्ष के बीच आए 33 दिनों के अंतर को पाटने के लिए होता है. साल 2026 में मलमास पड़ रहा है. इसे अधिकमास और पुरुषोत्‍तम मास भी कहते हैं. मलमास जिस महीने के बीच में आता है, वह महीना 2 माह का होता है. जैसे- इस साल मलमास ज्‍येष्‍ठ मास के बीच आ रहा है, जिससे ज्‍येष्‍ठ मास 2 महीने का हो जाएगा

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