नासिक TCS में काम करने वाले समर्थ रामदास स्वामी के अनुयायी युवक ने धर्मांतरण के लिए मानसिक उत्पीड़न का आरोप लगाया. पढ़ें पूरी रिपोर्ट.

Satya Report: देश की जानी‑मानी आईटी कंपनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) के नासिक ऑफिस से जुड़ा एक गंभीर मामला सामने आया है, जिसमें एक युवक ने अपने सहकर्मियों पर धर्मांतरण के लिए मानसिक और भावनात्मक दबाव बनाने के आरोप लगाए हैं. मामला सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर कुछ तस्वीरें और वीडियो वायरल हुए, जिनमें युवक को धार्मिक गतिविधियों से जोड़कर दिखाया गया. पीड़ित का कहना है कि उसे योजनाबद्ध तरीके से मानसिक रूप से परेशान किया गया, धार्मिक दबाव बनाया गया और व्यक्तिगत संकटों का फायदा उठाने की कोशिश की गई. घटना के खुलासे के बाद पुलिस और जांच एजेंसियां अब उन सोशल मीडिया ग्रुप्स की पड़ताल कर रही हैं, जिनसे पीड़ित युवक को जोड़े जाने का दावा किया गया है.
2022 में TCS ज्वाइन करने के बाद शुरू हुई परेशानी
जानकारी के अनुसार, संबंधित युवक साल 2022 में नासिक स्थित टीसीएस यूनिट में नौकरी पर लगा था. वह जिस टीम में काम करता था, उसमें तौसीफ अत्तार, दानिश शेख और अन्य सहकर्मी शामिल थे. तौसीफ अत्तार उस टीम का लीडर था. युवक का आरोप है कि तौसीफ और दानिश न सिर्फ उससे अतिरिक्त काम करवाते थे, बल्कि अपना काम भी उसी पर डाल देते थे, जिससे उस पर लगातार मानसिक दबाव बना रहता था.
धार्मिक पहचान को लेकर लगातार की जाती थी चर्चा
पीड़ित युवक के अनुसार उसका परिवार समर्थ रामदास स्वामी का अनुयायी रहा है और वह स्वयं गले में रुद्राक्ष की माला पहनता था. यही बात उसके सहकर्मियों को खटकती थी. आरोप है कि तौसीफ और दानिश अक्सर उसके साथ धर्म को लेकर चर्चा करते थे और कथित तौर पर हिंदू धर्म को लेकर अपमानजनक टिप्पणियां करते थे. युवक का दावा है कि उससे कहा जाता था कि “भगवान जैसा कुछ नहीं है” और इस तरह की बातें कर उसके विश्वास को कमजोर करने की कोशिश की जाती थी.
जबरन खान‑पान और जीवनशैली बदलने का दबाव
आरोपों के मुताबिक, ऑफिस से देर रात निकलने पर उसे जबरन होटल ले जाया जाता था और मांसाहार खाने के लिए मजबूर किया जाता था. एक बार तो उसे डराते हुए कहा गया कि अगर उसने बात नहीं मानी तो “उसका बुरा होगा”. युवक का कहना है कि यह सब उसकी इच्छा के खिलाफ किया गया, जिससे वह अंदर ही अंदर तनाव में जाने लगा .



