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AI के दौर में टेक इंडस्ट्री में नौकरियों पर बड़ा संकट, अब तक हुईं 73 हजार से ज्यादा छंटनी

Satya Report: Global Tech Layoffs 2026: साल 2026 की शुरुआत टेक इंडस्ट्री के लिए मुश्किल भरी साबित हो रही है, जहां दुनियाभर में बड़े पैमाने पर नौकरियों में कटौती देखने को मिल रही है. रिपोर्ट्स के अनुसार सिर्फ पहले तीन महीनों में ही 73 हजार से ज्यादा नौकरियां खत्म हो चुकी हैं. यह बदलाव कोरोना महामारी के दौरान हुई ज्यादा भर्ती के बाद अब कंपनियों द्वारा किए जा रहे रीसेट का हिस्सा माना जा रहा है. सबसे बड़ा कारण आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के चलते हो रहे स्ट्रक्चरल बदलाव हैं, जहां कंपनियां पुराने मॉडल को हटाकर नए टेक्नोलॉजी फोकस की ओर बढ़ रही हैं.

AI के दौर में टेक इंडस्ट्री में नौकरियों पर बड़ा संकट, अब तक हुईं 73 हजार से ज्यादा छंटनी
AI के दौर में टेक इंडस्ट्री में नौकरियों पर बड़ा संकट, अब तक हुईं 73 हजार से ज्यादा छंटनी

एआई और ऑटोमेशन बना छंटनी का सबसे बड़ा कारण

लेऑफ्स फाई की रिपोर्ट्स के अनुसार, टेक कंपनियों में हो रही यह छंटनी मुख्य रूप से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और ऑटोमेशन की वजह से हो रही है. कंपनियां अपने खर्च को नए इनोवेशन और इंफ्रास्ट्रक्चर पर शिफ्ट कर रही हैं, जिससे पारंपरिक बिजनेस यूनिट्स में नौकरियां कम हो रही हैं. लेऑफ्स फाई के आंकड़ों के मुताबिक सिर्फ 95 कंपनियों ने पहले क्वार्टर में 73 हजार से ज्यादा कर्मचारियों की छंटनी की है. यह ट्रेंड दिखाता है कि कंपनियां अब मैनुअल और पारंपरिक कामों की जगह एआई आधारित सिस्टम को तेजी से अपनाने लगी हैं. इसका असर सीधे रोजगार संरचना पर पड़ रहा है.

क्लाउड, सॉफ्टवेयर और ई कॉमर्स सेक्टर सबसे ज्यादा प्रभावित

छंटनी का सबसे ज्यादा असर क्लाउड कंप्यूटिंग, सॉफ्टवेयर और सॉफ्टवेयर एज ए सर्विस यानी सास कंपनियों पर देखने को मिला है. इन सेक्टर्स में धीमी ग्रोथ और बढ़ते कॉस्ट के कारण कंपनियां अपने ऑपरेशन को छोटा कर रही हैं. ई कॉमर्स कंपनियां भी इस बदलाव से अछूती नहीं हैं और वे अपने बिजनेस मॉडल को फिर से स्ट्रक्चर कर रही हैं. कई कंपनियां अब एआई आधारित प्रोजेक्ट्स पर ज्यादा फोकस कर रही हैं और पुराने डिपार्टमेंट्स में कर्मचारियों की संख्या कम कर रही हैं. यह बदलाव दिखाता है कि टेक इंडस्ट्री तेजी से नए टेक्नोलॉजी मॉडल की ओर बढ़ रही है.

अमेरिका सबसे ज्यादा प्रभावित, ग्लोबल स्तर पर असर जारी

इस छंटनी लहर में सबसे ज्यादा असर अमेरिका में देखने को मिला है, जहां कुल ग्लोबल जॉब लॉस का बड़ा हिस्सा दर्ज हुआ है. इसके अलावा यूरोप और एशिया के कुछ हिस्सों में भी नौकरियों में कटौती हुई है, खासकर सेमीकंडक्टर, टेलीकॉम और आईटी सर्विसेज सेक्टर में. विशेषज्ञों का कहना है कि यह केवल एआई के कारण नौकरियां खत्म होने का मामला नहीं है, बल्कि कंपनियां पहले से ही लागत कम करने के लिए यह कदम उठा रही हैं. हालांकि एआई अब कंपनियों के हायरिंग और फायरिंग दोनों फैसलों को प्रभावित कर रहा है, जिससे पूरी इंडस्ट्री का स्ट्रक्चर बदल रहा है. .

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