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बाजार की मंदी में भी Groww ऐप पर पैसों की बारिश! मुनाफा दोगुने से ज्यादा बढ़ा, तिजोरी में आए 686 करोड़!

Satya Report: देश के प्रमुख ऑनलाइन स्टॉक ब्रोकिंग प्लेटफॉर्म ‘ग्रो’ (Groww) का संचालन करने वाली पैरेंट कंपनी ‘बिलियनब्रेन्स गैरेज वेंचर्स’ की बैलेंस शीट शानदार मुनाफे के साथ हरी हो गई. मार्च तिमाही में ग्रो का कंसोलिडेटेड शुद्ध मुनाफा (Net Profit) सालाना आधार पर 122 फीसदी की जोरदार छलांग लगाकर 686 करोड़ रुपये के पार पहुंच गया है. वहीं, कंपनी की परिचालन आय (Revenue from operations) भी 87 फीसदी बढ़कर 1,505 करोड़ रुपये हो गई है. एबिटडा (EBITDA) 142 फीसदी उछलकर 939 करोड़ रुपये दर्ज किया गया है. दरअसल, कंपनी का बुनियादी ढांचागत खर्च लगभग स्थिर रहा, जबकि आमदनी बहुत तेजी से बढ़ी. कॉरपोरेट जगत की भाषा में इसे ‘ऑपरेटिंग लीवरेज’ का फायदा मिलना कहते हैं और इसी प्लान ने कंपनी के मुनाफे के मार्जिन को इतनी मजबूती दी है.

बाजार की मंदी में भी Groww ऐप पर पैसों की बारिश! मुनाफा दोगुने से ज्यादा बढ़ा, तिजोरी में आए 686 करोड़!
बाजार की मंदी में भी Groww ऐप पर पैसों की बारिश! मुनाफा दोगुने से ज्यादा बढ़ा, तिजोरी में आए 686 करोड़!

डेरिवेटिव्स (F&O) से छप्परफाड़ कमाई

विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) की लगातार बिकवाली और भू-राजनीतिक तनावों के कारण शेयर बाजार में जबरदस्त उथल-पुथल रही. ऐसे माहौल में निवेशकों ने जोखिम उठाते हुए डेरिवेटिव्स (Futures & Options) और कमोडिटीज में जमकर सौदे किए. नतीजतन, ग्रो की कुल कमाई में इक्विटी डेरिवेटिव्स की हिस्सेदारी पिछली तिमाही के 53.5% से बढ़कर अब 54.6% हो गई है. इसके अलावा, मार्जिन ट्रेडिंग फैसिलिटी (MTF) जैसे नए विकल्पों ने भी रफ्तार पकड़ी है. हालांकि, अत्यधिक उतार-चढ़ाव के कारण कंपनी को रिस्क मैनेजमेंट, सीएसआर (CSR) और प्रशासनिक कार्यों पर अपना खर्च भी बढ़ाना पड़ा. .

SIP का बढ़ता क्रेज

एक तरफ डेरिवेटिव्स में ट्रेडिंग वॉल्यूम बढ़ रहा था, तो दूसरी तरफ लंबी अवधि के निवेशकों का भरोसा भी कायम रहा. मौजूदा वक्त में ग्रो के प्लेटफॉर्म पर लेन-देन करने वाले यूजर्स की संख्या 25% बढ़कर 2.16 करोड़ हो गई है, जबकि सक्रिय यूजर्स 1.67 करोड़ हैं. कुल कस्टमर एसेट 36% उछलकर 3 लाख करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया है. हालांकि, बाजार के हालिया क्रैश के चलते मार्क-टू-मार्केट नुकसान के कारण इसमें पिछली तिमाही के मुकाबले मामूली गिरावट जरूर दर्ज की गई. इसके बावजूद, म्यूचुअल फंड्स सेगमेंट का प्रदर्शन शानदार रहा. नए SIP रजिस्ट्रेशन में 61.5% का भारी इजाफा हुआ और 25,000 करोड़ रुपये का शुद्ध निवेश (Net Inflow) प्लेटफॉर्म पर आया, जो पूरी इंडस्ट्री की ग्रोथ से कहीं बेहतर है.

लोन बिजनेस में उतर गया है ग्रो

ग्रो अब केवल एक ब्रोकिंग ऐप तक सीमित नहीं रह गया है. इसका नया लोन (क्रेडिट) बिजनेस भी विस्तार ले रहा है और कुल मुनाफे में इसकी हिस्सेदारी 4.1% तक पहुंच गई है. प्रबंधन को उम्मीद है कि आगे चलकर यह और बढ़ेगा. लेकिन लंबी रेस में कुछ चुनौतियां भी खड़ी हैं. कंपनी की सब्सिडियरी ‘फिसडम’ (Fisdom) और इसका अपना एसेट मैनेजमेंट (AMC) बिजनेस अभी शुरुआती निवेश के दौर में हैं, जहां इन्हें तिमाही के दौरान क्रमश: 10 करोड़ और 21 करोड़ रुपये का घाटा सहना पड़ा है.

Disclaimer: ये आर्टिकल सिर्फ जानकारी के लिए है और इसे किसी भी तरह से इंवेस्टमेंट सलाह के रूप में नहीं माना जाना चाहिए. TV9 भारतवर्ष अपने पाठकों और दर्शकों को पैसों से जुड़ा कोई भी फैसला लेने से पहले अपने वित्तीय सलाहकारों से सलाह लेने का सुझाव देता है.

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