Satya Report: शेयर बाजार की तरह ही करेंसी मार्केट में भी ऐसा यूटर्न देखने को मिला जिसे देखकर सभी लोग हैरान हो गए हैं. सोमवार को जब करेंसी मार्केट की ओपन हुआ था, तब डॉलर के मुकाबले में रुपए में अच्छी तेजी देखने को मिली थी और लेकिन बाद में रुपए ने ऐसा यू टर्न मारा कि किसी को विश्वास नहीं हुआ और झटके में 93 के लेवल को पार कर गया. खास बात तो ये है कि डॉलर के मुकाबले में रुपए में कारोबारी सत्र के दौरान 50 पैसे से ज्यादा की गिरावट देखने को मिली. जानकारों की मानें तो ईरान और अमेरिका की बढ़ती टशन और कच्चे तेल की कीमतों में इजाफा होने की वजह से रुपए में डॉलर के मुकाबले में गिरावट देखने को मिली. आइए आपको भी बताते हैं कि बाजार बंद होने के बाद करेंसी मार्केट में किस तरह के आंकड़े देखने को मिल रहे हैं.

रुपए में आई बड़ी गिरावट
सोमवार को अमेरिकी डॉलर में तेजी आई, क्योंकि पश्चिम एशिया में नए तनाव के कारण अमेरिकी करेंसी की मांग बढ़ गई और कच्चे तेल की कीमतें स्थिर बनी रहीं. फॉरेक्स ट्रेडर्स ने बताया कि स्थानीय मुद्रा पर दबाव बना रहा, जिसकी वजह अमेरिका और ईरान के बीच नया टकराव था. इस टकराव के कारण स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बंद हो गया, जिससे ग्लोबल सप्लाई बाधित हुई. इंटरबैंक विदेशी मुद्रा बाज़ार में, रुपया 92.73 पर खुला और अमेरिकी डॉलर के मुकाबले दिन के कारोबार में 92.70 के उच्चतम स्तर को छुआ. सत्र के दौरान यह 93.24 के निचले स्तर तक भी गिरा, और अंत में डॉलर के मुकाबले 93.10 (अस्थायी) पर बंद हुआ, जो पिछले बंद स्तर से 19 पैसे की गिरावट दर्शाता है. शुक्रवार को रुपया 28 पैसे मज़बूत होकर अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 92.91 पर बंद हुआ. इससे ठीक एक दिन पहले, गुरुवार के सत्र में इसने 19 पैसे की बढ़त हासिल की थी.
क्यों आई गिरावट?
मीराए एसेट शेयरखान के रिसर्च एनालिस्ट अनुज चौधरी ने बताया कि मज़बूत डॉलर और कच्चे तेल की कीमतों में उछाल के कारण रुपया कमज़ोर हुआ. यह स्थिति तब बनी जब ईरान ने घोषणा की कि उसने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को फिर से बंद कर दिया है, जिससे वैश्विक जोखिम की भावनाएं बिगड़ गईं. चौधरी ने कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच नए भू-राजनीतिक तनाव के चलते रुपए में गिरावट का रुख बने रहने की उम्मीद है. हालाँकि, इजराइल और लेबनान के बीच हुए संघर्ष-विराम से निचले स्तरों पर रुपए को कुछ सहारा मिल सकता है. USD-INR स्पॉट प्राइस 93 रुपए से 93.60 रुपए की सीमा में रहने की उम्मीद है. .
शेयर बाजार ने गंवाई बढ़त
इस बीच, डॉलर इंडेक्स-जो छह मुद्राओं की एक टोकरी के मुकाबले अमेरिकी डॉलर की मज़बूती को मापता है-0.14 प्रतिशत बढ़कर 98.03 पर पहुंच गया. वैश्विक तेल बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड, वायदा कारोबार में 4.64 प्रतिशत की गिरावट के साथ 94.57 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा था. विश्लेषकों ने बताया कि कच्चे तेल की कीमतें शुक्रवार को 90 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल के नीचे पहुंचने के बाद फिर से ऊपर उठीं. ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि अमेरिका और ईरान के बीच नए टकराव के कारण भू-राजनीतिक स्थिति अस्थिर हो गई, जिससे जहाज़ों का स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरना बाधित हो गया. घरेलू शेयर बाज़ार लगभग सपाट रहे. 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 26.76 अंक या 0.03 फीसदी की बढ़त के साथ 78,520.30 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 11.30 अंक या 0.05 प्रतिशत बढ़कर 24,364.85 पर पहुंच गया. एक्सचेंज के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों ने शुक्रवार को 683.20 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे.



