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अब बिना प्लास्टिक पैकेजिंग और 100% रिसाइकल मटेरियल की ओर बढ़ा एपल, नई रिपोर्ट की जारी

Satya Report: एपल ने अपनी 2026 एनवायरनमेंटल प्रोग्रेस रिपोर्ट जारी कर दी है, जिसमें कंपनी ने पर्यावरण को लेकर कई बड़े कदमों का खुलासा किया है. रिपोर्ट के अनुसार 2025 में भेजे गए एपल के सभी प्रोडक्ट्स में करीब 30 प्रतिशत मटेरियल रिसाइकल्ड था. इसके साथ ही कंपनी ने बैटरी और मैगनेट जैसे अहम हिस्सों में 100 प्रतिशत रिसाइकल मटेरियल का इस्तेमाल शुरू कर दिया है. यह कदम न सिर्फ पर्यावरण के लिए अहम है बल्कि टेक इंडस्ट्री में एक नया स्टैंडर्ड भी सेट कर सकता है.

अब बिना प्लास्टिक पैकेजिंग और 100% रिसाइकल मटेरियल की ओर बढ़ा एपल, नई रिपोर्ट की जारी
अब बिना प्लास्टिक पैकेजिंग और 100% रिसाइकल मटेरियल की ओर बढ़ा एपल, नई रिपोर्ट की जारी

रिसाइकल मटेरियल और प्लास्टिक फ्री पैकेजिंग

एपल की रिपोर्ट के मुताबिक, 2025 में उसके सभी प्रोडक्ट्स में 30 प्रतिशत मटेरियल रिसाइकल्ड सोर्स से आया है, जो कंपनी के लिए एक बड़ा माइलस्टोन है. कंपनी अब अपने डिजाइन किए गए बैटरी में 100 प्रतिशत रिसाइकल कोबाल्ट और सभी मैगनेट में 100 प्रतिशत रिसाइकल रेयर अर्थ एलिमेंट्स का इस्तेमाल कर रही है. इसके अलावा एपल ने अपने प्रोडक्ट पैकेजिंग से प्लास्टिक को पूरी तरह हटा दिया है और अब फाइबर बेस्ड पैकेजिंग का इस्तेमाल किया जा रहा है, जिसे घर पर ही रिसाइकल किया जा सकता है. सीईओ टिम कुक ने कहा कि यह कदम दिखाता है कि इनोवेशन और पर्यावरण सुरक्षा साथ-साथ चल सकते हैं.

कार्बन न्यूट्रल लक्ष्य और ग्रीन एनर्जी

एपल अपनी 2030 तक कार्बन न्यूट्रल बनने की योजना पर तेजी से काम कर रहा है. रिपोर्ट के अनुसार, 2025 में कंपनी के ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन 2015 के मुकाबले 60 प्रतिशत से ज्यादा कम हो चुके हैं. कंपनी ने अपने सप्लायर प्रोग्राम के तहत 20 गीगावाट से ज्यादा रिन्यूएबल एनर्जी का इस्तेमाल किया, जिससे 38 मिलियन मेगावाट घंटे से ज्यादा बिजली पैदा हुई. इसके अलावा एपल ने अपने ऑफिस, स्टोर और डेटा सेंटर के लिए 100 प्रतिशत स्वच्छ बिजली सुनिश्चित करने के लिए अतिरिक्त 1.8 गीगावाट ऊर्जा जोड़ी है. यह कदम दिखाता है कि कंपनी ऊर्जा के क्षेत्र में भी बड़े बदलाव ला रही है. .

नई रिसाइक्लिंग टेक्नोलॉजी

एपल ने अपने एडवांस्ड रिकवरी सेंटर में कोरा नाम की नई रिसाइक्लिंग लाइन शुरू की है, जो मशीन लर्निंग और सेंसर टेक्नोलॉजी की मदद से ज्यादा मटेरियल रिकवर कर सकती है. इसके साथ ही एआरआईएस सिस्टम भी विकसित किया गया है, जो इलेक्ट्रॉनिक कचरे को बेहतर तरीके से पहचान और अलग करता है. कंपनी ने मैकबुक नियो जैसे प्रोडक्ट भी लॉन्च किए हैं, जिसमें 60 प्रतिशत तक रिसाइकल मटेरियल का इस्तेमाल किया गया है. इसके अलावा पानी बचाने के लिए नई एनोडाइजेशन प्रक्रिया अपनाई गई है, जिससे 70 प्रतिशत तक पानी दोबारा इस्तेमाल किया जा सकता है. एपल का लक्ष्य आने वाले वर्षों में इन तकनीकों को और व्यापक स्तर पर लागू करना है.

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