अब इस बात की जांच की जा रही है कि जिन आभूषण का लालच राजेश अग्रवाल को दिया गया था, वे वास्तव में असली थे या सिर्फ पैसा लेने के लिए झूठ बोला गया था.

Satya Report: हैदराबाद के व्यापारी को निजाम काल के आभूषणों में हिस्सेदारी का झांसा देकर 50 करोड़ रुपये का चूना लगाया गयाआरोपी जाकिर उस्मान, बिजनेसमैन सुकेश गुप्ता ने 2016 से 2018 के बीच किश्तों में पैसे लिए लेकिन हिस्सा नहीं दियाराजेश अग्रवाल ने ठगों की फर्मों को कुल 50.8 करोड़ रुपये ट्रांसफर किए, पर उन्हें आभूषणों में हिस्सा नहीं मिला
आभूषण की सौदेबाजी साल 2016 में शुरू हुई थी. 50 साल के बिजनेसमैन राजेश अग्रवाल ने पुलिस को बताया कि जौहरी मोहम्मद ज़ाकिर उस्मान और बिजनेसमैन सुकेश गुप्ता ने उनसे संपर्क कर उन्हें आकर्षक मौके का फायदा उठाने का लालच दिया. दोनों ने दावा किया कि वे निज़ाम काल से जुड़े बहुमूल्य आभूषणों के पांच सीलबंद बक्से, जो कथित तौर पर सरकारी कब्जे में हैं, उनको छुड़ा सकते हैं. अगर राजेश इसके लिए पैसा देते हैं तो वह इन गहनों में उनको शेयर देंगे.
50 करोड़ लिए लेकन आभूषणों में नहीं दिया हिस्सा
राजेश ने दोनों पर भरोसा करते हुए एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए. जून 2016 से फरवरी 2018 के बीच किश्तों में उन्होंने कथित तौर पर ठगों की फर्मों को पैसा ट्रांसफर कर दिया. उन्होंने कुल 50.8 करोड़ रुपये उनको दे दिया. राजेश का आरोप है कि उनको डील में शामिल किया ही नहीं गया और ना ही उनको आभूषणों में कोई हिस्सा मिला. उनके दिए पैसे का दुरुपयोग अन्य उद्देश्यों के लिए किया गया.
अब इस बाच की जांच की जा रही है कि जिन आभूषण का लालच राजेश अग्रवाल को दिया गया था, वे वास्तव में असली थे या सिर्फ पैसा लेने के लिए झूठ बोला गया था.



